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‘हम हिटलर नहीं, दरवाजे खुले रखने होंगे…’, पाकिस्तान के साथ बातचीत पर RSS चीफ मोहन भागवत का बड़ा बयान

मोहन भागवत ने पाकिस्तान के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखने पर दत्तात्रेय होसबोले की टिप्पणी का समर्थन किया. उन्होंने कहा, हम हिटलर की तरह नहीं हैं.

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14 Jun 2026
( Updated: 14 Jun 2026
01:17 PM )
‘हम हिटलर नहीं, दरवाजे खुले रखने होंगे…’, पाकिस्तान के साथ बातचीत पर RSS चीफ मोहन भागवत का बड़ा बयान
Image Source- IANS/X/@RSSorg
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RSS Chief Mohan Bhagwat on Pakistan: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है. मोहन भागवत ने कहा पाकिस्तान में आज भी ऐसे बहुत से लोग हैं जो यह मानते हैं कि भारत का विभाजन गलत था. वहां के कई पत्रकार भी RSS और उसके काम की तारीफ करते हैं. 

दरअसल, RSS चीफ भागवत तिरुवनंतपुरम में संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में बतौर चीफ गेस्ट पहुंचे थे. यहां अपने संबोधन में मोहन भागवत ने सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की उस टिप्पणी का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ बातचीत की खिड़की खुली रखने की ओर इशारा किया था. 

पाकिस्तान पर क्या बोले RSS प्रमुख? 

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संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दत्तात्रेय होसबोले का इशारा पड़ोसी देश की सरकार की तरफ नहीं, बल्कि वहां के आम लोगों की तरफ था. उन्होंने दत्तात्रेय होसबले के एक इंटरव्यू में कही बातों का जिक्र करते हुए कहा, ‘किसी भी देश को लेकर RSS की कोई स्वतंत्र विदेश नीति नहीं होती और संगठन इस मामले में केंद्र सरकार के रुख और नीतियों का ही पालन करता है.’ उन्होंने कहा, 

'पाकिस्तान में आज भी ऐसे बहुत से लोग हैं जो यह मानते हैं कि भारत का विभाजन गलत था. पाकिस्तान के भीतर एक बड़ा ऐसा वर्ग मौजूद है जो पाकिस्तान की मूल विचारधारा और टू-नेशन थ्योरी के खिलाफ है. उनका मानना है कि हमारा साथ रहना ज्यादा बेहतर था.’

RSS प्रमुख ने हिटलर का जिक्र क्यों किया? 

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मोहन भागवत ने पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर कहा,  अगर आने वाले समय में भारत पाकिस्तान को पूरी तरह परास्त कर देता है तो ऐसी स्थिति में वहां के लोगों को लेकर दो ही रास्ते होंगे, या तो उन्हें भारत के साथ मिलाना होगा या फिर उन्हें उसी देश में शांति से रहने लायक माहौल देना होगा. 

भागवत आगे कहते हैं, ‘इन दोनों ही परिस्थितियों के लिए बातचीत के दरवाजे खुले रखना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा, 

‘हम हिटलर की तरह नहीं हैं, यह न तो हमारी प्रकृति है और न ही हमारा रास्ता. इसलिए हमें कुछ रास्ते खुले रखने होंगे. हमें अन्याय और अत्याचार को पूरी तरह खत्म करना चाहिए, लेकिन जो कुछ भी अच्छा है उसे बचाकर रखना भी हमारा कर्तव्य है.’

दत्तात्रेय होसबले ने क्या कहा था?

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दरअसल, मई 2026 को दिए एक इंटरव्यू में RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने पाकिस्तान को लेकर कई बातें कहीं. इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि भारत को पाकिस्तान और उसके प्रायोजित आतंकवाद से कैसे निपटना चाहिए? तब उन्होंने कहा था, ‘किसी भी देश की सुरक्षा और आत्मसम्मान की रक्षा सबसे पहले होनी चाहिए और मौजूदा सरकार को इसका पूरा ध्यान रखना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही हमें बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं करने चाहिए. हमें हमेशा संवाद के लिए तैयार रहना चाहिए.’ दत्तात्रेय होसबोले की इस टिप्पणी का मोहन भागवत ने भी समर्थन किया है. 

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