×
जिस पर देशकरता है भरोसा

बंगाल में वोटिंग के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, EVM लूट या बूथ के पास हिंसा पर होगी दोबारा वोटिंग

पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर मतदान जारी है. कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग हो रही है और केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. मतदान को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त गाइडलाइन भी जारी की है.

बंगाल में वोटिंग के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, EVM लूट या बूथ के पास हिंसा पर होगी दोबारा वोटिंग
Image Source: IANS
Advertisement

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान गुरुवार को जोरों पर है. राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं और सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. लोकतंत्र के इस बड़े उत्सव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए चुनाव आयोग ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती ने पूरे माहौल को हाई अलर्ट में बदल दिया है.

संवेदनशील जिलों में बढ़ी सतर्कता

चुनाव से पहले ही आयोग ने उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे जिलों को विशेष निगरानी में रखा है. इन इलाकों में पहले भी चुनावी हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसके चलते इस बार कोई जोखिम नहीं लिया जा रहा है. कुल 44,378 बूथों में से 7,384 को अति-संवेदनशील घोषित किया गया है, जो करीब 16.64 प्रतिशत है. यही वजह है कि हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है. सबसे ज्यादा चिंता सात जिलों को लेकर है, जिनमें मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार, बीरभूम, पश्चिम मिदनापुर और पश्चिम बर्धमान शामिल हैं. इन सभी क्षेत्रों में आयोग की कड़ी निगरानी बनी हुई है. सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके.

क्विक रिएक्शन टीमों की तैनाती

हिंसा मुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने 2,193 क्विक रिएक्शन टीमों को तैनात किया है. ये टीमें किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं. इसके अलावा मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए 17 देशों के 34 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक भी मौजूद हैं, जो पूरे चुनावी माहौल पर नजर रख रहे हैं.

Advertisement

ईवीएम से छेड़छाड़ पर सख्त चेतावनी

चुनाव आयोग ने इस बार ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है. पीठासीन अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी बटन के साथ छेड़छाड़ या उस पर गोंद, टेप या रसायन लगाने की कोशिश को गंभीर अपराध माना जाएगा. आयोग ने चेतावनी दी है कि ऐसी किसी भी हरकत पर तुरंत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

गड़बड़ी पर दोबारा मतदान का प्रावधान

अगर किसी मतदान केंद्र पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ या गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो वहां का पूरा मतदान रद्द कर दोबारा वोटिंग कराई जा सकती है. आयोग ने पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हर गतिविधि पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति की तुरंत रिपोर्ट करें. यह कदम चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.

हर स्तर पर मजबूत तैयारी

Advertisement

इस बार चुनाव आयोग ने सुरक्षा से लेकर निगरानी तक हर स्तर पर तैयारी मजबूत की है. संवेदनशील क्षेत्रों में 2-व्हीलर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा बेहतर तरीके से की जा सके. इसके साथ ही सभी मतदान केंद्रों की लाइव निगरानी की जा रही है और वेबकास्टिंग के जरिए हर गतिविधि रिकॉर्ड की जा रही है. अगर किसी बूथ पर वेबकास्टिंग में गड़बड़ी पाई जाती है, तो वहां दोबारा मतदान कराया जाएगा. अर्धसैनिक बलों द्वारा लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है, जिससे मतदाताओं में भरोसा बना रहे और वे बिना डर के मतदान कर सकें.

अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती

राज्य में करीब 2,400 कंपनियां यानी लगभग 2.5 लाख अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं. ये जवान न सिर्फ सुरक्षा संभाल रहे हैं, बल्कि लोगों के बीच विश्वास बनाने का काम भी कर रहे हैं. मतदान के बाद भी सुरक्षा बनाए रखने के लिए 200 कंपनियां तैनात रहेंगी, जबकि अतिरिक्त 500 कंपनियां आगे के निर्देश तक सक्रिय रहेंगी.

निष्पक्षता के लिए प्रशासनिक फेरबदल

Advertisement

चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए हैं. एसपी, डीएम, पुलिस कमिश्नर, मुख्य सचिव और डीजीपी जैसे अहम पदों पर तैनात अधिकारियों के तबादले किए गए हैं. संवेदनशील इलाकों में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं और बेहतर समन्वय के लिए अलग-अलग स्तर पर अधिकारी तैनात हैं.

सोशल मीडिया पर सख्त नजर

चुनाव आयोग सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रख रहा है. अब तक 7000 से ज्यादा URL पर कार्रवाई की जा चुकी है, जो गलत सूचना फैलाने या मतदाताओं को प्रभावित करने से जुड़े थे. cVIGIL प्लेटफॉर्म के जरिए आम लोग भी आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कर सकते हैं और अब तक लाखों शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है.

यह भी पढ़ें

बहरहाल, पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान कड़ी सुरक्षा और सख्त निगरानी के बीच जारी है. चुनाव आयोग की तैयारियां इस बार पहले से कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रही हैं. अब देखना होगा कि यह सख्ती कितनी हद तक शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कर पाती है. फिलहाल, मतदाताओं का उत्साह और सुरक्षा का भरोसा लोकतंत्र की मजबूती की एक सकारात्मक तस्वीर पेश कर रहा है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें