दुलारचंद हत्याकांड: फिर जेल जाएंगे मोकामा विधायक अनंत सिंह, सुप्रीम कोर्ट ने दिए सरेंडर के आदेश
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जन सुराज के नेता दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक दिसंबर तक अनंत सिंह को सरेंडर करने का आदेश दिया था.
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बिहार में बाहुबली नेता अनंत सिंह के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं. उन्हें एक के बाद एक लगातार कई सियासी झटके लग रहे हैं. पहले पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया अब उन पर जेल जाने का खतरा मंडराने लगा है. क्योंकि चर्चित दुलारचंद हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया है.
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जन सुराज के नेता दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में अनंत सिंह मुख्य आरोपी हैं. अब सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत बढ़ाने से इंकार कर दिया और उन्हें एक दिसंबर तक सरेंडर करना पड़ेगा.
पटना हाई कोर्ट ने दी थी जमानत
अनंत सिंह की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट में अनंत सिंह के वकील ने बताया कि उनके परिवार में 25 नवंबर को शादी है. इसके बाद कोर्ट ने अनंत सिंह के सरेंडर की तारीख एक दिसंबर तय की. इसके साथ ही कोर्ट ने बिहार सरकार को 4 महीने में अपनी जांच भी पूरी करने कहा है.
क्या है दुलारचंद हत्याकांड?
2025 को बिहार चुनाव के दौरान अनंत सिंह JDU के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे. जबकि जन सुराज की ओर से पीयूष प्रियदर्शी उन्हें टक्कर दे रहे थे. पीयूष प्रियदर्शी के चाचा और जन सुराज के नेता दुलारचंद उस समय लगातार रैलियां कर रहे थे.
30 अक्टूबर 2025 को चुनाव प्रचार के दौरान दोनों के काफिले आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच हिंसक लड़ाई हो गई. इसी हिंसा में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी. आरोप है कि अनंत सिंह के इशारे पर उन्हें गोली मारी गई थी. चुनाव प्रचार के बीच में ही अनंत सिंह को अरेस्ट किया गया था, बाद में उन्होंने चुनाव जीत लिया. इसके बाद जमानत पर बाहर आए.
MLC चुनाव में जन सुराज का किया था समर्थन
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अनंत सिंह हालिया MLC चुनावों के कारण चर्चा में रहे. जब उन्होंने NDA से बगावत कर जन सुराज के प्रत्याशी का समर्थन किया. इसके बाद पार्टी विरोधी गतिविधि के चलते उन्हें JDU ने 6 साल के लिए बाहर कर दिया. उनके साथ उनकी पत्नी नीलम देवी से भी राज्य मंत्री का दर्जा छीन लिया गया. इसके बाद अब अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है.