Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

भारत ने BRICS में की एंट्री बैन तो ओछी हरकत करने लगा पाकिस्तान, फैलाया बड़ा झूठ, लेकिन साजिश़ की निकल गई हवा

BRICS की सदस्यता चाह रहे पाकिस्तान के जब मंसूबे पर भारत ने पानी फेर दिया तो वो ओछी हरकत करने लगा. उसने समिट के बीच एक ऐसी झूठ फैलाई, जिसकी धज्जी मोदी सरकार ने समय रहते उड़ा दी.

Image Source-IANS
Loading Ad...

पूरी दुनिया बदल सकती है, पाकिस्तान नहीं. शीत युद्ध खत्म हो गया, सोवियत संघ टूट गया, दुनिया मल्टीपोलर वर्ल्ड की ओर बढ़ गई, लेकिन पाकिस्तान वहीं का वहीं खड़ा है. ख़ुद पाकिस्तान दो टुकड़े हो गया, अब तक लड़ी सारी लड़ाई में उसकी हार हुई, लेकिन फ़ितरत और सोच नहीं बदली. पॉज़िटिव अप्रोच, इकोनॉमी, टेक, ट्रेड और एजुकेशन के ज़रिए आगे बढ़ नहीं सकता तो झूठ और प्रोपेगेंडे का सहारा लेता है. ले भी क्यों ना? जिसकी बुनियाद ही झूठ से पड़ी, मुल्क जैसे तैसे ही सही झूठ से ही चल रहा हो, वो झूठ ना बोले तो करे क्या. 

भारत ने पाकिस्तान की ब्रिक्स में एंट्री की बैन?

ऐसी ही एक कोशिश उसने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और उसकी अध्यक्षता करने वाले भारत से जलन में की है. पाकिस्तान लाख कोशिश और गुहार के बावजूद ब्रिक्स का सदस्य बन नहीं पा रहा है, तो वो हर संभव प्रयास कर रहा है कि उसका चिर प्रतिद्वंदी हिंदुस्तान भी किसी भी एंगल से सफल ना हो पाए. हालांकि कहते हैं ना कि झूठ के पांव नहीं होते हैं, वो दूर तक नहीं चल सकता, दो कदम चलने के बाद दम तोड़ देता है, वही कुछ हुआ उसके ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर किए गए दावे के साथ. पाकिस्तान ने 2023 में ब्रिक्स का मेंबर बनने के लिए आधिकारिक आवेदन किया था, लेकिन उसका इस समूह का मेंबर बनना ना बनना भारत की मर्जी पर निर्भर करता है. वो लंबे समय से इसका सदस्य बनना चाहता है, लेकिन हो नहीं पा रहा है. 

Loading Ad...

ब्रिक्स की सफलता, भारत की अध्यक्षता से बौखलाया पाकिस्तान?

Loading Ad...

ऐसे में जब दुनियाभर के दिग्गज अगर भारत में जुटेंगे, भारत दुनियाभर में सुर्खियों में होगा तो पाकिस्तान की बौखलाहट तो स्वभावी है. इसलिए सोच हम नहीं तो तुम भी नहीं. उसने भारत को बदनाम करने के लिए जिस झूठ का सहारा लिया था, जिस बम ब्लास्ट का दावा पाकिस्तान के जिहादी, डिजिटल वॉरियर्स कर रहे थे, उसकी कमर भारत ने ऐन मौके पर तोड़ दी और समय रहते उसकी हवा निकाल दी. 

आपको बताएं कि पाकिस्तान ने ब्रिक्स के सदस्य देशों, मेहमानों और दूसरे लोगों को डराने के लिए दावा किया कि जिस वक्त राजधानी दिल्ली में भारत की मेजबानी में 18वां ऐतिहासिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चल रहा था, ठीक उसी वक्त दिल्ली में एक भयानक बम धमाका हुआ. इतना ही नहीं उसके ये भी झूठा दावा कर दिया कि इस कथित धमाके में 8 से 10 लोगों की मौके पर ही जान चली गई.

Loading Ad...

जैसा कि सब जानते हैं कि ऐसी झूठ को बॉट्स के माध्यम से पाकिस्तान फैलाने की पूरी कोशिश करता है, कई बार ये फैल भी जाते हैं. ऐसा इस बार भी होना शुरू हुआ. अचानक इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एक के बाद एक ऐसे पोस्ट और खौफनाक वीडियो वायरल होने लगे, जिससे देश की खुफिया एजेंसियां मोड में आईं और इस झूठ के तह में गईं.

 कहा जा रहा है कि कई लोगों ने इस पर विश्वास करना भी शुरु कर दिया था, लेकिन दिल्ली में विदेशी मेहमानों की मौजूदगी के बीच जैसे ही ये प्रोपेगेंडा फैलनी शुरू हुई फैली मोदी सरकार तुरंत एक्टिव मोड में आ गई. खुफिया तंत्र को अलर्ट किया गया, जांच के पहिए घूमे और महज कुछ ही घंटों के भीतर इस पूरे मामले का सच बेनकाब कर दिया गया. 

सरकार ने जो सच्चाई बताई, उससे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा. ये सरहद पार पाकिस्तान में बैठे डिजिटल जिहादियों की एक ऐसी खौफनाक और कायराना साजिश थी, जिसका मकसद भारत के सबसे बड़े ग्लोबल इवेंट पर कालिख पोतना और दुनिया भर में भारत की साख पर बट्टा लगाना था.

Loading Ad...

भारत की बढ़ती ताकत और मिडिल ईस्ट में बढ़े रोल से बौखलाया पाक!

मिडिल ईस्ट में सैन्य संघर्ष और तनाव के बीच एक्टिव रोल में आए भारत की सुरक्षा एजेंसियों को बदनाम करना था. फैक्ट चैक में जो सच सामने आया वो बेहद चौंकाने वाला था. आखिर पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कौन सा खतरनाक फेक न्यूज टूलकिट इस्तेमाल किया? कैसे एक साल पुराना वीडियो और रिपोर्ट को नया बताकर दिल्ली को दहलाने की फर्जी कहानी रची गई? ये भी जान लीजिए.

क्या है पाकिस्तानी बॉट्स के दावे के पीछे का बैकग्राउंड?

Loading Ad...

दरअसल कहानी की शुरुआत होती है 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत ने BRICS समिट की अध्यक्षता की. इसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दुनिया भर के दिग्गज राष्ट्रध्यक्षों ने भारत की कूटनीतिक ताकत का लोहा माना. दिल्ली घोषणापत्र पर सर्वसम्मति बनाकर भारत ने वैश्विक मतभेदों को सुलझाने, आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता कायम करने और पश्चिम एशिया के संकट पर दुनिया को नया रास्ता दिखाने में बड़ी सफलता हासिल की, लेकिन भारत की ये विश्वस्तरीय कामयाबी देश और विदेश में बैठे कुछ विरोधी तत्वों को हजम नहीं हो पा रही थी.

एक तरफ जहां घरेलू राजनीति में बयानबाजी का दौर चला, कुछ विपक्षी सवाल भी उठाने शुरू हो गए थे. कोई ब्रिक्स को दिखावा बता रहा था, तो कोई बिक्र्स के डिनर पर सवाल उठा रहा था. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी मुल्कों में बैठे भारत-विरोधी आकाओं के पेट में भयानक ऐंठन शुरू हो गई.

कूटनीति में हरा नहीं पाया तो, ओछी हरकत पर उतरा पाकिस्तान

Loading Ad...

जब कूटनीति के मैदान में भारत को पछाड़ना नामुमकिन हो गया तो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के आकाओं ने देश का माहौल खराब करने और विदेशी मेहमानों के सामने भारत में अफरा-तफरी का माहौल दिखाने के लिए एक घटिया और साजिशी रास्ता चुना. 13 सितंबर यानी रविवार को जैसे ही ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन का वक्त करीब आया, अचानक सोशल मीडिया प्लेफॉर्म X और फेसबुक पर दर्जनों पाकिस्तानी अकाउंट्स एक साथ एक्टिव हो गए. एक सोची-समझी साजिश के तहत एक ही समय पर दर्जनों पोस्ट किए गए.

पाकिस्तान ने ब्रिक्स समिट के दौरान ब्लास्ट का फैलाया झूठ!

