योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, मेट्रो विस्तार, OBC आयोगी सहित इन 12 प्रस्तावों को दी हरी झंडी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, बिजली और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, ऊर्जा व्यवस्था, नगरीय परिवहन और पंचायत आरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार ने पूर्वांचल में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने और महानगरों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़े फैसले लिए गए.
₹2799 करोड़ की बिजली परियोजना को स्वीकृति
मंत्रिमंडल के निर्णयों को आगामी वर्षों में प्रदेश के विकास और निवेश के लिहाज से अहम माना जा रहा है. बैठक में मिर्जापुर में 765/400 केवी क्षमता वाले विद्युत संकलन उपकेंद्र और उससे जुड़ी पारेषण लाइनों की स्थापना को स्वीकृति दी गई. करीब 2799.47 करोड़ रुपए की इस परियोजना से प्रदेश में उत्पादित बिजली की निकासी और आपूर्ति व्यवस्था अधिक मजबूत होगी.
855 करोड़ से मरीजों को मिलेंगी उन्नत सुविधाएं
सरकार का कहना है कि इससे घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली मिल सकेगी. साथ ही औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा. इस दौरान उन्होंने डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के शहीद पथ स्थित नए परिसर में 1,100 शैय्याओं वाले अत्याधुनिक आपात चिकित्सा केंद्र, शिक्षण भवन और बाह्य रोगी विभाग (OPD) भवन के निर्माण को भी मंजूरी दी. लगभग 855 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस परियोजना से राजधानी समेत आसपास के जिलों के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.
आगरा-लखनऊ मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी
इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. सरकार का मानना है कि मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल का विस्तार आवश्यक हो गया था. इससे प्रयागराज मंडल के कई जिलों के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी. बैठक में आगरा और लखनऊ में मेट्रो परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी. आगरा में दूसरे गलियारे के लिए मेट्रो स्टेशन और ऊपरी मार्ग निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई.
पशु चिकित्सा छात्रों का भत्ता बढ़ेगा
वहीं, लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक पूर्व-पश्चिम गलियारे के निर्माण के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति दी गई. इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 5,801 करोड़ रुपए बताई गई है. बैठक में पशु चिकित्सा के विद्यार्थियों के प्रशिक्षण भत्ते में वृद्धि करने का निर्णय भी लिया गया. सरकार का कहना है कि इससे विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग मिलेगा और पशु चिकित्सा सेवाओं में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी.
पंचायत चुनाव पिछड़ा वर्ग आयोग को मंजूरी
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इसके अलावा त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण तय करने के लिए 'उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को मंजूरी दी गई. आयोग पंचायतों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का अध्ययन कर आरक्षण संबंधी सुझाव देगा. आयोग में पांच सदस्य होंगे, जिनमें एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश को अध्यक्ष बनाया जाएगा. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए मिर्जापुर जिले में “सरदार पटेल एपेक्स विश्वविद्यालय” की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने को मंजूरी दी. यह विश्वविद्यालय चुनार तहसील के समसपुर गांव में स्थापित किया जाएगा.
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