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बंगाल में 'UP स्टाइल एनकाउंटर' की चर्चा... BJP नेता दिलीप घोष ने साधा ममता सरकार पर निशाना, सरकार बनी तो अपराध मुक्त होगा प्रदेश

पश्चिम बंगाल में चुनाव नज़दीक आते ही टीएमसी और बीजेपी के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है. बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर पुलिस व्यवस्था बदली जाएगी और यूपी स्टाइल एनकाउंटर शुरू होंगे.

बंगाल में 'UP स्टाइल एनकाउंटर' की चर्चा... BJP नेता दिलीप घोष ने साधा ममता सरकार पर निशाना, सरकार बनी तो अपराध मुक्त होगा प्रदेश
Dilip Ghosh (File Photo)
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West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी माहौल भी पूरी तरह गरमा गया है. राज्य की सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के बीच तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल रही है. इसी बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष के एक बयान ने पूरे राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.

दिलीप घोष का बड़ा बयान

खड़गपुर में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए दिलीप घोष ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनती है, तो पुलिस व्यवस्था में पूरी तरह बदलाव किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ 'यूपी स्टाइल में एनकाउंटर' करना शुरू करेगी. इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है और इसे लेकर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

दिलीप घोष ने अपने भाषण में आरोप लगाया कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल की पुलिस सत्तारूढ़ पार्टी के इशारे पर काम कर रही है. उनके अनुसार, पुलिस अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में नाकाम रही है. उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजे आने के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था की तस्वीर बदल जाएगी. उन्होंने यहां तक कहा कि जो पुलिस आज माफियाओं के साथ बैठकर चाय पीती है, वह भविष्य में अपराधियों को सीधे जेल पहुंचाने का काम करेगी.

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टीएमसी की तीखी प्रतिक्रिया

इस बयान के सामने आते ही कोलकाता समेत पूरे राज्य में सियासी विवाद खड़ा हो गया. कोलकाता के मेयर और टीएमसी नेता फिरहाद हकीम ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'एनकाउंटर स्टाइल' उत्तर प्रदेश में चलता है, लेकिन पश्चिम बंगाल की अपनी अलग पहचान है. उन्होंने चुनाव आयोग से भी इस बयान पर ध्यान देने की मांग की. हालांकि आलोचनाओं के बावजूद दिलीप घोष अपने रुख पर कायम नजर आए. उन्होंने टीएमसी पर पलटवार करते हुए कहा कि वे लंबे समय से खड़गपुर में गुंडों और माफियाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ते आए हैं. उनका कहना है कि बीजेपी सत्ता में आने के बाद अपराध में शामिल हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

दिलीप घोष का राजनीतिक सफर

दिलीप घोष का राजनीतिक सफर भी इस चुनाव में चर्चा का विषय बना हुआ है. वे 2016 से 2019 तक खड़गपुर सदर से विधायक रह चुके हैं और इस बार भी बीजेपी ने उन्हें इसी सीट से उम्मीदवार बनाया है. यह सीट बीजेपी के लिए खास मानी जाती है, क्योंकि यहीं से पार्टी ने अपने पारंपरिक क्षेत्रों से बाहर विस्तार की शुरुआत की थी. उन्होंने अपने भाषण में यह भी आरोप लगाया कि पुलिस मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कटआउट हटाने में भी हिचकिचा रही है. उनका दावा है कि बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने कहा कि चुनाव निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के होने चाहिए.

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गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है, जबकि 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे. अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन तीखे बयानों के बीच किसे अपना समर्थन देती है और राज्य की सत्ता किसके हाथ में जाती है.

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