×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

लालू यादव की मुक्शिलें बढ़ीं, लैंड फॉर जॉब मामले में हाई कोर्ट से लगा तगड़ा झटका, याचिका हुई खारिज

Land for Job Scam: दिल्ली हाई कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव की याचिका को खारिज कर दिया है. जानिए कोर्ट ने क्या कहा?

Author
24 Mar 2026
( Updated: 24 Mar 2026
07:35 PM )
लालू यादव की मुक्शिलें बढ़ीं, लैंड फॉर जॉब मामले में हाई कोर्ट से लगा तगड़ा झटका, याचिका हुई खारिज
Social_Media
Advertisement

लैंड फॉर जॉब मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाई कोर्ट ने मंगलवार को उनके खिलाफ दर्ज केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मामले को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है. 

दरअसल, लालू प्रसाद यादव ने अदालत में याचिका दायर कर यह दलील दी थी कि सीबीआई ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक मंजूरी हासिल नहीं की है, इसलिए पूरे मामले को निरस्त किया जाना चाहिए. हालांकि, हाईकोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि याचिका में कोई दम नहीं है. 

लालू यादव की याचिका कोर्ट से खारिज

अदालत की टिप्पणी में स्पष्ट किया गया कि प्रस्तुत दलीलें मामले को रद्द करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने लालू यादव की याचिका को खारिज कर दिया, जिससे उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.

लालू यादव पर नौकरी के बदले जमीन हड़पने का आरोप

Advertisement

गौरतलब है कि 'लैंड फॉर जॉब' मामला उन आरोपों से संबंधित है कि 2004 और 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रेलवे में नियुक्तियां की, जिसके बदले में उनके परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी संस्थाओं को जमीन के टुकड़े हस्तांतरित किए गए.

लालू परिवार ने आरोपों को नकारा, खुद को बताया निर्दोष

सीबीआई के अनुसार, उम्मीदवारों या उनके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर बाजार दर से कम कीमतों पर जमीन हस्तांतरित की, जो विभिन्न रेलवे जोन में नौकरियों के बदले में दी गई थी. हालांकि, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने इन आरोपों से इनकार किया है और खुद को निर्दोष बताया है. उन्होंने कहा है कि वे इस मामले को इसके गुण-दोष के आधार पर लड़ेंगे.

जांच एजेंसी ईडी के पास पुख्ता सबूत!

आपको बताते चलें, इस मामले में ईडी भी जांच कर रही है. ईडी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत अन्य को मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपी बनाया है. जांच एजेंसी ने दावा किया कि मामले में आरोप तय करने के लिए उसके पास पुख्ता सबूत मौजूद हैं.

Advertisement

एके इंफोसिस्टम कंपनी के जरिए हेराफेरी!

यह भी पढ़ें

ईडी (ED) के अनुसार, जब लालू यादव रेल मंत्री (2004-2009) थे, तब 'ग्रुप डी' की नौकरियों के बदले में लोगों से जमीनें ली गईं. इन जमीनों को अक्सर सीधे लालू परिवार के बजाय एके इंफोसिस्टम्स के नाम पर लिया गया. एके इंफोसिस्टम कंपनी अमित कात्याल की है, जिन्हें लालू यादव और तेजस्वी यादव का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है. 2014 में इस कंपनी के सभी अधिकार और संपत्तियां राबड़ी देवी और मीसा भारती के नाम कर दिए गए.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें