WEF 2026: एमएमआरडीए ने 26 अरब डॉलर के निवेश समझौतों से रचा इतिहास, मुंबई महानगर क्षेत्र बनेगा वैश्विक आर्थिक हब

इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महाराष्ट्र आज भारत के अगले आर्थिक रूपांतरण के चरण में अग्रिम पंक्ति में खड़ा है. टाटा समूह के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर में 11 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश सुनिश्चित कर रहे हैं.

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22 Jan 2026
( Updated: 22 Jan 2026
11:11 PM )
WEF 2026: एमएमआरडीए ने 26 अरब डॉलर के निवेश समझौतों से रचा इतिहास, मुंबई महानगर क्षेत्र बनेगा वैश्विक आर्थिक हब

विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक (डब्ल्यूईएफ) 2026 के तीसरे दिन मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में 26 अरब अमेरिकी डॉलर के दो अहम निवेश समझौता ज्ञापनों को औपचारिक रूप दिया. इन समझौतों के साथ एमएमआरडीए की विकास रणनीति भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एकीकृत आर्थिक इकोसिस्टम की दिशा में स्पष्ट रूप से आगे बढ़ती दिखाई दी. 

इन समझौता ज्ञापनों में टाटा समूह के साथ 11 अरब अमेरिकी डॉलर की कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक और नवाचार साझेदारी शामिल है, जिसके तहत नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट बड़े पैमाने पर एक इनोवेशन सिटी का विकास किया जाएगा. इसके अलावा भारत–स्विट्जरलैंड सहयोग के अंतर्गत 15 अरब अमेरिकी डॉलर की सतत औद्योगिक विकास पहल को भी अंतिम रूप दिया गया है.

मुंबई महानगर क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम

इन दोनों साझेदारियों के माध्यम से मुंबई महानगर क्षेत्र को उन्नत विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और टिकाऊ औद्योगिक विकास के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

विश्व आर्थिक मंच 2026 में सुनिश्चित की गई 226.65 अरब अमेरिकी डॉलर की निवेश प्रतिबद्धताएं पूर्णतः इसी वर्ष के समझौता ज्ञापनों से संबंधित हैं, जो पिछले वर्ष डब्ल्यूईएफ में एमएमआरडीए द्वारा जुटाए गए 40 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती हैं. कुल 24 समझौता ज्ञापनों (13 निवेश एवं 11 रणनीतिक साझेदारियां) के माध्यम से यह उपलब्धि प्राप्त हुई है.

इसके साथ ही, एमएमआरडीए ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के एक ही सत्र में किसी भी अर्ध-सरकारी संस्था द्वारा अब तक की सर्वाधिक निवेश प्रतिबद्धताएं सुनिश्चित करने का रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो प्राधिकरण की दूरदृष्टि एवं क्रियान्वयन क्षमता पर अभूतपूर्व वैश्विक विश्वास को प्रतिबिंबित करता है.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान

इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महाराष्ट्र आज भारत के अगले आर्थिक रूपांतरण के चरण में अग्रिम पंक्ति में खड़ा है. टाटा समूह के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर में 11 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे नवाचार और डिजिटल क्षमताओं को तेज गति मिलेगी. वहीं भारत–स्विट्जरलैंड सहयोग के जरिए मुंबई महानगर क्षेत्र में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और सततता पर आधारित औद्योगिक विकास को मजबूती मिल रही है. 26 अरब अमेरिकी डॉलर की यह प्रतिबद्धता केवल इमारतों या ढांचों में किया गया निवेश नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं, हमारी अर्थव्यवस्था और वैश्विक विकास की धुरी के रूप में महाराष्ट्र की भूमिका में किया गया दीर्घकालिक निवेश है.”

क्या बोले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे!

इस अवसर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं एमएमआरडीए के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा, “दावोस में हुई ये साझेदारियां महाराष्ट्र और मुंबई महानगर क्षेत्र के पुनर्गठन को लेकर एमएमआरडीए के विजन पर वैश्विक स्तर पर बने मजबूत भरोसे को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं. स्विट्जरलैंड के नवाचार, हरित तकनीकों और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर को हम एकीकृत करते हुए लोगों को केंद्र में रखकर औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित कर रहे हैं. ये निवेश नए विकास क्षेत्रों के द्वार खोलेंगे, गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और राज्य के लिए एक सक्षम, भविष्य-तैयार और स्थिर अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे.”

डॉ. संजय मुखर्जी, भा.प्र.से., एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त ने कहा कि एमएमआरडीए के 51 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है, जब विश्व आर्थिक मंच में प्राधिकरण ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मोर्चे पर रिकॉर्डतोड़ परिणाम हासिल किए हैं. तीन दिनों में 24 समझौता ज्ञापनों के माध्यम से कुल 226.65 अरब अमेरिकी डॉलर की निवेश प्रतिबद्धताएं सुनिश्चित हुई हैं. आज हुए दो समझौते अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से आगे बढ़कर उद्देश्य-आधारित और एकीकृत आर्थिक इकोसिस्टम की ओर स्पष्ट बदलाव को दर्शाते हैं. भारत–स्विट्जरलैंड सहयोग के तहत स्विस नवाचार, सततता और वैश्विक विनिर्माण की सर्वोत्तम प्रथाओं को उन्नत औद्योगिक विकास से जोड़ा जाएगा.

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उन्होंने आगे कहा कि टाटा समूह के साथ साझेदारी के जरिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, कोर उद्योगों तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रीय विकास क्षेत्रों को समेटने वाला बहुआयामी निवेश ढांचा तैयार किया जा रहा है. इन पहलों के माध्यम से एकीकृत औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स और मजबूत ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा, गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मुंबई महानगर क्षेत्र को सतत विकास तथा बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी.

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