कौन बनेगा राम मंदिर का नया CEO? 16 दिग्गजों के इंटरव्यू पूरे, अब 3 नामों में से एक पर लगेगी मुहर
राम मंदिर के नए CEO की चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में है. 16 उम्मीदवारों के इंटरव्यू के बाद अब तीन नामों का पैनल बनेगा, जिसमें से ट्रस्ट एक नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा.
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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की तलाश अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई है. राम मंदिर से जुड़े बड़े प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालने वाले इस पद के लिए देशभर से हजारों लोगों ने आवेदन किया था. अब इनमें से सिर्फ 16 उम्मीदवार अंतिम दौड़ में बचे हैं. 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में इन सभी उम्मीदवारों के आमने-सामने इंटरव्यू भी पूरे हो चुके हैं.
टीवी 9 की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम इंटरव्यू के बाद सर्च कमेटी सभी उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव और प्रदर्शन का बारीकी से मूल्यांकन करेगी. इसके बाद तीन नामों का पैनल तैयार कर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को सौंपा जाएगा. इन तीन नामों में से किसी एक उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला ट्रस्ट करेगा. यानी अभी नए CEO के नाम की घोषणा नहीं हुई है.
हजारों आवेदनों में से 16 तक पहुंची रेस
CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन मिले थे. इनमें से 3,877 उम्मीदवारों ने अपना विस्तृत CV जमा किया. प्रारंभिक जांच के बाद 1,580 आवेदनों पर विस्तार से विचार किया गया. इसके बाद करीब 111 उम्मीदवारों को ऑनलाइन इंटरैक्शन के लिए बुलाया गया. इस दौरान उम्मीदवारों के संचार कौशल, पेशेवर अनुभव, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व, विजन और तकनीकी समझ को परखा गया. कई स्तर की जांच के बाद सिर्फ 16 उम्मीदवारों को आमने-सामने इंटरव्यू के लिए चुना गया.
कौन-कौन रेस में शामिल?
अंतिम 16 उम्मीदवारों की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच है. इनमें सेना के पूर्व अधिकारी, रिटायर्ड IAS और IPS अधिकारी समेत सरकारी और निजी क्षेत्र से जुड़े अनुभवी पेशेवर शामिल हैं. उम्मीदवारों का अनुभव डिफेंस, ब्यूरोक्रेसी, कॉरपोरेट, इंडस्ट्री, एजुकेशन और IT जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में है. CEO के लिए सिर्फ प्रशासनिक अनुभव ही नहीं, बल्कि बड़े आयोजनों को संभालने की क्षमता, मानव संसाधन प्रबंधन, रणनीतिक सोच, तकनीकी समझ और भविष्य की योजना जैसे पहलुओं को भी अहम माना गया है.
सर्च कमेटी में कौन-कौन?
CEO के चयन के लिए बनी कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी और न्यूक्लियर साइंटिस्ट डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं. कमेटी में न्यायपालिका, रक्षा, प्रशासन और विज्ञान जैसे क्षेत्रों का अनुभव मौजूद है.
बुधवार को भी हुए इंटरव्यू
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को छह उम्मीदवारों ने इंटरव्यू दिया. इनमें पूर्व IPS अधिकारी और UPEIDA के मुख्य सुरक्षा अधिकारी राजेश पांडे भी शामिल रहे. बिहार कैडर के एक IPS अधिकारी, सेना से रिटायर हुए तीन वरिष्ठ अधिकारी और पुणे के एक पूर्व IAS अधिकारी ने भी इंटरव्यू दिया. अब सबकी नजर सर्च कमेटी की अगली कार्रवाई पर है. तीन नामों का पैनल सामने आने के बाद ही यह तस्वीर साफ होगी कि राम मंदिर के नए CEO की जिम्मेदारी आखिर किस अनुभवी चेहरे को मिलती है.
इंटरव्यू में पूछे गए यह सवाल
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बताते चलें कि इस इंटरव्यू की खास बात यह है कि यहां केवल प्रशासनिक अनुभव की परीक्षा नहीं हो रही. उम्मीदवारों से यह जानने की कोशिश भी की जा रही है कि वे धार्मिक संस्था जैसे बड़े और संवेदनशील परिसर को किस सोच के साथ चला सकते हैं. इंटरव्यू से पहले उम्मीदवारों से करीब तीन दर्जन सवालों वाला ऑनलाइन फॉर्म भरवाया गया. बातचीत के दौरान उनके प्रशासनिक अनुभव, बड़े संस्थानों के संचालन, धार्मिक-सामाजिक संगठनों से जुड़े अनुभव और राम मंदिर की व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना पर सवाल पूछे गए. उम्मीदवारों से राम मंदिर और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी आस्था, धार्मिक परंपराओं के प्रति उनकी समझ और बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर भी सवाल किए गए. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ व्यक्तिगत सवाल भी पूछे गए, जिनमें शाकाहारी या मांसाहारी भोजन, शराब के सेवन, जनेऊ और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप पहनावे जैसे विषय शामिल थे.