पंजाब की ‘AAP’ सरकार ने बजट में पूरा किया चुनावी वादा, महिलाओं की हो गई बल्ले-बल्ले
Punjab: बजट में राज्य की जीएसडीपी को 9,80,635 करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है और विकास दर 10 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है. वित्त मंत्री ने बजट को सभी चुनावी वादों को पूरा करने वाला बताया.
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Punjab Budget: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वर्ष 2026-27 के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार का पांचवां बजट पेश किया, जिसमें कुल 2,60,437 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया. बजट में राज्य की जीएसडीपी को 9,80,635 करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है और विकास दर 10 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है. वित्त मंत्री ने बजट को सभी चुनावी वादों को पूरा करने वाला बताया.
महिलाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बजट में सबसे बड़ी घोषणा ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ की रही. इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और दलित वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये सीधे उनके खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे. वित्त मंत्री ने बताया कि इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है और लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाओं को इससे लाभ मिलेगा.
साथ ही, महिलाओं के कल्याण के लिए मुफ्त बस यात्रा सुविधा जारी रखी जाएगी, आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए 932 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और जरूरतमंद महिलाओं एवं किशोरियों को मुफ्त सेनेटरी पैड देने के लिए नई दिशा योजना के लिए 65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
शिक्षा क्षेत्र में विशेष निवेश
शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में 19,279 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 7 प्रतिशत अधिक है. वित्त मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन में पंजाब की शिक्षा प्रणाली ने शीर्ष स्थान हासिल किया है. इसके अलावा, “शिक्षा क्रांति 2.0” योजना के तहत 3,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट विश्व बैंक के सहयोग से लागू किया जाएगा.
बजट में स्कूलों के बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण, शौचालय निर्माण, सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था, सफाई अभियान और डिजिटल शिक्षण के लिए 395 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. उच्च शिक्षा में 1,760 करोड़ रुपये ग्रांट-इन-एड के रूप में और तकनीकी शिक्षा के लिए 569 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके तहत जेलों में आईटीआई स्थापित करना और श्री आनंदपुर साहिब में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय की सैद्धांतिक मंजूरी भी शामिल है.
स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र के लिए बजट
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 6,879 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 65 लाख परिवारों को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा, इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
आम आदमी क्लीनिक का नेटवर्क 881 से बढ़ाकर 1,432 किया जाएगा. सरकारी अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों के लिए 300 करोड़ रपये, ट्रॉमा सेंटर और मातृ-शिशु स्वास्थ्य अस्पताल स्थापित करने की व्यवस्था की गई है. मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए 1,220 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
कृषि, उद्योग और ग्रामीण विकास
कृषि क्षेत्र के लिए 15,377 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसमें किसानों को मुफ्त बिजली, बीटी कपास के बीजों पर सब्सिडी, धान और मक्का की खेती प्रोत्साहन, बागवानी परियोजनाओं और डेयरी किसानों के लिए सहायता शामिल है.
ग्रामीण विकास के लिए 7,606 करोड़ रुपये से 19,876 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का आधुनिकीकरण किया जाएगा. इसके अलावा मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 1,500 करोड़ और 800 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में रंगला पंजाब योजना को भी दोगुना कर 1,170 करोड़ रुपये किया गया है.
उद्योग और रोजगार क्षेत्र में औद्योगिक नीति 2026 के तहत 500 करोड़ रुपये निवेश प्रोत्साहन के लिए और सरकारी विभागों में 63,943 नई भर्ती के लिए 287 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
बुनियादी ढांचा, शहरी विकास और ऊर्जा
शहरी विकास के लिए 7,257 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है. इसमें नगर विकास फंड बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये, नहर आधारित जल आपूर्ति परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये और अमृत 2.0 परियोजनाओं के लिए 665 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
बिजली वितरण नेटवर्क के आधुनिकीकरण के लिए “मिशन रोशन पंजाब” योजना के तहत 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. उपभोक्ताओं पर सब्सिडी बोझ को कम करने और बिजली लाइनों के विस्तार पर भी ध्यान दिया गया है.
सामाजिक कल्याण, नागरिक सेवाएं और संस्कृति
सामाजिक कल्याण और न्याय क्षेत्र के लिए 18,304 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें 6,150 करोड़ रुपये मासिक पेंशन और अनुसूचित जाति उप-योजना के लिए 17,700 करोड़ रुपये शामिल हैं.
सरकार ने लगभग 40 लाख परिवारों को मुफ्त राशन किटें देने के लिए “मेरी रसोई” योजना की शुरुआत की है. नागरिक सेवाओं में डिजिटल प्लेटफॉर्म और घर-घर सेवाओं की सुविधा लागू की गई है. धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 412 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
वित्तीय स्वास्थ्य और राजस्व अनुमान
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फाइनेंस मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां 1,26,190 करोड़ रुपये अनुमानित हैं. आबकारी, जीएसटी और रजिस्ट्री से 53,122 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. ऋण-से-जीएसडीपी अनुपात 48.25 प्रतिशत से घटाकर 44.47 प्रतिशत कर दिया गया है. बजट में बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं पर निवेश को प्राथमिकता दी गई है.
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