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अतीक के नाम से जिस जमीन पर था खौफ, अब वहीं 76 परिवारों के रोशन होंगे घर; PM मोदी के जन्मदिन पर दीयों से जगमगाएगा लूकरगंज
प्रयागराज के लूकरगंज में कभी अतीक अहमद के अवैध कब्जे से जुड़ी जमीन पर बने प्रधानमंत्री आवास योजना के 76 फ्लैटों में गरीब परिवार अब खुशी से रह रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर लाभार्थी अपने घरों में दीये जलाकर उत्सव मनाने की तैयारी में हैं.
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उत्तर प्रदेश का प्रयागराज ज़िला जो काफी माफ़िया अतीक के आंतक से दहशत में रहने व्ला लूकरगंज एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह कोई अपराध या विवाद नहीं, बल्कि 76 परिवारों के घरों में जगमगाने वाले दीये हैं. जिस जमीन को कभी माफिया अतीक अहमद के अवैध कब्जे से जोड़कर देखा जाता था, उसी जगह आज प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने फ्लैटों में गरीब परिवार अपना जीवन आगे बढ़ा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर इन घरों को रोशनी से सजाने की तैयारी की जा रही है.
76 परिवारों के लिए घर से बड़ी खुशी क्या?
लूकरगंज में बने इन 76 फ्लैटों में अब वे परिवार रह रहे हैं, जिनके लिए अपना पक्का घर किसी सपने से कम नहीं था. घर मिलने के बाद इन परिवारों के जीवन में सबसे बड़ा बदलाव यही आया कि अब उन्हें छत की चिंता नहीं करनी पड़ती. इसी खुशी को यादगार बनाने के लिए लाभार्थियों ने अपने घरों में दीये जलाने की इच्छा जताई है. लाभार्थियों के मुताबिक, उनके लिए यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है. अपने घर में रहकर दीया जलाना उस बदलाव का एहसास है, जिसे उन्होंने खुद अपनी जिंदगी में महसूस किया है. कई परिवार इसे उत्सव की तरह मनाने की तैयारी में हैं.
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सरकारी योजना ने बदली जमीन की पहचान
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इस परियोजना के तहत विवादित जमीन को आवासीय परिसर में बदला गया. करीब 1731 वर्ग मीटर क्षेत्र में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत 76 फ्लैट तैयार किए गए. चार मंजिला इमारत में बने इन आवासों का मकसद जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराना था. वर्ष 2023 में इन आवासों का लोकार्पण किया गया था और लाभार्थियों को उनके घरों की चाबियां सौंपी गई थीं. इस तरह जिस जमीन का जिक्र पहले कब्जे और विवाद के संदर्भ में होता था, उसकी पहचान धीरे-धीरे उन परिवारों से जुड़ने लगी, जिन्हें यहां रहने के लिए अपना घर मिला है.
दीये और मिठाई की भी होगी व्यवस्था
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प्रयागराज शहर पश्चिम से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि 76 परिवारों ने अपने घरों में दीये जलाने की इच्छा जताई है. उनके मुताबिक, लाभार्थियों के लिए दीयों और मिठाई की व्यवस्था की जा रही है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इसे गरीब परिवारों के जीवन में आए बदलाव से जोड़ते हुए कहा कि इन घरों में होने वाला दीपोत्सव देखने लायक होगा. सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आवासों के आवंटन में किसी तरह के भेदभाव से भी इनकार किया और इसे प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी पहल बताया.
आवास योजना पर सियासत भी तेज
76 घरों में होने वाला यह दीपोत्सव पूरी तरह राजनीतिक चर्चा से अलग नहीं रह पाया. समाजवादी पार्टी ने इस आयोजन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं. पार्टी के प्रवक्ता मनोज काका ने आरोप लगाया कि सरकार जमीन और भू-माफिया से जुड़े मामलों में कार्रवाई को राजनीतिक तरीके से इस्तेमाल करती है. उन्होंने मांग की कि यदि सरकार वास्तव में भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, तो उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी जमीन कब्जे के मामलों में समान कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने लखनऊ के अलावा जौनपुर और मिर्जापुर जैसे जिलों का भी उल्लेख किया.
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आरोपों पर बीजेपी की ओर से जवाब
वहीं, सिद्धार्थ नाथ सिंह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए लूकरगंज की जमीन का उदाहरण सामने रखा. उनका कहना है कि जिस स्थान को लेकर पहले विवाद था, उसी जगह आज गरीब परिवारों के लिए घर तैयार हैं. इस पूरे मामले में दोनों राजनीतिक पक्षों के बयान उनके अपने दावों और आरोपों को सामने रखते हैं. इसलिए इनके राजनीतिक आरोपों को संबंधित नेताओं के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए.
शुरू हुआ दो नया दौर
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लूकरगंज की यह कहानी सिर्फ एक आवासीय परियोजना की कहानी नहीं है. इसके दो अलग दौर दिखाई देते हैं. एक दौर वह था जब जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप और उससे जुड़ा विवाद चर्चा में था. दूसरा दौर वह है, जब उसी स्थान पर परिवारों के पास रहने के लिए पक्के घर हैं.
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बताते चलें कि अब इन 76 घरों में जलने वाला हर दीया उन परिवारों के लिए अपनी एक अलग खुशी लेकर आएगा. किसी के लिए यह अपने घर का उत्सव होगा, तो किसी के लिए उस लंबे इंतजार के खत्म होने का एहसास, जिसमें पक्की छत सिर्फ एक सपना हुआ करती थी. लूकरगंज में होने वाला यह दीपोत्सव इसी बदलाव की तस्वीर पेश करेगा. राजनीतिक बयान और आरोप अपनी जगह हैं, लेकिन 76 परिवारों के लिए इस कहानी का सबसे अहम हिस्सा उनका अपना घर है.