दावा किया गया कि, “दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स समिट के दौरान लाल किले के पास एक भीषण विस्फोट हुआ है, जिसमें 8 से 10 लोगों की मौत हो गई है.”
इस झूठी खबर को इस तरह फैलाया गया ताकि विदेशी मीडिया और मेहमानों के बीच खौफ का माहौल बने. हर कोई बुरी तरह डर जाए. और भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हों, लेकिन जैसे ही ये फेक कंटेंट भारतीय खुफिया एजेंसियों और गृह मंत्रालय की नजर में आया, सरकार ने बिना एक सेकंड गंवाए एक्शन लिया और फर्जी दावों की धज्जियां उड़ाने का काम प्रेस सूचना ब्यूरो यानी PIB की फैक्ट-चेक विंग को सौंपा गया. 

Loading Ad...

ये भी पढ़ें: 'भारत ने पाकिस्तान को किया रिप्लेस...', ब्रिक्स समिट में बोला ईरानी पत्रकार, कहा-PM मोदी को अगले साल नोबेल...

पाकिस्तान के प्रोपेगेंडे के फैक्ट चेक में क्या निकला?

Loading Ad...

PIB की विशेष फैक्ट-चेक टीम ने जब वायरल वीडियो और दावों की फॉरेंसिक जांच की तो पाकिस्तान की इस कायराना हरकत का पूरा कच्चा-चिट्ठा सामने आ गया. PIB ने सोशल मीडिया पर  बयान भी जारी किया, जिसमें लिखा गया कि, “पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा अकाउंट्स का दावा है कि #BRICSSummit 2026 के खत्म होने से कुछ मिनट पहले नई दिल्ली में एक धमाका हुआ, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई. #PIBFactCheck: यह दावा #Fake (झूठा) है. जो वीडियो शेयर किया जा रहा है, वह पुराना है और चल रहे #BRICS समिट से इसका कोई लेना-देना नहीं है  किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसे शेयर करने से पहले हमेशा भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि करें. भारत सरकार से जुड़े संदिग्ध दावों की रिपोर्ट @PIBFactCheck पर करें.”

पाकिस्तान ने प्रोपेगेंडे के लिए BBC के वीडियो का ही लिया सहारा

Loading Ad...

सरकार ने साफ़ शब्दों में खुलासा किया कि पाकिस्तान में बैठे जिहादियों ने भ्रम फैलाने के लिए BBC की एक पुरानी रिपोर्ट उठाई थी. ये वीडियो वास्तव में 10 नवंबर 2025 का था जब लाल किले के पास एक गाड़ी में ब्लास्ट हुआ था. पाकिस्तानियों ने इसी पुरानी घटना के वीडियो को एडिट करके और तारीख बदलकर इसे ब्रिक्स सम्मेलन के आखिरी दिन की ताजा घटना बताकर वायरल कर दिया ताकि भारत को बदनाम किया जा सके, लेकिन मोदी सरकार ने तुरंत उस बीबीसी रिपोर्ट का ओरिजिनल लिंक और स्क्रीनशॉट साझा करते हुए पाकिस्तान के इस फर्जीवाड़े की दुनिया भर के सामने धज्जियां उड़ा दीं.

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान ने अपने 'पालतू' आतंकी मसूद अजहर पर रखा 70 लाख का इनाम, रेड बुक में डाला, दुनिया को गुमराह करने की साजिश

PIB ने जारी की एडवाइजरी

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

पाकिस्तान की इस हरकत के बाद मोदी सरकार की तरफ से लोगों के लिए भी एक अहम एडवाइजरी जारी की गई. PIB ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही ऐसी भारत-विरोधी खबरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. किसी भी संवेदनशील खबर को शेयर करने से पहले सरकारी और प्रामाणिक स्त्रोतों से उसकी पुष्टि जरूर कर लें. सरकार का साफ कहना है कि भारत की बढ़ती साख, आर्थिक मजबूती और सफल कूटनीति से जलने वाले देश फर्जी वीडियो का सहारा लेकर हमारी अंतरराष्ट्रीय छवि को धूमिल करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं. 

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...