दिशाशूल की बात करें तो शनिवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है, खासकर जब यात्रा बहुत जरूरी न हो. अगर किसी कारण से यात्रा करनी पड़े तो उचित उपाय करके आगे बढ़ने की परंपरा है.
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धर्म ज्ञान11 Jul, 202607:00 AM11 जुलाई का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति
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धर्म ज्ञान10 Jul, 202607:12 PMकहां है लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर, यहां दर्शन मात्र से दुश्मनों का भय होता है खत्म
भारत के तेलंगाना राज्य में धर्मपुरी शहर के करीमनगर जिले में भगवान लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर है. यह मंदिर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित है. इस मंदिर में भगवान नरसिंह स्वामी की दो अलग-अलग मूर्तियां हैं. इनमें से सबसे प्राचीन मूर्ति को 'पाटा नरसिंह स्वामी' कहा जाता है.
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धर्म ज्ञान10 Jul, 202607:00 AM10 जुलाई 2026 का पंचांग: योगिनी एकादशी पर बन रहे शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा. इस दिन धृति योग (सुबह 7:15 बजे तक) रहेगा. इसके बाद व्यतिपात योग में रहेगा. शुक्रवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 से दोपहर 12:58 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है.
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धर्म ज्ञान01 Jul, 202601:20 PMअषाढ़ महीने का शुभारंभ: देवशयनी एकादशी का खास महत्व, इस माह पड़ती है गुप्त नवरात्रि
अषाढ़ के महीने में महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है. इस महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को देश के सबसे प्राचीन और भव्य धार्मिक उत्सवों में से एक भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा मुख्य मंदिर से गुंडीचा मंदिर तक निकाली जाती है. इस वर्ष 16 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक रथ यात्रा का आयोजन रहेगा.
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धर्म ज्ञान29 Jun, 202607:00 AM29 जून का पंचांग: पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की करें पूजा, दोपहर 12:03 से 12:57 बजे तक अभिजित मुहूर्त
सोमवार को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है, जो सुबह 5:26 बजे तक रहेगी. इसके बाद प्रतिपदा शुरू हो जाएगा. पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है.
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धर्म ज्ञान27 Jun, 202604:11 PMकहां है ये रहस्यमयी मंदिर, जहां से शाम होते ही भागने लगते हैं लोग, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप
इस मंदिर की खूबसूरती देखकर आपको लगेगा कि यह राजस्थान का खजुराहो है. हर दीवार, हर खंभा और हर छत पर नक्काशी इतनी अद्भुत है कि आप घंटों वहीं ठहरे रहना चाहेंगे. हालांकि इस मंदिर में शाम के बाद ठहरना वर्जित है. कहा जाता है कि कोई भी अगर रात तक रुका, वह वापस नहीं आया.