×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

राम मंदिर पर सवाल उठाने वाले खेसारी को जनता ने दी ‘पटखनी’, अब तिलक लगाकर हाथ जोड़ते हुए कही ये बात

खेसारी लाल यादव की जीत तय मानी जा रही थी. लेकिन बीजेपी की उम्मीदवार छोटी कुमारी ने खेसारी को हरा कर सभी को चौंका दिया. अब हार के बाद खेसारी के तेवर बदले-बदले नज़र आए हैं. उन्होंने हाथ जोड़ते हुए एक पोस्ट शेयर किया है.

राम मंदिर पर सवाल उठाने वाले खेसारी को जनता ने दी ‘पटखनी’, अब तिलक लगाकर हाथ जोड़ते हुए कही ये बात
Advertisement

बिहार  चुनाव में इस बार छपरा विधानसभा सीट काफी चर्चा में थी, क्योंकि यहां से RJD ने भोजुपरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव उर्फ शत्रुध्न सिन्हा को मैदान में उतारा था, खेसारी की पूरे बिहार में किस लेवल की पॉपुलैरिटी है, ये शायद ही किसी को बताने की ज़रूरत है.

छोटी कुमारी से हारे खेसारी लाल यादव  

खेसारी लाल यादव की जीत तय मानी जा रही थी. लेकिन बीजेपी की उम्मीदवार छोटी कुमारी ने खेसारी को 7600 वोटों से हरा कर सभी को चौंका दिया. चुनावी प्रचार के दौरान उन्होंने चिल्ला चिल्लाकर शोर मचा दिया की उन्हें कोई नहीं रहा सकता, लेकिन नतीजे साफ़ हैं, बीजेपी  की छोटी कुमारी के सामने करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. 

हार के बाद बदले खेसारी के तेवर 

Advertisement

हार के बाद खेसारी के तेवर बदले-बदले नज़र आए हैं, उन्होंने ख़ुद भी नहीं सोचा था छपरा की जनता उन्हें नकार देगी. तभी तो भोजपुरी सुपरस्टार ने अपने इंस्टाग्राम पर हाथ जोड़ते हुए एक तस्वीर भी पोस्ट की है, इतना ही उन्होंने माथे पर तिलक भी लगाया, चुनाव से पहले भगवान राम का अपमान करन वाले खेसारी ने अब तिलक लगाकर सभी को चौंका दिया. उन्होंने अपनी तस्वीर शेयर करते हुए एक कैप्शन भी दिया है. जिसमें उन्होंने लिखा, “क्या हार में क्या जीत में, किंचित नहीं भयभीत मैं, संघर्ष पथ पर जो मिला, ये भी सही वो भी सही… जनता मेरे लिए तब भी सर्वोपरि थी, आज भी है और हमेशा रहेगी! मुद्दा तब भी उठल बा, आगे भी उठी...जय बिहार!”

सियासी माहौल भांपने में सफल नहीं हुए खेसारी

Advertisement

अब खेसारी के ये बदले-बदले तेवर चर्चा का विषय बन गए हैं, लोग उनकी हार पर खूब बातें कर रहे हैं. आख़िर खेसारी को छपरा में क्यों हार का सामना करना, क्यों उन्हें मुँह की खानी पड़ी. इसे लेकर खूब बातें हो रही हैं. खेसारी ने जब चुनाव  लड़ने का फैसला किया था, तब उनके चाहने वाले में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी. उनकी लोकप्रियता को देखते हुए RJD भी उनकी जीत के लिए आशवस्त थी, लेकिन चुनाव में खेसारी सियासी माहौल भांपने में सफल नहीं हो पाए. उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिसे उनके प्रतिद्वंद्वियों ने मुद्दा बनाया और जीत हासिल की. वहीं खेसारी को हार का सामना करना पड़ा. 

राम मंदिर पर विवादित बयान देना पड़ा भारी 

खेसारी लाल यादव ने चुनावी प्रचार के दौरान काफी मज़बूत दिख रहे थे. लेकिन राम मंदिर पर विवादित बयान देकर ख़ुद के पैरों पर ही कुल्हाड़ी मार ली. उनके बयान ने उनकी लोकप्रियता और वोट बैंक पर बैकफायर दिया. खेसारी लाल यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान राम मंदिर पर विवादित बयान दिया था. जिसकी वजह से वो आलोचनाओं का शिकार हुए थे,  उन्होंने कहा था कि राम मंदिर की जगह अस्पताल होना चाहिए था. जिस पर काफी बवाल हुआ था. 

‘राम मंदिर पढ़कर क्या मैं मास्टर बन जाऊंगा?’

इस बयान के बाद उन्होंने राम मंदिर को लेकर एक और बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था, राम मंदिर पढ़कर क्या मैं मास्टर बन जाऊंगा? राम मंदिर में पढ़कर क्या मैं प्रोफेसर या अफसर बन जाऊंगा? आस्था अपनी जगह है, लेकिन देश को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा जरूरी है. आप राम मंदिर बनाइए, मस्जिद बनाइए, सब बनाइए, लेकिन हमारे बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए भी काम कीजिए.” 

Advertisement

खेसारी लाल यादव अपने इस बयान की वजह से ना सिर्फ खूब ट्रोल हुए थे और बल्कि भगवान राम का अपमान करके उन्होंने हिंदू वोट बैंक को नाराज कर दिया और उनकी हार का प्रमुख कारण बना. 

पहली बार खेसारी लाल यादव ने लड़ा था चुनाव 

पहले छपरा सीट से खेसारी लाल यादव की पत्नी चंदा देवी को उतारा गया था, लेकिन एक दिन बाद ही खेसारी को चुनाव मैदान में उतार दिया गया. खेसारी ने पूरे दमखम और सोशल मीडिया के जरिए जनता तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की.  उनके गानों और फिल्मों की वजह से बिहार में उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है. खेसारी पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे. लेकिन फिर भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा है. 

छपरा सीट पर ज्यादातर बीजेपी का दबदबा रहा है

Advertisement

बता दें कि छपरा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार को मिलाकर 10 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाईं थी. छपरा सीट भाजपा के लिए बहुत खास है क्योंकि इस सीट पर ज्यादातर भाजपा का ही दबदबा रहा है. साल 2010, 2015 और 2020 में भाजपा ने ही छपरा पर राज किया है, वहीं इस बार भाजपा ने छोटी कुमारी को मैदान में उतारा था, जो विधानसभा चुनावों के लिए नया चेहरा है. वे जिला परिषद की अध्यक्ष रह चुकी हैं. इस बार भी छपरा की सीट बीजेपी के नाम ही रही है.

 

यह भी पढ़ें

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें