देश में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 4 दिन में दूसरी बार कीमतों में बढ़ोतरी
Petrol-Diesel Price Hike: सरकारी तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने आज सुबह 6 बजे पेट्रोल, डीजल और LPG के नए दाम जारी किए. दिल्ली में पेट्रोल अब 98 64 रूपये प्रति लीटर हो गया है, जो पहले से 0.87 रूपये ज्यादा है.
Follow Us:
Petrol-Diesel Price Hike: सरकारी तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने आज सुबह 6 बजे पेट्रोल, डीजल और LPG के नए दाम जारी किए. दिल्ली में पेट्रोल अब 98 64 रूपये प्रति लीटर हो गया है, जो पहले से 0.87 रूपये ज्यादा है. वहीं, डीजल 91.58 रूपये प्रति लीटर हो गया, यानी इसमें 0.91 रूपये की बढ़ोतरी हुई. LPG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, यानी घरेलू गैस सिलेंडर के दाम वैसी ही रह गई है...
अलग-अलग शहरों में दाम
दिल्ली: पेट्रोल ₹98.64, डीजल ₹91.36, घरेलू LPG ₹913
लखनऊ: पेट्रोल ₹98.42, डीजल ₹91.73, घरेलू LPG ₹950.50
कोलकाता: पेट्रोल ₹109.70, डीजल ₹96.07, घरेलू LPG ₹939
पटना: पेट्रोल ₹109.54, डीजल ₹95.58, घरेलू LPG ₹1,002.50
जयपुर: पेट्रोल ₹108.94, डीजल ₹94.14, घरेलू LPG ₹916.50
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹107.14, डीजल ₹95.04, घरेलू LPG ₹915.50
हर शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं, क्योंकि इसमें टैक्स और अन्य खर्च भी शामिल होते हैं.
तेल कंपनियों का घाटा कम हुआ है
पिछले हफ्ते ही पेट्रोल-डीजल के दाम में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. इससे पहले तेल कंपनियों का रोज का घाटा करीब 1,000 करोड़ रुपये था, जो अब घटकर लगभग 750 करोड़ रुपये हो गया है.अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें महंगी हैं और रुपये की कीमत कमजोर है, इसलिए कंपनियों पर अभी भी दबाव है.
विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में कुछ राहत देने और कीमत बढ़ाने से पेट्रोल पर प्रति लीटर लगभग 10 रुपये और डीजल पर 13 रुपये का घाटा बचा है. लेकिन मई के अंत तक तेल कंपनियों का कुल घाटा 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है.
सरकार फिलहाल सब्सिडी नहीं दे रही
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कहा है कि तेल कंपनियों को राहत देने के लिए अभी कोई सरकारी सब्सिडी नहीं दी जाएगी. यानी कंपनियां अभी भी पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेच रही हैं.
ईरान युद्ध का असर
यह भी पढ़ें
हाल ही में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई प्रभावित हुई. इसका असर यह हुआ कि कच्चे तेल की कीमतें बहुत बढ़ गईं. सरकार ने लंबे समय तक घरेलू दाम स्थिर बनाए रखे, लेकिन 15 मई को पेट्रोल-डीजल के दाम में 3 रुपये की बढ़ोतरी करनी पड़ी. इसके 5 दिन बाद फिर से दाम बढ़ाए गए.
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें