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उम्र, थकान, या कूटनीति? BRICS गाला डिनर से शी जिनपिंग ने क्यों बनाई दूरी? सामने आई असल वजह

चीनी राष्ट्रपति ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए बीते दिन दिल्ली पहुंचे. उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने के अलावा पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं, लेकिन वो देर शाम आयोजित गाला डिनर में शामिल नहीं हुए. तमाम अटकलों के बीच उनकी शाही दावत से गैरहाजिरी की वजह सामने आ गई है.

Image Source-IANS
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नई दिल्ली के भारत मंडपम में बीती रात BRICS सम्मेलन के मेहमानों के लिए खास गाला डिनर दी गई. इसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान सहित सदस्य देशों के नेता पहुंचे. हालांकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और आबू धाबी के क्राउन प्रिंस दावत में नहीं पहुंचे. प्रिंस एक ओर जहां शिखर सम्मेलन के बाद सीधे अपने देश निकल गए तो वहीं चीनी राष्ट्रपति भारत मंडपम से शाम को सीधे होटल चले गए.

चीनी राष्ट्रपति ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए बीते दिन दिल्ली पहुंचे. उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने के अलावा पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं, लेकिन वो देर शाम आयोजित गाला डिनर में शामिल नहीं हुए. तमाम अटकलों के बीच उनकी शाही दावत से गैरहाजिरी की वजह सामने आ गई है.

इसी दौरान उन्होंने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की. वे सुबह चीन से निकले थे और दोपहर के आसपास दिल्ली पहुंचे. समिट दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई, जिससे शायद उन्हें यात्रा की थकान मिटाने के लिए बहुत कम समय मिला.

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ब्रिक्स गाला डिनर में क्यों नहीं पहुंचे शी जिनपिंग?

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जिनपिंग के गाला डिनर से दूर रहने को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. सवाल उठने लगे कि आखिर जिनपिंग कार्यक्रम स्थल से कुछ ही दूरी पर हो रहे दावत में क्यों नहीं पहुंचे. वैसे तो भारत और चीन की ओर से इसको लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामले से जुड़े आधिकारिक सूत्रों की मानें तो जिनपिंग किसी नाराजगी या कूटनीतिक वजहों से नहीं बल्कि उम्र संबंधी थकान और पूरे दिन की व्यस्तता के बाद आराम करने के लिए होटल चले गए. इसलिए वो डिनर में शामिल नहीं हुए.

जिनपिंग पर हावी हो रहा उम्र!

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सूत्रों ने बताया कि जिनपिंग की उम्र अब 73 साल की हो चली है. वो अब दूसरे देशों की यात्राएं भी बहुत कम करते हैं. पिछले साल की ही देखें तो ब्रिक्स को लेकर हुए भारत दौरे को मिलाकर वो कुल 5 बार ही चीन से बाहर गए है और करीब 7 देशों का ही दौरा किया है. इन देशों में भी चीन के पड़ोसी ही कंबोडिया, वियतनाम, साउथ कोरिया, मलेशिया, कजाकिस्तान, और भारत शामिल हैं. 

एक साल में कितने देशों का जिनपिंग ने किया दौरा?

जहां तक ब्रिक्स में जिनपिंग के गाला डिनर में शामिल नहीं होने की बात है तो आपको बता दें कि चीनी राष्ट्रपति शनिवार दोपहर ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की. वे सुबह चीन से निकले थे और दोपहर के आसपास दिल्ली पहुंचे. समिट दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई, जिससे शायद उन्हें यात्रा की थकान मिटाने के लिए बहुत कम समय मिला. इतना ही नहीं वो इससे पहले SCO के भी एक डिनर को स्किप कर चुके हैं. टाइट शेड्यूल की वजह से जिनपिंग डिनर की वजह से आराम करने के लिए चले गए. आबू धाबी के क्राउन प्रिंस की ओर से डिनर में उनकी उपस्थिति के बारे में पहले ही बता दिया गया था.

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भारत मंडपम में पीएम मोदी ने दिया भव्य ब्रिक्स गाला डिनर

मालूम हो कि 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों, प्रतिनिधिमंडलों और विशिष्ट अतिथियों के सम्मान में भव्य ब्रिक्स गाला डिनर का आयोजन किया गया था. इस अवसर पर भारत की विविध पाक परंपराओं को दर्शाने वाला विशेष शाकाहारी मेन्यू परोसा गया, जिसमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों के स्वाद और पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया.

गाला डिनर की शुरुआत स्टार्टर के साथ हुई. मेहमानों को खंडवी मिले-फॉय परोसी गई, जिसमें बेसन से बनी स्टीम्ड खंडवी को सरसों, नारियल और करी पत्ते के तड़के के साथ केसर आम, माइक्रोग्रीन्स और योगर्ट ड्रेसिंग के साथ परोसा गया. इसके अलावा खुंब गलौटी में तवे पर हल्के से ग्रिल किए गए मशरूम कबाब को मिंट पर्ल्स और शीरमल ब्रेड के साथ परोसा गया.

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भारतीय व्यंजनों से मेहमानों का हुआ स्वागत

मुख्य भोजन में भारतीय व्यंजनों की समृद्ध परंपरा की झलक देखने को मिली. मेन्यू में पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक (हिमालयी गुच्छी मशरूम और एस्पेरेगस को केसर, किशमिश और ममरा बादाम के साथ तैयार किया गया व्यंजन), कैरट बीन पोरियाल, ठक्काली बेले सारू (अरहर दाल और टमाटर से तैयार दक्षिण भारतीय शैली का हल्का सूप), मिलेट पुलाव, बीटरूट रायता और विभिन्न प्रकार की भारतीय रोटियां शामिल थीं.

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गाला डिनर में स्ट्रीट फूड भी परोसे गए

डेजर्ट में मेहमानों को पुरानी दिल्ली के लोकप्रिय स्वाद से प्रेरित ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी परोसी गई, जिसमें मौसमी फलों और हल्की व्हिप्ड क्रीम के साथ कुरकुरी जलेबी परोसी गई. इसके साथ शहतूत फिरनी भी परोसी गई, जिसे धीमी आंच पर दूध और चावल से तैयार कर मीठे शहतूत और गोल्ड लीफ से सजाया गया.

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ब्रिक्स गाला डिनर के जरिए भारत ने वैश्विक नेताओं के सामने अपनी समृद्ध पाक विरासत, मिलेट्स को बढ़ावा देने की पहल और विभिन्न राज्यों की पारंपरिक रसोई का अनूठा संगम प्रस्तुत किया. यह आयोजन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन की प्रमुख सांस्कृतिक और कूटनीतिक मेजबानी का हिस्सा रहा.

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