ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार आमने-सामने होंगे ट्रंप, 3 भारतीयों की अमेरिकी हमले में मौत का उठेगा मुद्दा, दो टूक होगी बात
होर्मुज में अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा बढ़ता जा रहा है. करीब 16 महीने बाद होने जा रही मोदी-ट्रंप की आमने-सामने की मुलाकात में ये मामला उठ सकता है. भारत ट्रंप के सामने इसको लेकर दो टूक बात करेगा.
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होर्मुज में भारतीय टैंकर्स/ जहाज पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद अमेरिका और भारत के संबंधों में फिर से तनाव पैदा हो गया है. एक ओर दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जैसन मीक्स को तलब कर इस घटना पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया तो वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की और जमकर खरी खोटी सुनाई है.
भारत ने साफ संदेश दिया है कि समुद्र में भारतीय कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसी बीच एक और बड़ी ख़बर आ रही है कि प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की करीब 16 महीने बाद आमने सामने की मुलाकात होने वाली है. सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात में भारतीय सेलर्स की मौत का मुद्दा उठाने के साथ-साथ भारत की आपत्ति दो टूक रखने वाले हैं.
करीब 16 महीने बाद मिलेंगे ट्रंप-मोदी, उठेगा नाविकों की मौत का मुद्दा
आपको बताएं कि फ्रांस में अगले हफ्ते जी7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है. इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी फ्रांस पहुंचने वाले हैं. व्हाइट हाउस ने शनिवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ्ते फ्रांस में होने वाले जी7 समिट के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दुनिया के दूसरे नेताओं से मुलाकात करेंगे. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर जारी बातचीत में हुए विकास की समीक्षा करने की उम्मीद है.
वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित व्यापार समझौता शायद दोनों नेताओं के बीच बातचीत में खास तौर पर शामिल होगा. हालांकि, अधिकारियों को उम्मीद नहीं है कि समिट के दौरान कोई फाइनल समझौता हो पाएगा. ट्रंप के फ्रांस दौरे को लेकर व्हाइट हाउस में ब्रीफिंग के दौरान अधिकारी ने कहा, "मुझे लगता है कि संभावित व्यापार समझौते पर पर बात होगी."
अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने इस साल की शुरुआत में एक जॉइंट फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया था और पिछले एक साल से वह गहरी बातचीत कर रहे हैं. दोनों पक्ष मतभेदों को दूर करने और आपसी फायदे वाले क्षेत्र की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं. अधिकारी ने कहा, "पिछले एक साल से हम भारतीयों के साथ काफी गहरी बातचीत कर रहे हैं." कुछ हफ्ते पहले एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आया था और कई स्तर पर बातचीत अभी भी जारी है.
मोदी-ट्रंप के बीच व्यापार समझौते पर भी हो सकेगी बातचीत
अमेरिकी अधिकारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर 22 जून के आसपास भारत आएंगे, ताकि प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके. अधिकारी ने कहा, "हमें लगता है कि अमेरिका और भारत प्राकृतिक रूप से आर्थिक साझेदार हैं और एक-दूसरे को बहुत कुछ दे सकते हैं."
इसके अलावा, आर्थिक विकास, सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), निवेश साझेदारी और कई वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर बातचीत होने की उम्मीद है. अधिकारी ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप जी7 के नेताओं से मिलकर आर्थिक विकास, सप्लाई चेन में मजबूती, गैर-कानूनी प्रवासन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अहम मुद्दों पर बात करेंगे."
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप 17 जून को पीएम मोदी के साथ एक द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसके बाद वे जी7 नेताओं, सहयोगी भागीदारों और तकनीकी अधिकारियों के साथ एक वर्किंग लंच में शामिल होंगे. पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ सफल 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच यह पहली द्विपक्षीय बैठक होगी. अमेरिकी सरकार में वरिष्ठ अधिकारी ने दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक से संबंधित अन्य कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है.
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सोमवार को फ्रांस पहुंचेंगे ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति सोमवार को वाशिंगटन से रवाना होंगे और उसी दिन फ्रांस पहुंचेंगे. उनके कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, कतर के अमीर, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय मीटिंग शामिल हैं.
व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप निवेश और विकास साझेदारी पर केंद्रित एक आर्थिक एजेंडा को आगे बढ़ाना चाहते हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "राष्ट्रपति विकास को लेकर चर्चा का दायरा ऐसे निवेश साझेदारियों पर केंद्रित करेंगे, जो निवेश करने वाले देश और निवेश प्राप्त करने वाले देश, दोनों के लिए समान रूप से लाभकारी हों."
अधिकारी के मुताबिक, सरकार जरूरी मिनरल्स और सप्लाई चेन सुरक्षा पर जोर देने की योजना बना रही है. ये ऐसे मुद्दे हैं जो बढ़ते भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और कम सप्लायर्स पर निर्भरता की चिंताओं के बीच खास हो गए हैं.
अधिकारी ने कहा कि ट्रंप जी7 साझेदारों के साथ मिलकर जरूरी मिनरल सप्लाई चेन की मजबूती बढ़ाने, आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने और गैर-कानूनी प्रवासन और ड्रग तस्करी से निपटने के तरीकों को मजबूत करने के लिए काम करेंगे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समिट के खास थीम में से एक होने की उम्मीद है.
G7 में कई सत्रों की होगी बातचीत
समिट के शेड्यूल में जी7 लीडर्स, बुलाए गए साझेदारों और बिजनेस लीडर्स के साथ कई वर्किंग सत्र शामिल हैं. ट्रंप के यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ बातचीत, मिडिल ईस्ट के नेताओं के साथ बैठकें और इनोवेशन और एआई पर फोकस करते हुए ग्लोबल टेक्नोलॉजी चीफ एग्जीक्यूटिव्स के साथ लंच में हिस्सा लेने की उम्मीद है. व्हाइट हाउस ने कहा कि यह समिट अमेरिका की आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का मौका देगा, साथ ही सहयोगियों और साझेदारों के साथ सहयोग को भी मजबूत करेगा.
ओमान तट के पास जहाज पर हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत
आपको बता दें कि बीते 11 जून को ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम निवासी मरीन इंजीनियर समेत तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई.
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जानकारी के अनुसार, पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर ओमान तट के निकट रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के पास हमला हुआ. इस हमले में जहाज के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) पटनाला सुरेश, डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई. बताया गया कि घटना के बाद तीनों भारतीय नाविक लापता थे, लेकिन बाद में उनके शव बरामद होने की पुष्टि कर दी गई.