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ऑपरेशन शेरावाली: पहाड़ियों की तलहटी से लेकर गुफाओं तक… खूंखार आतंकियों के खात्मे का काउंटडाउन

पहाड़ों पर उड़ते हेलिकॉप्टर, चप्पे-चप्पे को छान रहे ड्रोन्स और सेना की कई विंग्स एक साथ राजौरी में मुश्किल और बड़े ऑपरेशन को अंजाम दे रही हैं. पहाड़ों में आतंकियों के छुपे होने की खबर मिलने के बाद सेना का ऑपरेशन शुरू हुआ.

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30 May 2026
( Updated: 30 May 2026
01:56 PM )
ऑपरेशन शेरावाली: पहाड़ियों की तलहटी से लेकर गुफाओं तक… खूंखार आतंकियों के खात्मे का काउंटडाउन
Source- IANS/Videograb
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Rajouri Operation Sherawali: जम्मू-कश्मीर के राजौरी इलाके में आतंकियों के खिलाफ बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. जिसमें सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ मिलकर आतंकियों को पहाड़ियों की तलहटी से खोजकर सफाया करने में जुटी है. इस ऑपरेशन को ‘शेरावाली’ नाम दिया गया है. जो करीब 8 दिनों से चल रहा है. 

सुरक्षाबलों ने यह ऑपरेशन इलाके में संदिग्ध आतंकवादियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू किया था. सेना कई मौर्चों पर आतंकियों के खिलाफ चक्रव्यूह रचते हुए घेरने की कोशिश में जुटी है. 

घनी पहाड़ियों के बीच छुपे हैं आतंकी! 

जानकारी के मुताबिक, राजौरी जिले के मंजाकोट सेक्टर में गंभीर मुगलान और डोरीमल के घने जंगल वाले इलाके में 2 से 3 आतंकियों के छिपे होने आशंका है. पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है. इलाके में पिछले दिनों रुक-रुककर धमाके और गोलीबारी भी हुई है. भारतीय सेना ने आतंकवादियों के खिलाफ जारी इस अभियान को 'ऑपरेशन शेरवाली' को नाम दिया है. 

सेना की अलग-अलग टुकड़ियों के साथ हेलिकॉप्टर और ड्रोन्स चप्पे-चप्पे को छान रहे है. सुरक्षाबलों ने जंगलों और पहाड़ों को घेरा हुआ है. जिससे आतंकी यहां ज्यादा दिन नहीं छिपे रह सकते. सूत्रों के मुताबिक, जि आतंकियों के पहाड़ों और जंगलों में छुपे होने की खबर है. उनका कनेक्शन पाकिस्तानी सेना से है. यानी वह पाकिस्तान में कमांडर रह चुका है.  

पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमों ने पिछले हफ्ते संदिग्ध गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिलने के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था. अधिकारियों ने बताया कि दो से तीन लोगों के मौजूद होने की खबरें मिली थीं, जिसके बाद इलाके की पूरी तरह से तलाशी ली गई. सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के संदिग्ध छिपने की जगहों पर गोलाबारी भी की थी. राजौरी जिले की पीर पंजाल रेंज में स्थित यह जंगली इलाका, अपनी खड़ी पहाड़ियों, घने जंगलों और सीमित पहुंच के कारण आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में से एक माना जाता है. 

जगह-जगह चेकपॉइंट, जवानों की पैनी नजर 

ऑपरेशन के बीच सुरक्षाकर्मियों ने आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. जगह-जगह चेकपॉइंट बनाए गए हैं, साथ ही, वाहनों और पैदल चलने वालों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है. पूरे दिन तलाशी अभियान जारी रहा, जिसके तहत सुरक्षा बलों ने जंगल के कई हिस्सों में व्यवस्थित तरीके से सघन तलाशी अभियान चलाए. हालांकि इस अभियान में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है.

गौरतलब है कि सुरक्षाबलों ने बीते कुछ समय में जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद को नामोनिशान मिटाने के लिए अपने अभियान को तेज किया है. दो हफ्ते पहले नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को ढेर किया था. इससे पहले, जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के मददगार और अन्य संदिग्धों के ठिकानों पर भी छापे मारे गए थे. 

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ऑपरेशन शेरावाली नाम क्यों दिया गया? 

आतंकियों को गुफाओं से निकालने वाले सेना के इस ऑपरेशन के नाम की भी काफी चर्चा हो रही है. आखिर ऑपरेशन को ‘शेरावाली’ नाम क्यों दिया गया? 

दरअसल, शेरावाली मां दुर्गा को कहा जाता है. सिंह (शेर) जिनकी सवारी होता है. ऐसे में सेना के इस ऑपरेशन को शेरावाली नाम देने के पीछे उनका शौर्य, साहस और सिंह जैसी ताकत यानी शक्ति से कनेक्शन है. इसके साथ-साथ यह नाम उग्रता का आह्वान भी करता है. जो अपने आप में सेना के लिए बड़ा मोटिवेशन है. वहीं, दूसरी ओर राजौरी इलाके वैष्णों देवी माता मंदिर के पास भी है. 

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