जनकपुरी मौत मामले पर सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार और पुलिस को घेरा, पूछा- FIR से कैसे हटा ठेकेदार का नाम

जनकपुरी में सड़क के गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय युवक कमल ध्यानी की मौत पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है. आप प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार जश्न मना रही है, जबकि पीड़ित परिवार शोक में है.

जनकपुरी मौत मामले पर सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार और पुलिस को घेरा, पूछा- FIR से कैसे हटा ठेकेदार का नाम
Saurabh Bhardwaj (File Photo)

आम आदमी पार्टी ने जनकपुरी में सड़क में खोदे गड्ढे में गिर कर हुई 25 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत के बीच जश्न मना रही भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर तीखे हमले बोले हैं. ‘‘आप’’ दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि देश की सबसे बेशर्म दिल्ली सरकार आज जश्न मना रही है और जनकपुरी में मरने वाले कमल ध्यानी की मां आंसू बहा रही है. रेखा गुप्ता एक महिला और एक मां भी हैं.कमल ध्यानी उनके बेटे की तरह ही था. क्या रेखा गुप्ता उसकी मां से नजर मिलाकर बात कर सकती हैं? अभी उसकी चिता ठंडी भी नहीं हुई है और सीएम रेखा गुप्ता रामलीला मैदान में सरकार का एक साल पूरा होने का जश्न मना रही हैं. इतनी बेशर्म सरकार हमने आज तक नहीं देखी. मुख्यमंत्री अब तक कमल ध्यानी के परिवार से मिलने तक नहीं गईं. लेकिन राम लीला मैदान में ढोल बजाए जा रहे हैं. कोई महिला मुख्यमंत्री ऐसा कैसे कर सकती है?

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 25 वर्षीय कमल ध्यानी रोहिणी से अपने घर की तरफ चला. जनकपुरी में सड़क में एक गड्ढा था जो दिखा नहीं और वहां कोई बैरिकेड भी नहीं था और वह उसमें गिर गया. वह रात भर वहीं पड़ा रहा और पता नहीं कब उसकी मौत हो गई. अभी तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई है. ज्यादातर मामलों में 24 घंटे में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ जाती है. 6 फरवरी की सुबह पोस्टमॉर्टम हुआ था और आज 8 फरवरी हो गई है, लेकिन रिपोर्ट नहीं आ रही. ऐसा लगता है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट छुट्टी पर गई हुई है.

FIR में ठेकेदार का नाम हटाने का आरोप 

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एफआईआर से ठेकदार का नाम हटा दिया गया है और दिल्ली पुलिस मजदूर के पीछे दौड़ रही है. सुना है कि उत्तर प्रदेश में जाकर मजदूर पकड़ा जा रहा है. बीजेपी सरकार का ठेकेदार से क्या रिश्ता है कि उसका नाम लेने से हलक तक जुबान रुक जाती है और मजदूरों को पकड़ा जा रहा है? लेकिन झूठ बोलने वाले दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा और आशीष सूद को कौन पकड़ेगा? प्रवेश वर्मा ने कहा था कि 100-100 मीटर पर पूरी बैरिकेडिंग थी और आशीष सूद ने कहा था कि सुरक्षा के सारे इंतजाम थे। जबकि सुबह मृतक युवक कमल के भाई करन, उसके परिवार वाले और दोस्तों ने कैमरे पर साफ कहा कि वहां कोई बैरिकेडिंग नहीं थी और बिल्कुल खुला मैदान था.

सौरभ भारद्वाज ने उठाया सवाल 

सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि क्या इन झूठे मंत्रियों के ऊपर कोई कार्रवाई होगी कि इन्होंने लीपापोती करने की कोशिश की? इन्होंने जांच को गलत तरीके से प्रभावित करने और असली दोषियों को बचाने की कोशिश की. क्या प्रवेश वर्मा और आशीष सूद के ऊपर भी मुकदमा चलेगा? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब पुलिस की एफआईआर में आ गया है कि बैरिकेडिंग नहीं थी. एक मजदूर योगेश को पकड़ने के लिए पुलिस उत्तर प्रदेश तक गई है. मजदूर का दोष बताया जा रहा है कि उसने सब-कॉन्ट्रैक्टर को नहीं बताया. उनके हिसाब से उसे फांसी दे देनी चाहिए, मगर उन छह पुलिस स्टेशनों का क्या, जहां कमल के पिता, भाई और दोस्त रात भर घूमे और छह के छह थानों ने उनकी शिकायत तक दर्ज नहीं की, यहां तक कि डायरी एंट्री भी नहीं की.

पुलिस को मिल रही ऊपर से हिदायत: सौरभ भारद्वाज  

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर पुलिस स्टेशनों के ऊपर कार्रवाई नहीं हो रही, तो इसका मतलब है कि पुलिस को ऊपर से हिदायत थी कि ऐसे मामलों में शिकायत दर्ज नहीं करनी है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि उन आंकड़ों को कम रखा जा सके, जिन पर पूरी सरकार चलाई जाती है। कोई लड़की छेड़छाड़ की शिकायत करने आती है तो उसे भगा दिया जाता है, कोई गुमशुदगी की शिकायत करने जाता है तो उसे भगा दिया जाता है और लड़ाई-झगड़े की शिकायत को रफा-दफा कर दिया जाता है. इस तरह आंकड़े मैनेज किए जाते हैं.

SHO पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई 

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उन छह थानों में रिपोर्ट दर्ज न होने और उन पर कार्रवाई न होने का कारण यह है कि पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के स्तर पर बाकायदा ट्रेनिंग दी गई है. सभी एसएचओ, कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबलों को कहा गया है कि जहां तक हो सके रिपोर्ट न लिखी जाए. अगर बहुत जरूरी हो तो ही लिखें. जनकपुरी पुलिस स्टेशन की एफआईआर में पहली डायरी एंट्री सुबह 8ः06 बजे की है, जब फोन आया कि गड्ढे में एक लड़का बाइक समेत पड़ा है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सतीश गोलचा अपने एसएचओ को कहते हैं कि शिकायत दर्ज नहीं करनी है और सतीश गोलचा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यही कहते हैं. इसमें अब कोई दो राय नहीं बची है. अगर ऐसा न होता तो अब तक पुलिस के एसएचओ या सतीश गोलचा के ऊपर कार्रवाई हो चुकी होती. लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह के स्तर पर कहा गया है कि आंकड़ों को कम रखना है.

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सौरभ भारद्वाज ने अंतिम में यह कहा कि बीजेपी का मकसद अपराध को कम करना नहीं, बल्कि अपराध के आंकड़ों को कम करना है. एक्यूआई को कम करना है, प्रदूषण को नहीं. नकली यमुना बनानी है, असली यमुना को साफ नहीं करना है. यह फर्जीवाड़े की लेबोरेटरी गुजरात से शुरू हुई थी और आज पूरे देश में लागू है. हर चीज में फर्जीवाड़ा, हर चीज में फ्रॉड और डेटा में फर्जीवाड़ा करके देश को चलाने की कोशिश की जा रही है.

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