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अमेरिका ने फिर किया ईरान के अंदर सर्विलांस और सैन्य ठिकानों पर हमला, बदले में IRGC ने होर्मुज को कर दिया बंद

अमेरिका ने अपाचे हेलिकॉप्टर के गिराए जाने के बाद एक बार फिर ईरान पर भीषण हमला किया है. ईरान के अंदर ये अटैक हुआ है. इस पर ट्रंप ने कहा कि समझौते के करीब थे, लेक‍िन वो हमें टालते रहे. वहीं IRGC ने होर्मुज को सील कर दिया है.

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11 Jun 2026
( Updated: 11 Jun 2026
08:52 AM )
अमेरिका ने फिर किया ईरान के अंदर सर्विलांस और सैन्य ठिकानों पर हमला, बदले में IRGC ने होर्मुज को कर दिया बंद
US Attack on Iran/ Image: CENTCOM Screengrab/ CANVA
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अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर एक बार फिर से हमले शुरू कर द‍िए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान वॉशिंगटन के साथ परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तो उस पर सैन्य दबाव और बढ़ाया जाएगा. अमेर‍िकी सैन्य कार्रवाई बुधवार को शाम 5:15 बजे (ईस्टर्न टाइम) शुरू की गई.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर ईरान में कई ठिकानों पर 'आत्मरक्षा' में अतिरिक्त हमले किए गए. इसी बीच खबर सामने आ रही है कि होर्मुज को फिर से बंद कर दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान की ओर से गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया गया. वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि अब तेल टैंकरों और कारोबारी जहाजों समेत कोई भी पोत इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की कोशिश करेगा तो उस पर हमला किया जाएगा.

IRGC ने होर्मुज से गुजर रहे जहाजों को दी चेतावनी

IRGC के मुताबिक जो भी जहाज नियमों का उल्लंघन करेगा और उसकी चेतवानी को नहीं मानेगा ऐसे कॉमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया जाएगा. वहीं ईरान के दावे के कुछ ही देर बाद अमेरिकी सेना ने इसका खंडन कर दिया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से कहा गया है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर किसी तरह का सफल हमला भी नहीं हुआ है.

ट्रंप के आदेश के बाद ईरान के अंदर किए गए भीषण हमले

आपको बता दें कि सेंटकॉम ने ईरान पर किए हालिया हमले को लेकर लिखा: कमांडर-इन-चीफ़ के निर्देश पर, 10 जून को U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की फ़ोर्स ने ईरान में कई ठिकानों पर आत्मरक्षा में अतिरिक्त हमले किए. CENTCOM की फ़ोर्स ने पूरे ईरान में ईरानी सेना की निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और एयर डिफ़ेंस साइटों पर हमले किए. U.S. मरीन कॉर्प्स, एयर फ़ोर्स और नेवी ने उन ईरानी ठिकानों पर सटीक हमले किए जो U.S. फ़ोर्स और इलाके के पानी से गुज़रने वाले अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाज़ों के लिए खतरा थे. ये हमले ईरान की बिना वजह और लगातार आक्रामकता के जवाब में किए गए हैं. U.S. फ़ोर्स सतर्क, घातक और तैयार है.

अमेरिकी युद्ध मंत्री ने ईरान को दी चेतावनी

फ्लोरिडा के मैकडिल एयरफोर्स बेस पर सेंटकॉम के कमांडरों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हेगसेथ ने कहा, ''आज रात सेंट्रल कमांड काफी व्यस्त रहने वाला है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हम ईरान पर कड़ा प्रहार करेंगे, और हम ऐसा करेंगे. ईरान के पास एक अच्छा, बल्कि बहुत अच्छा समझौता करने का मौका है, जिससे वे उन बातों को आधिकारिक रूप दे सकते हैं, जिन्हें करने की बात वे पहले से कहते रहे हैं, लेकिन अब तक उन्होंने ऐसा नहीं किया है." व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि कई महीनों की बातचीत के बावजूद ईरान ने वार्ता को आगे नहीं बढ़ाया.

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ट्रंप ने ईरान पर लगाया बातचीत को लंबा खींचने का आरोप

ट्रंप ने कहा, "मैं कई महीनों से ईरान के साथ काम कर रहा हूं और उन्हें इस समझौते पर हस्ताक्षर कर देने चाहिए. यह एक अच्छा समझौता है. यह उन्हें परमाणु हथियार रखने का अधिकार नहीं देता है. असल में, यह उन्हें कभी भी परमाणु हथियार रखने से पूरी तरह रोकता है."

अपाचे हेलिकॉप्टर गिराए जाने के बाद अमेरिका बौखलाया!

ये नए हमले उस घटना के बाद हुए जब सोमवार को ईरान ने ओमान के पास अमेरिकी सेना के एक एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था. ट्रंप ने कहा कि हेलीकॉप्टर का चालक दल सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन उन्होंने आगे भी सैन्य कार्रवाई जारी रखने की बात कही.

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उन्होंने कहा, "हमने उन्हें कल कड़ा जवाब दिया था, और आज फिर देंगे. समझौते का क्या होता है, यह देखेंगे. हम समझौते के बहुत करीब पहुंच गए थे, लेकिन वे हमें लगातार टालते रहे हैं. वे हमें बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैं."

इसके अलावा सेंटकॉम ने कहा कि ये हमले 'ईरान की लगातार और बिना वजह की आक्रामक गतिविधियों' के जवाब में किए गए हैं. इससे पहले दिन में कमांड ने बताया था कि अमेरिकी बलों ने एक और तेल टैंकर को रोक दिया, जो अमेरिकी नेतृत्व वाली नाकाबंदी का उल्लंघन करते हुए ईरानी तेल ले जा रहा था.

सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी विमान ने पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी सेट्टेबेल्लो के इंजन रूम पर सटीक हथियारों से हमला किया, क्योंकि उसके चालक दल ने कई बार दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया.

होर्मुज को लेकर अमेरिका कर रहा अलग तरह के दावे!

हेगसेथ ने कहा कि होर्मुज स्‍ट्रेट के आसपास चल रहे सैन्य अभियान अमेरिकी रणनीति का अहम हिस्सा हैं. उनका दावा था कि 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत अब तक 10 करोड़ से अधिक बैरल तेल अमेरिकी सुरक्षा के बीच सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजर चुका है.

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होर्मुज पर अमेरिका ने किया अपना कंट्रोल होने का दावा

उन्होंने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका होर्मुज स्‍ट्रेट को नियंत्रित करता है. हम अपने साझेदारों के साथ मिलकर तेल और अन्य सामान की आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं, और यह काम कई हफ्तों से लगातार हो रहा है, भले ही ईरान इसे स्वीकार न करना चाहे." पेंटागन प्रमुख ने कहा कि सेंटकॉम ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी कमजोर कर दिया है और चेतावनी दी कि आगे और हमले भी हो सकते हैं.

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उन्होंने कहा, "ईरान के पास समझौता करने का मौका है. राष्ट्रपति ट्रंप एक समझौता कराने वाले नेता हैं, और वे यह समझौता करने के लिए तैयार हैं. ईरान के लिए समझदारी इसी में है कि वह इसे स्वीकार कर ले." ट्रंप ने भी यही बात दोहराई और कहा कि सैन्य कार्रवाई और कूटनीति दोनों साथ-साथ चल रही हैं. उन्होंने कहा, "सीधी सी बात है ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता, और वह नहीं होगा. उन्हें बस एक कागज पर हस्ताक्षर करने हैं."

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