‘देश में आपदा के समय कहां थे’ ईरान के लिए अपने गहने बेचने वाली कश्मीरी महिलाओं को सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों ने दिखाया आईना
कश्मीरी मुसलमानों ने पैसा, सोना, चांदी, बर्तन भेज कर ईरान की मदद की. जिसे ईरान ने सराहा लेकिन भारत में सवाल उठ रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने कश्मीरियों को आईना दिखाते हुए देश की आपदा याद दिला दीं.
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मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच, भारत से ईरानी अवाम के लिए बड़े पैमाने पर सहायता पहुंचाई है. जम्मू कश्मीर के बच्चों ने गुल्लक तोड़कर ईरान में मदद भेजी, तो महिलाओं ने अपने कीमती गहने बेच दिए.
कश्मीरियों की इस दरियादिली पर ईरान ने दिल खोलकर तारीफ की. बकायदा पोस्ट कर ‘इसे प्यार भरा तोहफा बताया’ इसके कश्मीरी मुसलमानों ने पैसा, सोना, चांदी, बर्तन भेज कर ईरान की मदद की, जहां ईरान इस मदद को सराह रहा है वहीं, भारत में कुछ लोग कश्मीरियों के इस कदम पर सवाल उठा रहे हैं.
कश्मीरियों पर क्यों भड़के सुप्रीम कोर्ट के वकील?
कश्मीर को लोगों की ओर से ईरान को मदद भेजने पर सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने ऐतराज जताया है. NMF News ने इसको लेकर वकीलों से बात की. इस दौरान उन्होंने अधिवक्ता सुभाष राय ने कहा कि यह हैरान कर देने वाली बात है. उनका कहना है कि भारत में कोई आपदा होती है तो कश्मीर के लोग मदद के लिए आगे आ गए. यहां तक कि कश्मीरियों ने कश्मीर के लिए भी कुछ नहीं किया, ऐसे में ईरान के लिए उनका दर्द क्यों छलक रहा है. सुप्रीम कोर्ट के अन्य वकीलों ने क्या कहा, खुद सुनिए.
जम्मू-कश्मीर से ईरान भेजी गई थी मदद
दरअसल, जम्मू-कश्मीर समेत कई जगहों पर बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़कर ईरान के लिए पैसे दान किए. ईरानी दूतावास ने कहा कि यह दया और समर्थन उनके लिए बेहद मायने रखता है और इसे हमेशा याद रखा जाएगा.
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ईरान ने कहा, वह बच्चों की इस मदद को कभी नहीं भूलेंगे. दूतावास ने कहा कि भारतीय बच्चों का अपनी गुल्लक दान करना ‘प्यार भरा तोहफा’ है. जिसे कभी नहीं भुलाया जाएगा. दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा कि छोटे-छोटे बच्चों ने अपने छोटे हाथों से जो मदद दी, वह बेहद खास है और दोनों देशों के रिश्तों की गहराई को दिखाती है.
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