पटना में 'प्राइड ऑफ पटना' सम्मान से नवाज़ी गईं लोकगायिका डॉ. नीतू कुमारी नवगीत, शहर के विकास में योगदान को मिली पहचान
पटना नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर, प्रख्यात लोकगायिका डॉ. नीतू कुमारी नवगीत को बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी द्वारा 'माय पटना माय प्राइड' अभियान के तहत सम्मानित किया गया. उन्होंने इस मौके पर खुशी का इजहार किया.
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स्वीप आइकॉन और पटना नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर, प्रख्यात लोकगायिका डॉ. नीतू कुमारी नवगीत इन दिनों देश, समाज और स्वच्छता, तीनों ही मोर्चों पर जन-जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभा रही हैं. इसी कारण नीतू नवगीत को पटना में 'माय पटना माय प्राइड' अभियान के तहत 'प्राइड ऑफ पटना' सम्मान से नवाजा गया. उन्हें ये सम्मान बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी द्वारा दिया गया. पटना के चाणक्य होटल में आयोजित एक भव्य समारोह में शहर के विकास और पहचान को बढ़ाने में उनके अहम योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया.
'प्राइड ऑफ पटना' नवाजी गईं लोकगायिका नीतू नवगीत
इस संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अवार्ड पाकर उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है. जब हमें अपने संस्कार गीतों के लिए और पर्यावरण के लिए इस तरह का जब अवार्ड मिलता है, तो बहुत ही अच्छा लगता है. और यह बहुत हमारे लिए खुशकिस्मती है कि पटना के प्राइड के रूप में हमारा नाम लिया जा रहा है.
आपको बता दें कि नीतू नवगीत देश और समाज के कई अभियानों से जुड़ी रही हैं. चुनाव आयोग के लिए मतदाता जागरूकता अभियान चलाना हो, स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करना हो, लोक-कला और संस्कृति को बढ़ावा देना हो, उनकी हमेशा अग्रणी भूमिका रहती है. इसकी बानगी उस समय दिखी जब उन्होंने बिहार चुनाव के दौरान घर-घर जाकर महिलाओं और युवाओं से भारी संख्या में वोट देने और अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की थी. इसका असर भी दिखा था, जब रिकॉर्ड संख्या में महिलाओं ने घर से बाहर निकलकर लोकतंत्र के इस महापर्व में भाग लिया और अपना योगदान दिया था.
उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा था कि "लोकतंत्र का महापर्व चुनाव है. जन-जन की भागीदारी से ही यह महापर्व यादगार और शानदार बनता है. इस महापर्व से लोकतंत्र को मजबूती मिलती है." उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि मिलजुल कर मतदान करें और वोटिंग प्रतिशत को बढ़ाएं. हर मतदाता महत्वपूर्ण है और हर वोट कीमती है. लोकतंत्र में अपनी ताकत दिखाएं, मतदान बूथ पर आकर अपना कर्तव्य निभाएं तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के सबसे बड़े अधिकार का प्रयोग करते हुए अपने जनप्रतिनिधि का चुनाव करें.
पटना नगर निगम की ब्रांड अंबेस्डर और लोक गायिका नीतू नवगीत को मिला बड़ा सम्मान तो सुनिये क्या कहा ? pic.twitter.com/mh8nhVtdp6
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) June 7, 2026
आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में स्वच्छता जागरूकता अभियान
वहीं, मतदाता जागरूकता के साथ-साथ डॉ. नवगीत ने पटना में कई बार स्वच्छता अभियान का भी नेतृत्व किया. पटना नगर निगम के नगर आयुक्त यशपाल मीणा की विशेष पहल और आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. शरद कुमार यादव के निर्देश पर विश्वविद्यालय परिसर में एक भव्य स्वच्छता जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें उनकी सक्रिय भूमिका रही थी.
स्वच्छ सर्वेक्षण में भागीदारी की महत्ता पर जोर
इस अवसर पर स्वच्छता जागरूकता अभियान में 'स्वच्छ सर्वेक्षण' की महत्ता पर जोर देते हुए डॉ. नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में भाग लेना कई कारणों से बहुत जरूरी है:
बकौल नीतू नवगीत, यह सर्वेक्षण लोगों को अपने आसपास की स्वच्छता के प्रति जागरूक करता है और शहर की स्वच्छता में सुधार के लिए अपने अहम सुझाव देने का मौका मिलता है. इतना ही नहीं, अच्छे प्रदर्शन वाले शहरों की प्रतिष्ठा बढ़ती है. सबसे महत्वपूर्ण, स्वच्छता से बीमारियों की रोकथाम होती है और हमारा पर्यावरण भी पूरी तरह स्वच्छ रहता है.
यह पहली बार नहीं है जब डॉ. नीतू नवगीत किसी सामाजिक अभियान की अगुवाई कर रही हैं. इससे पहले भी वे लगातार समाज को जागरूक करने का कार्य करती रही हैं, जैसे कि:
लोक कला का संरक्षण: एक प्रसिद्ध लोकगायिका के तौर पर उन्होंने बिहार के पारंपरिक और संस्कार गीतों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई पहचान दिलाई है.
पर्यावरण संरक्षण: विश्व पर्यावरण दिवस जैसे मौकों पर वे लगातार वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के अभियानों से जुड़कर लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करती रही हैं.
नगर निगम के साथ निरंतर भागीदारी: पटना नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर के रूप में उन्होंने इससे पहले भी कई वार्डों और मोहल्लों में जाकर 'कचरा पृथक्करण' (गीला और सूखा कचरा अलग करने) और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ चलाए गए अभियानों में जमीनी स्तर पर काम किया है.
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मतदाता जागरूकता (SVEEP): चुनाव आयोग के कार्यक्रमों के तहत वे पिछले कई चुनावों से नुक्कड़ नाटकों, लोकगीतों और सार्वजनिक मंचों के जरिए युवाओं और महिलाओं को वोट डालने के लिए प्रेरित करती आ रही हैं. उनका यह हालिया अभियान उसी सतत प्रयास की एक मजबूत कड़ी है.