दिशा सालियान केस में हाईकोर्ट सख्त: 24 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेश, जांच पर उठे बड़े सवाल
सतीश सालियान ने याचिका में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी से दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या की गई. इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच सही तरीके से नहीं की गई.
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पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर तेजी से सुर्खियों में आ गया है. इस बार बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतिम जांच रिपोर्ट में देरी को लेकर सरकार और जांच एजेंसियों पर नाराजगी जताई है. अदालत ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जांच एजेंसी 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करे.
मामला फिर चर्चा में क्यों?
कोर्ट ने कहा कि आखिर फाइनल रिपोर्ट अब तक क्यों जमा नहीं की गई. सुनवाई के दौरान जब सरकारी पक्ष ने नए सबूतों की जांच का हवाला देते हुए समय मांगा, तो कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या इस तरह से जांच को अनिश्चित समय तक टाला जाता रहेगा?
पिता ने उठाए गंभीर सवाल
इस मामले में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने अपनी याचिका में मांग की है कि उनकी बेटी की मौत को आत्महत्या न मानते हुए हत्या का मामला दर्ज किया जाए. उनका कहना है कि अब तक की जांच में कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है और सच्चाई सामने लाने के लिए नए सिरे से जांच जरूरी है.
मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल
कोर्ट में चल रही इस सुनवाई ने एक बार फिर इस पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है.
दरअसल, दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में 14वीं मंजिल से गिरने के कारण हुई थी. उनकी मौत के कुछ दिन बाद 14 जून को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला भी सामने आया था. दिशा, सुशांत सिंह की पूर्व मैनेजर रह चुकी थीं. ऐसे में दोनों मामलों को जोड़कर देखा गया. मामले की जांच कर रही पुलिस ने दिशा सालियान की मौत को आत्महत्या करार दिया और बताया कि वह कई कारणों से डिप्रेशन से जूझ रही थीं, जिसके चलते उन्होंने खुदकुशी कर ली.
पुलिस की इस शुरुआती जांच से परिवार संतुष्ट नहीं था और लगातार इस पर सवाल उठाता रहा है.
सतीश सालियान ने लगाए बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोप
सतीश सालियान ने याचिका में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी से दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या की गई. इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच सही तरीके से नहीं की गई.
याचिका में मुंबई पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं. याचिका में आरोप लगाया गया कि मुंबई पुलिस ने फोरेंसिक सबूतों, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को नजरअंदाज करते हुए जल्दबाजी में इसे आत्महत्या का मामला मान लिया.
आदित्य ठाकरे पर FIR की मांग
इस याचिका में शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है, हालांकि आदित्य ठाकरे ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है. अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है.
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