इस दिन हलषष्ठी (हलषष्ठी/हरछठ) का व्रत है, इस दिन भगवान बलराम और हल (साथ ही सात प्रकार के अनाजों व पसई के चावल) की पूजा करना बहुत फलदायी होता है. यह व्रत मुख्य रूप से संतान की लंबी आयु और उनकी रक्षा के लिए माताएं रखती हैं.
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धर्म ज्ञान02 Sep, 202607:00 AM2 सितंबर का पंचांग: हलषष्ठी पर भगवान बलराम की पूजा करना फलदाई, जानें शुभ मुहूर्त से लेकर राहुकाल और दिशाशूल तक समय
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धर्म ज्ञान01 Sep, 202606:00 AM1 सितंबर का पंचांग: गणेश-हनुमान जी की पूजा करना विशेष फलदाई, एस्ट्रोलॉजर करण शर्मा से जानें शुभ मुहूर्त से लेकर राहुकाल और दिशाशूल तक समय
1 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7:42 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी शुरू होगी. मंगलवार होने से गणेश जी के साथ हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व रहेगा. इस दिन सूर्योदय 6:12 बजे और सूर्यास्त 6:40 बजे होगा.
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धर्म ज्ञान31 Aug, 202606:00 AM31 अगस्त का पंचांग: कजरी तीज पर बन रहा खास योग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
31 अगस्त 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 8:51 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी शुरू होगी. उदया तिथि के अनुसार इसी दिन कजरी तीज मनाई जाएगी. वैवाहिक सुख और अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करेंगी.
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धर्म ज्ञान30 Aug, 202606:00 AMAaj Ka Panchang 30 August 2026: भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वितीया, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
रविवार को सुबह 6:12 बजे सूर्योदय और शाम 6:42 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, रात 8:01 बजे चंद्रोदय और अगले दिन सुबह 8:49 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 30 अगस्त 2026 को सूर्य मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा अगले दिन तड़के 3:44 बजे उत्तर भाद्रपद नक्षत्र रहेगा, इसके बाद रेवती नक्षत्र शुरू हो जाएगा.