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DY. Chandrachud पर Thackeray का चौंकाने वाला बयान, प्रवचन देने वाले से की तुलना
अब अचानक ठाकरे को चुनाव में RETIRE CJI डीवाई चंद्रचूड़ याद आ गए, उद्धव ठाकरे ने निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में डीवाई चंद्रचूड़ की तुलना लेक्चरर से की ठाकरे ने कहा
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एकनाथ शिंदे के साथ छोड़ने के बाद से ही उद्धव ठाकरे चुनावी चिन्ह और शिवसेना विधायकों की अयोग्यता के फैसले पर लड़ाई लड़ रहे थे। जिसका दर्द उद्धव ठाकरे लंबे समय से सीने में दबाए रहे। और ऐसा लग रहा था जैसे सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के रिटायरमेंट का इंतजार कर रहे थे। कि कब वो रिटायर हों और उनके खिलाफ अपनी भड़ास निकालें।यही वजह है कि दस नवंबर को इधर चंद्रचूड़ सीजेआई पद से रिटायर हुए तो वहीं दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के चुनाव के बीच चंद्रचूड़ को ही निशाने पर ले लिया।
महाराष्ट्र की सत्ता हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकने वाले उद्धव ठाकरे के निशाने पर अब तक तो मोदी योगी। शिंदे।अजित पवार जैसे नेता ही थे। लेकिन अब तो उन्होंने पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को भी नहीं बख्शा।और उन्हें विधायकों की योग्यता के मामले को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि। "चंद्रचूड़ को लेक्चरर होना चाहिए, मैं चंद्रचूड़ से नाराज हूं उन्होंने शिवसेना विधायकों की अयोग्यता मामले में फैसला नहीं सुनाया, चंद्रचूड़ न्यायाधीश के बजाय कानून के लेक्चरर होते तो उन्हें ज्यादा प्रसिद्धि मिलती"
इससे पहले भी उद्धव ठाकरे ने चुनाव प्रचार के दौरान एक सभा में डीवाई चंद्रचूड़ को आड़े हाथों लिया था। उस वक्त उद्धव ठाकरे ने कहा चंद्रचूड़ भाषण और प्रवचन अच्छा देते है।
चंद्रचूड़ और मोदी की मुलाकात, बदले सियासी मायने!
महाराष्ट्र चुनाव से पहले एक बार फिर राजनीति में बवाल हुआ। जब मुंबई में गणेश उत्सव के दौरान पीएम मोदी और CJI की मुलाकात की तस्वीर आई। ये मुलाकात हुई जब गणेश पूजा करने पीएम मोदी चंद्रचूड़ के घर गए, उस समय सारे विपक्षी दलों ने मोदी की इस मुलाकात को सियासी मुलाकात बताया, ठाकरे गुट के नेता के मन में तभी से डर बैठना शुरू हो गया था। तभी तो उसी वक्त ठाकरे के नेता संजय राउत ने मोदी और चंद्रचूड़ की मुलाकात को लेकर कहा था कि संविधान के रखवाले अगर राजनीतिक नेताओं से मिलेंगे तो हमे शंका होगी।
महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो गया। चुनाव भी हो रहे हैं।और 23 नवंबर को नतीजे भी आ जाएंगे। लेकिन अभी तक शिवसेना और एनसीपी में हुई टूट के बाद अलग गुट बनाने वाले विधायकों की अयोग्यता पर कोर्ट का फैसला नहीं आया। ये मामला तब का है जब डीवाई चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश थे। यही वजह है कि इस मामले पर फैसला नहीं आने की वजह से भड़के उद्धव ठाकरे ने पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ को ही निशाने पर ले लिया।
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