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मुस्लिमों के गढ़ में भगवा लहराया! 11 मुस्लिम प्रत्याशियों के बीच 1 अकेले हिन्दू ने कैसे मारी बाज़ी

यूपी की 9 विधानसभा सीटों पर चल रही काउंटिंग के बीच कुंदरकी विधानसभा सीट का नतीजा सबसे चौंकाने वाला दिखाई दे रहा है। साल 1993 के बाद बीजेपी यहां जीत दर्ज करती हुई नजर आ रही है। 11 मुस्लिम प्रत्याशियों के बीच एकमात्र हिंदू प्रत्याशी रामवीर सिंह 50,000 वोटो से आगे चल रहे हैं।

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यूपी की 9 विधानसभा सीटों पर नतीजों की काउंटिंग जारी है। इनमें 6 सीटों पर बीजेपी जीत की तरफ बढ़ रही है। 3 सीट पर सपा हावी है। लेकिन इन सभी 9 सीटों में सबसे चौंकाने वाला नतीजा मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा से आ रहा है। जहां मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में बीजेपी के हिंदू कैंडिडेट बाजी अपने नाम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि नतीजे अभी घोषित नहीं हुए है। लेकिन बीजेपी प्रत्याशी रामवीर ठाकुर 50,000 वोटों से लीड बनाए हुए हैं। सपा कैंडिडेट को सिर्फ 7,000 वोट मिले हैं। यह आंकड़ा दोपहर 12 तक का है। ऐसे में इनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। 

11 मुस्लिम कैंडिडेट के बीच अकेला हिंदू उम्मीदवार 

दरअसल, कुंदरकी विधानसभा सीट मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है। यही वजह है कि इस सीट पर सभी पार्टियों ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। इनमें कुल 11 मुस्लिम कैंडिडेट थे। लेकिन बीजेपी ने एकमात्र हिंदू प्रत्याशी रामवीर ठाकुर को उतारा था। उसके बावजूद रामवीर ठाकुर यहां से जीत दर्ज करते हुए दिखाई दे रहे हैं। सपा ने हाजी मोहम्मद रिजवान को उतारा है। जिन्हें 40 साल का राजनीतिक अनुभव है। वह 2002,12 और 17 में इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं। 

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सपा के गढ़ में बीजेपी ने सेंध लगाई 

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मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट सपा का गढ़ मानी जाती है। लेकिन बीजेपी ने इस बार जो दांव लगाया है। उससे अखिलेश यादव के भी होश उड़े हुए हैं। इस सीट पर 60% मुस्लिम मतदाता हैं। यहां कुल 57.7 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। बीजेपी साल 1993 से इस सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई है। सपा ने मुस्लिम कैंडिडेट को टिकट दिया। फिर भी जनता ने उसे नकार दिया। यह उलटफेर विपक्ष के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 

मुसलमानों का वोट बंटने से सपा को हुआ नुकसान 

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कुंदरकी विधानसभा सीट पर बीजेपी ने रामवीर सिंह को उतारा था। वह एकमात्र हिंदू प्रत्याशी थे। बाकी अन्य पार्टियों ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारे। सपा के अनुभवी कैंडिडेट को जो वोट मिलना चाहिए था। वह नहीं मिला। दरअसल, इस सीट पर 60 प्रतिशत मुसलमानों का जो वोट था। वह 11 मुस्लिम प्रत्याशियों के बीच बंट गया। 40 प्रतिशत हिंदू  वोटर थे। उनमें अधिकतर बीजेपी के साथ बने रहे। इस सीट पर सपा की हर में AIMIM  की भी भूमिका रही। जिन्होंने वोट काटने का काम किया। आजाद समाज पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के मुस्लिम कैंडिडेट ने भी सपा के वोट बैंक में जमकर सेंधमारी की। 

बीजेपी की बढ़त की एक और बड़ी वजह रही 

कुंदरकी विधानसभा सीट के नतीजों को देखकर साफ हो चुका है कि रामवीर सिंह यहां से चुनाव जीत रहे हैं। 50,000 वोटों से वह लीड बनाए हुए हैं। बीजेपी की बढ़त में मुस्लिम वोटर्स का वोट बंटना तो काफी फायदेमंद रहा। दूसरी वजह यह भी रही कि योगी आदित्यनाथ ने एग्रेसिव कैंपेन किया। रामवीर सिंह ने भी मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी जगह बनाई और उनकी जीत में यह भी हो सकता है कि मुसलमानों ने भी उन्हें वोट किया हो। बीजेपी के मुस्लिम लीग और मुस्लिम नेताओं ने कुंदरकी में कई दिनों से डेरा जमाए हुए थे। जिसका फायदा नतीजों में देखने को मिल रहा है। समाजवादी पार्टी की बात की जाए। तो अंदरूनी तौर पर कई नेताओं में गुटबाजी की भी खबरें सामने आई थी। 

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करारी हार की तरफ बढ़ रहे सपा प्रत्याशी का आया बयान

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कुंदरकी विधानसभा सीट पर लगातार पिछड़ते जा रहे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हाजी मोहम्मद रिजवान का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि सरकार ने वोट नहीं पड़ने दिया। चुनाव में जमकर धांधली हुई है। अब क्या मतगणना के लिए तैयार रहे। सरकार में अल्पसंख्यक कौन सा सेफ है। यहां फिर से चुनाव कराया जाए। मुझे पुलिस पर भरोसा नहीं है। 

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