अलर्ट और राहत-बचाव व्यवस्था के जरिए बाढ़ की स्थिति में अब तक 3.52 लाख से ज्यादा लोगों तक मदद पहुंचाई गई. योगी सरकार के तंत्र ने ऐसा सिस्टम बनाया कि समय पर लोगों तक अलर्ट पहुंचा.
-
राज्य04 Sep, 202607:30 PMबाढ़ के बीच योगी सरकार का अलर्ट सिस्टम कैसे बना जीवन रक्षक? बची लाखों लोगों की जान, ये प्लानिंग आई काम
-
राज्य23 Aug, 202609:53 AMCM योगी के निर्देश पर UP में बाढ़ राहत कार्य तेज...1599 नाव, 621 मोटरबोट लगाए गए, 200 करोड़ से अधिक का फसल क्षति अनुदान
UP में CM योगी के निर्देश पर बाढ़ राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है. इस दौरान NDRF, SDRF टीमों समेत हजारों आपदा मित्र मोर्चों पर तैनात हैं. प्रभावित गांवों में कम्युनिटी किचन, मेडिकल टीमों और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है.
-
राज्य22 Aug, 202608:41 AMनदियां उफान पर, योगी सरकार अलर्ट... बाढ़ प्रभावित जिलों में युद्धस्तर पर राहत, जानें शिविरों में क्या-क्या हैं इंतजाम?
यूपी में नदियों के उफान के बीच बाढ़ राहत कार्य तेज हैं. राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने फर्रूखाबाद, बलिया और बहराइच के राहत शिविरों की समीक्षा कर प्रभावितों से संवाद किया. शिविरों में भोजन, पानी, दवा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
-
राज्य20 Aug, 202606:37 PMयोगी सरकार ने तेज किया बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत-बचाव कार्य, एनडीआरएफ की टीमों को किया पूर्ण सक्रिय
जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को दामिनी ऐप के बारे में बताया गया, जो बिजली गिरने की संभावित गतिविधि की चेतावनी देता है. इसके अलावा सचेत ऐप के माध्यम से मौसम और आपदा संबंधी चेतावनियां प्राप्त करने की जानकारी दी गई. लोगों से इन सेवाओं का इस्तेमाल कर सतर्क रहने की अपील की गई.
-
राज्य18 Aug, 202602:47 PMबाढ़ से पहले योगी सरकार ने पूरी की तैयारी, हजारों नाव-मोटरबोट और बचाव दल मौके पर तैनात
बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में राहत-बचाव दलों की तैनाती की गई है. रिपोर्ट के अनुसार एनडीआरएफ की 18 टीमें और एसडीआरएफ की 16 टीमें प्रदेश अलग-अलग जिलों में तैनात हैं.
-
Advertisement
-
राज्य07 Aug, 202601:02 PMकांवड़ यात्रा में अराजकता बर्दाश्त नहीं, CM योगी का उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश
मुख्यमंत्री ने स्कूली वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि केवल वही वाहन संचालित किए जाएं, जो निर्धारित फिटनेस मानकों पर पूरी तरह खरे उतरते हों. उन्होंने ई-रिक्शा, टैक्सी और स्कूली वाहन चालकों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराने के भी निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.