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देश सेवा करते हुए गंवा दिया था पैर, अब CWG में जीता गोल्ड, कौन हैं सोमन राणा जो बन गए कॉमनवेल्थ के हीरो

ग्लास्को में यह केवल एक एथलीट की नहीं बल्कि एक सेना के जवान की जीत थी. एक सैनिक जो सरहदों पर देश को दुश्मनों से बचाने के लिए ड्यूटी पर तैनात था लेकिन एक हादसे ने उनसे खेल ही छीन लिया.

Image Source- X/@IndiaSports
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को पैरा एथलेटिक्स में भारत ने इतिहास रच दिया. सोमन राणा ने पुरुषों के शॉट पुट एफ57 इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता. वहीं, शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया. 

ग्लास्को में यह केवल एक एथलीट की नहीं बल्कि एक सेना के जवान की जीत थी. एक सैनिक जो सरहदों पर देश को दुश्मनों से बचाने के लिए अपनी ड्यूटी दे रहा था. इसी दौरान एक हादसा हुआ जिसमें सोमन राणा ने अपना एक पैर गंवा दिया. उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. 

एक हादसे ने बदली जिंदगी, नहीं हारी हिम्मत 

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विकिपीडिया पर मौजूद जानकारी के आधार पर सोमन राणा बिहार के किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. वह बचपन से ही खेल को लेकर जुनूनी थे. साल 2001 में वे गोरखा राइफल्स (2/8 गोरखा राइफल्स) में सिपाही के रूप में भारतीय सेना में शामिल हुए. वे राष्ट्रीय स्तर के मिडलवेट बॉक्सर भी हैं. 2005 की सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में वे पांचवें पायदान पर रहे. 

सोमन राणा की जिंदगी में उस वक्त दर्दनाक मोड़ आया जब दिसंबर 2006 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल पर सर्च अभियान के दौरान लैंडमाइन ब्लास्ट में वे घायल हो गए. हादसे में उनके दाहिने पैर का घुटने के नीचे से काटना पड़ा. इस हादसे ने न केवल उनका पैर छीना बल्कि उनका बॉक्सिंग करियर भी छीन लिया. 

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पुणे के रिहैबिलिटेशन सेंटर में इलाज के बाद सोमन राणा ने 10 साल तक सेना में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन अंदर मौजूद खिलाड़ी को कभी खत्म नहीं हो सका. फिर साल 2017 में सेना के अधिकारी कर्नल गौरव दत्ता ने सोमन को पुणे की आर्मी पैरालंपिक नोड में भेजा और यहीं से शुरू हुआ उनका शॉटपुट करियर. आज सोमन राणा ने उसी शॉटपुट में सोमन को नई पहचान दिलाई है. 

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उनकी कहानी बहादुरी, वापसी और मजबूत इरादों की मिसाल बन गई. राष्ट्रीय बॉक्सर से लेकर माइन ब्लास्ट में पैर गंवाने के बाद पैरा-एथलीट बनकर अंतर्राष्ट्रीय पदक जीतने तक, उनका सफर आसान नहीं था. आज वे सेना में सेवा जारी रखते हुए पैरा-एथलेटिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. सोमन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने से पहले एशियन पैरा गेम्स, वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप और नेशनल प्रतियोगिताओं में भी मेडल जीते हैं. 

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