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Ind vs SL: वनडे-T20 के बाद अब टेस्ट में भी पंत की जगह मुश्किल? जुरेल-किशन ने ठोकी दावेदारी
एक समय तीनों फॉर्मेट में टीम का हिस्सा रहे ऋषभ पंत की राह अब मुश्किल होती हुई दिख रही है. पंत अब सिर्फ टेस्ट टीम का हिस्सा हैं. काफी लम्बे समय से वह वनडे और टी20 फॉर्मेट से बाहर चल रहे हैं. अगर ऐसे में टेस्ट में उनका बल्ला नहीं चलता तो उनके लिए टीम में जगह बनाना भी मुश्किल हो जाएगा.
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विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत कभी तीनों फॉर्मेट का अभिन्न हिस्सा थे. उन्हें उपकप्तान बनाया गया था और टीम इंडिया की कप्तानी के लिए वह रेस में सबसे आगे थे, लेकिन मौजूदा समय में परिस्थितियां बदल चुकी हैं. वह मौजूदा समय में वनडे और टी20 फॉर्मेट से बाहर चल रहे हैं और फिलहाल सिर्फ टेस्ट टीम का हिस्सा हैं. अब इस फॉर्मेट में भी उनकी राह अब मुश्किल होती हुई दिख रही है.
टेस्ट फॉर्मेट में पंत के लिए मुश्किल खड़ी
पंत के लिए टेस्ट फॉर्मेट में मुश्किल खड़ी की है, ध्रुव जुरेल और ईशान किशन ने. जुरेल और किशन ने अपने प्रदर्शन की बदौलत पंत के लिए परेशानी खड़ी है. जुरेल ने पंत की गैरमौजूदगी में टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है. जुरेल ने देश-विदेश में भारतीय पारी को संभाला है और अपनी बल्लेबाजी से भारतीय मध्यक्रम को मजबूती दी है.
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जुरेल बने टेस्ट में पंत के लिए सबसे बड़ा खतरा
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पंत और जुरेल की बल्लेबाजी में अंतर है. पंत आक्रामक हैं और क्रीज पर हमेशा जल्दी में दिखते हैं. उनके इस अंदाज ने टेस्ट क्रिकेट में उन्हें बड़ी सफलता दी है. भारत को उन्होंने मैच भी जितवाए हैं. वहीं, ध्रुव जुरेल क्रीज पर शांत और धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए दिखते हैं और टेस्ट के परंपरागत अंदाज में पारी को बढ़ाते हुए सफलतापूर्वक दिखते हैं. फिलहाल, टेस्ट में पंत के लिए सबसे बड़ा खतरा जुरेल ही हैं.
वहीं, पिछले कुछ समय में भारत के सभी विकेटकीपरों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर ईशान किशन उभरे हैं. ईशान ने घरेलू क्रिकेट में तीनों फॉर्मेट में दमदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय टीम में वापसी की है. टी20 विश्व कप में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा. वह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेल चुके हैं और अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं.
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टी20 के बाद वनडे टीम में हुई किशन ने वापसी
पंत की तरह किशन भी बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं. किशन में हर फॉर्मेट में मैच की परिस्थित के मुताबिक खेलने की क्षमता है और यही उन्हें खास बनाती है. शीर्ष क्रम के साथ ही मध्यक्रम में भी सहजता के साथ बल्लेबाजी उनकी संभावनाओं को मजबूत करती है. टी20 के बाद वनडे टीम में किशन ने वापसी कर ली है. पंत का अगर टेस्ट फॉर्मेट में आने वाले समय में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहता है, तो फिर किशन लंबे फॉर्मेट में भी जगह बना सकते हैं. उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव भी उनके साथ है.
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पंत, जुरेल और किशन के टेस्ट रिकॉर्ड पर गौर करें तो पंत ने 50 टेस्ट मैचों की 87 पारियों में 8 शतक और 19 अर्धशतक लगाते हुए 3,557 रन बनाए हैं. उनका औसत 43.37 रहा है. जुरेल ने 10 टेस्ट की 16 पारियों में 1 शतक और 1 अर्धशतक की मदद से 4,78 रन बनाए हैं. उनका औसत 34.14 है. किशन ने 2 टेस्ट की 3 पारियों में 1 अर्धशतक लगाते हुए 78 रन बनाए हैं.