"अखिलेश यादव चाहते हैं कि आजम खान बर्बाद हो जाएं", जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर बोले ओमप्रकाश राजभर
अखिलेश यादव के समाजवाद को लेकर भी राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "अगर वे समाजवाद की बात कर रहे हैं, तो उन्हें सबसे पहले परिवारवाद से बाहर निकलना पड़ेगा. उन्हें अपने ही परिवार के सदस्यों को टिकट न देकर इसकी शुरुआत करनी चाहिए. तभी वे सच में समाजवाद की बात कर सकते हैं."
Follow Us:
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि अखिलेश यादव खुद चाहते हैं कि आजम खान बर्बाद हो जाएं.
जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन पर उठाए सवाल
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर कहा, "अखिलेश यादव खुद चाहते हैं कि आजम खान बर्बाद हो जाएं. जब उनकी अपनी सरकार सत्ता में थी और जनता के पैसे का इस्तेमाल हुआ था, तो सरकारी जमीन यूनिवर्सिटी के नाम क्यों नहीं ट्रांसफर की गई?"
परिवारवाद को लेकर अखिलेश पर हमला
अखिलेश यादव के समाजवाद को लेकर भी राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "अगर वे समाजवाद की बात कर रहे हैं, तो उन्हें सबसे पहले परिवारवाद से बाहर निकलना पड़ेगा. उन्हें अपने ही परिवार के सदस्यों को टिकट न देकर इसकी शुरुआत करनी चाहिए. तभी वे सच में समाजवाद की बात कर सकते हैं. राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि उनके आदर्शों पर चलने का दावा करने से पहले व्यक्ति को अपने नाम से जातिसूचक शब्द हटा देने चाहिए. तभी कोई व्यक्ति असल में समाजवादी कहला सकता है."
मौलाना अरशद मदनी से भी पूछा सवाल
मौलाना अरशद मदनी की ओर से रामपुर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई को गलत बताए जाने पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "मैं मौलाना मदनी से पूछना चाहता हूं, जब पांच साल तक अखिलेश यादव की सरकार सत्ता में थी, तब सरकारी जमीन शैक्षणिक संस्थान के नाम क्यों नहीं ट्रांसफर की गई?"
ग्राम प्रधान और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाए जाने पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "संविधान के दायरे में रहते हुए, त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था के तहत सबसे पहले ग्राम पंचायतों के लिए प्रशासक नियुक्त किए गए, उसके बाद जिला पंचायत अध्यक्षों और फिर ब्लॉक प्रमुखों के लिए प्रशासक नियुक्त किए गए."
‘वंदे मातरम बिल’ को बताया अच्छी पहल
मानसून सत्र की शुरुआत को लेकर राजभर ने कहा, "देश की जनता के मुद्दों पर चर्चा और राष्ट्रहित में अलग-अलग कानून बनाने संसद सत्र बुलाए जाते हैं. उसी कड़ी में मानसून सत्र बुलाया गया है."
संसद में लाए जाने वाले 'वंदे मातरम बिल' को लेकर उन्होंने कहा, "यह अच्छी पहल है. जो लोग 'वंदे मातरम' का विरोध करते हैं, उनके लिए कानून होना चाहिए."
CJP के प्रदर्शन पर भी साधा निशाना
यह भी पढ़ें
सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर राजभर ने कहा, "मैंने सोशल मीडिया पर देखा है कि छात्र नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर गए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की, लेकिन वहां कॉकरोच जनता पार्टी का प्रचार प्रसार किया जा रहा है. हालांकि, यह अनशन अपने आप खत्म हो जाएगा."