राम मंदिर पर CM योगी ने अखिलेश को दिया जवाब, कहा- मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने वाले...!
हाथरस में 548 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अयोध्या पर सवाल उठाने वालों को पहले रामलला के दर्शन कर पश्चाताप करना चाहिए.
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में 548 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, कानून-व्यवस्था और कांग्रेस-सपा गठबंधन जैसे कई मुद्दों पर विपक्ष को घेरा. उन्होंने कहा कि जो लोग अयोध्या की बात करते हैं, उन्हें पहले अपने पुराने फैसलों पर पश्चाताप करना चाहिए.
रामलला के दर्शन करने की दी सलाह
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या को किसी से पहचान लेने की जरूरत नहीं है. उन्होंने अखिलेश यादव का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें रामलला के दर्शन करने चाहिए, इससे सद्बुद्धि आएगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई खुद को धार्मिक बताना चाहता है तो उसे श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए. उनके मुताबिक, राम जन्मभूमि की तरह श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी अभियान चलना चाहिए.
सपा पर लगाए गंभीर आरोप
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर रामभक्तों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह वही पार्टी है, जिसकी सरकार में रामभक्तों पर गोलियां चली थीं और कांवड़ यात्रा तक बाधित की जाती थी. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार मंदिरों के विकास पर काम कर रही है, जबकि पहले सरकारी संसाधनों का उपयोग कब्रिस्तानों की बाउंड्री बनाने में किया जाता था. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में मथुरा भी बड़े विकास कार्यों का केंद्र बनेगा.
अखिलेश यादव पर साधा सीधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अखिलेश यादव पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास प्रदेश के विकास का कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष काशी, अयोध्या और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर गंभीर नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या की पहचान पूरी दुनिया में दोबारा स्थापित हुई है और यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है.
अखिलेश जी,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 28, 2026
आप अयोध्या की चिंता मत करिए, पश्चाताप करिए। एक बार प्रभु श्री रामलला का दर्शन कर लीजिए। कम से कम इसी से सद्बुद्धि आएगी...
आइए, खुलकर बोलिए कि श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए... pic.twitter.com/eoZEY6ze2P
कानून-व्यवस्था पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में दंगे और कर्फ्यू आम बात थे. कई जिलों में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं होती थीं, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित होता था. उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में न कोई बड़ा दंगा हुआ और न ही कर्फ्यू लगाने की नौबत आई. उनके अनुसार सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए हैं.
मुहर्रम के शांतिपूर्ण आयोजन का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में लगभग 12 हजार ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकले और कहीं भी किसी तरह का उपद्रव नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि प्रशासन की सलाह के अनुसार ताजियों की ऊंचाई नियंत्रित रखने से हाईटेंशन तारों जैसी संभावित दुर्घटनाओं से भी बचाव हुआ. उन्होंने इसे प्रशासन और जनता के सहयोग का सकारात्मक उदाहरण बताया.
कांग्रेस-सपा गठबंधन पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने कभी समाजवादी नेताओं को जेल भेजा था, आज उसी के साथ सपा खड़ी है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने संविधान के नाम पर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की और अब भी वही राजनीति जारी है.
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बताते चलें कि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है. वहीं उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.