बंगाल चुनाव के बीच बुरे फंसे ममता बनर्जी के रणनीतिकार, I-Pac ने रोका काम! TMC ने क्या बताया?
TMC को ये झटका ऐसे समय में लगा है, जब चुनाव में केवल दो दिन बचे हैं. बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोटिंग होनी है.
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West Bengal: पश्चिम बंगाल चुनावों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. TMC का चुनावी कैंपेन संभाल रही फर्म आई पैक का ऑफिस बंद हो गया है. सूत्रों के मुताबिक, कंपनी HR ने कोलकाता ऑफिस के 1300 कर्मचारियों को काम पर न आने के लिए लेटर भेजा है.
बताया जा रहा है I-Pac का जो ऑफिस बंद हुआ है वह कोलकाता के विधाननगर में स्थित है. TMC को ये झटका ऐसे समय में लगा है, जब चुनाव में केवल दो दिन बचे हैं. बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोटिंग होनी है. वहीं, बंगाल में दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होगा. जबकि नतीजे 4 मई को आएंगे.
TMC के लिए क्या काम करती है I-Pac कंपनी?
I-Pac यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी, जो TMC की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाती है. यह फर्म तृणमूल की बूथ लेवल की गतिविधि से लेकर नेताओं की सभाएं, रैलियां, सब कुछ तय करती है.
हालांकि कंपनी के वरिष्ठ कर्मचारी तृणमूल के चुनाव प्रचार में अभी भी सहयोग कर रहे हैं, वह जमीनी स्तर पर चुनाव प्रचार से जुड़ी गतिविधियों में लगे हुए हैं. वरिष्ठ कर्मचारी चुनाव प्रचार रणनीति और उसके क्रियान्वयन की देखरेख कर रहे हैं, और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी निर्वाचन क्षेत्रों में संदेश, योजना और समन्वय में निरंतरता बनी रहे.
साल 2021 के विधानसभा चुनावों में I-Pac ने TMC के लिए निर्णायक रणनीतिक भूमिका निभाई थी. इसके बाद से ही यह फर्म पार्टी के चुनाव प्रचार तंत्र का एक अभिन्न हिस्सा बना हुआ है.
कर्मचारियों को भेजे गए मेल में क्या कहा गया?
कर्मचारियों को भेजे गए मेल में कर्मचारियों को अगले 20 दिन तक काम पर न आने को कहा गया है. सूत्रों के मुताबिक, इस मेले में यह भी लिखा गया है कि 11 मई को हालात की समीक्षा करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. यानी आगे काम शुरू होगा या नहीं, जैसी रूपरेखा तैयार होगी. I-Pac के इस मैसेज में कानूनी वजहो का हवाला दिया गया है. इसके बाद कई कर्मचारियों को अपनी नौकरी खोने का डर सता रहा है.
TMC ने क्या कहा?
I-Pac के काम रोकने की खबरों का तृणमूल कांग्रेस ने खंडन किया है. साथ ही चुनाव प्रचार में किसी भी तरह की बाधा की आशंकाओं का भी पुरजोर खंडन किया है. TMC की ओर से कहा गया, ‘I-Pac की गतिविधियों में रोक की खबरें बेबुनियाद हैं. जिनका मकसद केवल भ्रम पैदा करना है. बंगाल की जनता इन कोशिशों को समझती है और इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देना जानती है. बंगाल न तो गलत जानकारी से प्रभावित होगा और न ही किसी दबाव में आएगा.’
TMC की यह प्रतिक्रिया अखबार Deccan Herald के उस दावे के बाद आई जिसमें कहा गया था कि बंगाल में I-Pac ने अपना काम रोक दिया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ED ने हाल ही में मनी लॉन्ड्रिंग की चल रही जांच के तहत I-Pac के निदेशकों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी. ED ने कंपनी के एक निदेशक को भी अरेस्ट किया था. छापेमारी में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए थे और संगठन से जुड़े व्यक्तियों से पूछताछ की गई थी.
I-Pac के डायरेक्टर पर क्या हैं आरोप?
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यह पूरा मामला 2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है. आरोप है हवाला के जरिए कि 20 करोड़ रुपए I-PAC तक ट्रांसफर किए गए थे. ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी. 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था.
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