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सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, 5 जवान घायल, एयरलिफ्ट कर भेजा गया रांची

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर क्षेत्र अंतर्गत छोटानगरा थाना इलाके के सारंडा जंगल में बुधवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. इस दौरान पूरे इलाके में कई घंटों तक ताबड़तोड़ गोलीबारी होती रही, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया.

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15 Apr 2026
( Updated: 15 Apr 2026
09:11 PM )
सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, 5 जवान घायल, एयरलिफ्ट कर भेजा गया रांची
Image Credits: IANS
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झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर अंतर्गत छोटानगरा थाना क्षेत्र के सारंडा के बलिबा जंगल में बुधवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ से पूरा इलाका दहल उठा. चारा डेरा और डोलाईगड़ा जंगल के बीच खुफिया सूचना के आधार पर चलाए जा रहे सघन सर्च अभियान के दौरान सुबह करीब 10 बजे सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू हो गई, जो दोपहर करीब 1:30 बजे तक जारी रही.

आईईडी ब्लास्ट में 5 जवान घायल

इस दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी बम में विस्फोट होने से स्थिति और गंभीर हो गई, जिसमें कोबरा 205 बटालियन के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश समेत कुल पांच जवान घायल हो गए. घायल जवानों में शैलेश कुमार दुबे, उत्तम सेनापति, जितेंद्र कुमार राय, प्रेम कुमार और इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश शामिल हैं. सभी घायलों को बुधवार शाम करीब 5 बजे बलिबा गांव से हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया, जिनमें एक जवान की हालत गंभीर बताई जा रही है.

नक्सलियों के हताहत होने की अपुष्ट खबर

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सूत्रों के अनुसार सुरक्षा बलों को पहले से सूचना मिली थी कि बलिबा के चारा डेरा–डोलाईगड़ा जंगल क्षेत्र में दर्जनभर नक्सली छिपे हुए हैं, जिसके बाद सुबह करीब 4 बजे से अभियान तेज कर दिया गया था. मुठभेड़ के दौरान 3 से 4 नक्सलियों के मारे जाने और कुछ के घायल होने की अपुष्ट खबर भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. घटना के बाद भी देर शाम तक सारंडा के जंगलों में रुक रुक कर गोलीबारी और धमाकों की आवाज गूंजती रही, जिसे आसपास के ग्रामीणों ने करीब 10 किलोमीटर तक सुना. फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा सघन सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि नक्सलियों की गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित किया जा सके.

कमजोर पड़ रहा नक्सल नेटवर्क

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस इलाके में बड़े नक्सली नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में अब करीब 50 से भी कम नक्सली सक्रिय बचे हैं. इन्हें समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है.

सरकार की समयसीमा के बाद तेज हुए अभियान

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गौरतलब है कि अमित शाह ने देशभर में नक्सलवाद के खात्मे के लिए समयसीमा 31 मार्च तय की थी, जिसके बाद झारखंड के सारंडा जंगल में भी अभियान तेज कर दिया गया है. सारंडा के एक थाना में सिमट कर रह गए नक्सलियों के खात्मे को लेकर हजारों की संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती कर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. फिलहाल पूरे इलाके में हाई अलर्ट है और सुरक्षा बल नक्सलियों की तलाश में जंगलों में गहन अभियान चला रहे हैं.

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