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घुसपैठियों को रोकने के लिए बंगाल में बड़ा एक्शन, फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र रैकेट का खुलासा, जगह-जगह छापेमारी
छापेमारी के दौरान फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस को शक है कि यह गिरोह हाल ही में SIR की प्रक्रिया के दौरान एक्टिव हुआ है.
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अवैध कागजों के जरिए बंगाल में डेरा डालने वालों पर सुवेंदु सरकार ने बड़ा वार किया है. इसी कड़ी में बंगाल पुलिस फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले माफियाओं पर शिकंजा कस रही है.
गुरुवार सुबह से ही राज्य की अलग-अलग पंचायतों और नगर पालिका कार्यालयों में छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया गया.
छापेमारी के दौरान फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस को शक है कि यह गिरोह हाल ही में SIR की प्रक्रिया के दौरान एक्टिव हुआ है.
इन जिलों में हुई छापेमारी
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जिन जगहों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, उनमें बीरभूम जिले के सूरी, रामपुरहाट और दुबराजपुर, कूचबिहार जिले का कूचबिहार शहर और पश्चिम बर्दवान जिले का औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं.
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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘वोटर लिस्ट में तेजी से सुधार की प्रक्रिया के दौरान पूरे राज्य में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने के आरोप सामने आए थे. आरोप है कि कुछ पंचायतों और नगर पालिकाओं के कर्मचारियों की मिलीभगत से गलत तरीके से जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए और फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह सक्रिय हो गए.
यह भी आरोप लगाया गया कि फर्जी मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए इस तरह के अवैध काम को बढ़ावा दिया गया. अब प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इन गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें खत्म करने का फैसला किया है.
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इसके तहत गुरुवार सुबह से ही अलग-अलग नगर पालिका और पंचायत कार्यालयों में पुलिस की छापेमारी शुरू कर दी गई है, जो अभी भी जारी है. जांच अधिकारी संबंधित दफ्तरों में जन्म और मृत्यु पंजीकरण का काम संभालने वाले कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं.
क्या-क्या पता रही पुलिस?
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पुलिस इस मामले की आगे की जांच के लिए नगर पालिकाओं और पंचायतों के जन्म-मृत्यु पंजीकरण रजिस्टर और उनसे जुड़े दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कहीं कोई जन्म प्रमाण पत्र गैर-कानूनी तरीके से तो जारी नहीं किया गया है या फिर किसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर प्रमाण पत्र तो नहीं बनाया गया है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर जांच अधिकारी इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकते हैं.
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बंगाल में BJP की सरकार के सत्ता में आने के बाद घुसपैठियों पर एक्शन लिया जा रहा है. जो लोग अवैध कागजों को आधार बनाकर बंगाल में रह रहे हैं. इनमें ज्यादातर बांग्लादेश से आए हैं.
इसके बाद सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं. फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने दस्तावेजों के पंजीकरण की प्रक्रिया में भी बदलाव किए. कैबिनेट की बैठक के बाद इस संबंध में एक नया नोटिफिकेशन जारी किया गया था.