RSS कार्यालय पर बम फेंकने वाले सैफ ने की भागने की कोशिश, पुलिस ने तुरंत लगाया ठिकाने, ISI एंगल की भी जांच
रांची में संघ कार्यालय के हमलावर सैफ पर शिकंजा कस गया है. मामले को भटकाने के लिए सैफ ने अपना नाम रोहित रखा था. उसने दो बार भागने की कोशिश भी की.
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Ranchi RSS Office Attack: रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ऑफिस पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. पुलिस ने आरोपी सैफ को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. इस दौरान गोली उसके पैर में लगी थी. हिरासत के दौरान आरोपी सैफ ने दो बार भागने की कोशिश की.
पुलिस के अनुसार, RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में गिरफ्तार आरोपी को कोतवाली थाना परिसर के हवालात में रखा गया था. गुरुवार दोपहर वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया. इसके बाद पुलिस की टीमों ने उसका पीछा किया. कमांडर क्षेत्र में आरोपी को घेरने की कोशिश के दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और फायरिंग शुरू कर दी.
RSS ऑफिस पर कब हुआ था हमला?
रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर 16 जून की देर रात पेट्रोल बम से हमला किया गया था. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था. पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
CCTV फुटेज में दो युवक कार्यालय परिसर की ओर बम फेंकते दिखाई दिए थे. घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और कार्यालय को भी बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा था. सैफ के अलावा अन्य दो आरोपी अमन अंसारी और सायम सुजान भी अरेस्ट किए गए हैं.
पुलिस ने सैफ समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था. लेकिन सैफ कोतवाली थाना की हाजत से खिड़की तोड़कर फरार हो गया था. उसके भागने की पूरी घटना थाना में लगे CCTV कैमरे में भी कैद हुई है. आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और उसकी तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया था. आरोपी का पीछा करने के दौरान ही उसने पुलिस पर फायरिंग करने की कोशिश की. पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी घायल हो गया.
शिकायत में इसे एक गंभीर साजिश बताते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी.
पुलिस ने मामले में यूएपीए की धाराएं भी जोड़ी हैं. आरएसएस की ओर से कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाने और परिसर के आसपास स्थायी पुलिस पिकेट स्थापित करने की मांग की गई है.
पाकिस्तान से कैसे जुड़ रहा लिंक?
जांच में सामने आया है कि हमले से पहले RSS दफ्तर की पूरी तरह रेकी की गई थी. यानी हमलावरों ने पहले दफ्तर की निगरानी की और उसके बाद हमले को अंजाम दिया. हमले में इस्तेमाल पेट्रोल बम भी पहले ही तैयार कर लिए गए थे.
बताया ये भी जा रहा है कि मामले को भटकाने के लिए सैफ ने अपना नाम रोहित रखा था. इस हमले के पीछे पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी और ISI से जुड़े एक मॉड्यूल पर शक जताया जा रहा है. जांच एजेंसियां मामले की गहनता से तफ्तीश करते हुए एक-एक कड़ियां जोड़ रही हैं. वहीं, अमन अंसारी के भी ISI कनेक्शन की जांच हो रही है. बताया जा रहा है जब वह दुबई में था तब पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था.
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संगठन का कहना है कि कार्यालय परिसर में नियमित रूप से कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी रहते हैं. ऐसी घटना भविष्य में बड़े खतरे का कारण बन सकती है. जांच एजेंसियां हमले के पीछे की साजिश, आरोपियों के आपसी संपर्क और संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं.