बंगाल चुनाव से पहले ED का बड़ा एक्शन, कोलकाता पुलिस के DCP और कारोबारी के ठिकानों पर छापे
पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच ईडी ने कोलकाता में तीन ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास और जॉय कामदार से जुड़े स्थान शामिल हैं. कार्रवाई पीएमएलए के तहत सोना पप्पू केस से जुड़ी है, फिलहाल बरामदगी की जानकारी नहीं मिली है.
Follow Us:
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से प्रवर्तन निदेशालय (ED) का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. ईडी की टीम कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के बालीगंज स्थित आवास और 'सन एंटरप्राइज' के मैनेजिंग डायरेक्टर जॉय कामदार के बेहाला स्थित आवास पर छापेमारी कर रही है.
तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
अब तक कुल तीन जगहों पर छापेमारी हुई है. इनमें से दो जगह शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़ी हैं और एक जगह जॉय कामदार की है. यह मामला धन-शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत 'सोना पप्पू और जॉय कामदार' केस से संबंधित है. फिलहाल अभी तक दोनों के घरों से छापेमारी के दौरान बरामदगी के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है.
सोना पप्पू सिंडिकेट मामले से जुड़ी कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि यह तलाशी अभियान दक्षिण कोलकाता के बालीगंज इलाके में 'सोना पप्पू सिंडिकेट' मामले के सिलसिले में चलाया जा रहा है. बिस्वास एक समय कालीघाट पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज थे. यह थाना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. इसके पहले ईडी ने सोना पप्पू केस में हावड़ा के ज्वाइंट कमिश्नर गौरव लाल और जॉय कामदार को पूछताछ के लिए समन जारी किया था.
पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई और बरामदगी
हाल ही में ईडी ने कोलकाता में आठ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था. तलाशी के दौरान लगभग 1.47 करोड़ रुपए की नकदी, लगभग 67.64 लाख रुपए के सोने के गहने और चांदी, साथ ही कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए. तलाशी के दौरान एक फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई, जिसका इस्तेमाल सोना पप्पू करता था. इसके अलावा, दक्षिण कोलकाता के फर्न रोड स्थित विश्वजीत पोद्दार के घर से एक रिवॉल्वर बरामद की गई, जिस पर 'मेड इन यूएसए' लिखा हुआ था.
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू के अलावा अन्य आरोपियों पर दंगा करने, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र व आर्म्स एक्ट उल्लंघन में संलिप्त होने के आरोप हैं. कोलकाता पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे के आधार पर ईडी ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी.
फरार है सोना पप्पू, तलाश जारी
विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू और उसके साथी पश्चिम बंगाल राज्य में संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों में संलिप्त थे और सिंडिकेट संचालन के माध्यम से अवैध रूप से भारी धन अर्जित कर रहे थे. सोना पप्पू कोलकाता के गोलपार्क के निकट कंकुलिया रोड पर हुई एक हिंसा के मामले में भी पुलिस की ओर से वांछित है और वर्तमान में फरार है. हालांकि उसे कई बार सार्वजनिक जगहों पर देखा गया है और वह सोशल मीडिया पर 'लाइव' भी आया है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है.
यह भी पढ़ें
फिलहाल ईडी की यह कार्रवाई जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच एजेंसी को आगे क्या अहम सुराग मिलते हैं और फरार आरोपी सोना पप्पू की गिरफ्तारी कब तक हो पाती है.
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें