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'भारत सनातन की भूमि...', ब्रिक्स में शाकाहारी खाने पर भारत में बवाल, विपक्ष ने काटा हल्ला, विदेशी मेहमानों ने दिया जवाब!
एक ओर जहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में भारत की मेजबानी और व्यवस्था ने विदेशी मीडिया का दिल जीत लिया। जर्मन-रूसी सहित विदेशी पत्रकार भारतीय खानों की तारीफ करते नजर आए तो वहीं विपक्ष हल्ला काटता रहा है. इसी बीच इस्लामिक स्कॉलर ने राहुल गांधी को जवाब दिया है.
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भारत की अध्यक्षता में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शाकाहारी खाना को लेकर देश में विपक्ष और एक तबका बड़ा बवाल काट रहा है. सरकार पर आरोप लगाया जा रहा है कि वो खान-पान भी थोप रही है. ऐसे में ब्रिक्स में मेहमानों को परोसे गए खाने को लेकर राहुल गांधी के आरोपों की विदेशी पत्रकारों और इस्लामिक स्कॉलर्स ने हवा निकाल दी है.
एक ओर जहां इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती वजाहत कासमी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की 'मांसाहार' वाली टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है तो वहीं रूसी और जर्मन पत्रकारों ने भी शाकाहारी और भारतीय व्यंजनों को मिले प्रतिनिधित्व, दी गई पहचान और उनके स्वाद पर खुलकर अपनी बात रखी है. मुफ्ती वजाहत कासमी ने राहुल को जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि भारत सनातन की भूमि है. सनातन सभ्यता और संस्कृति में मांसाहारी भोजन का कोई स्थान नहीं है.
'भारत सनातन की भूमि, इसकी संस्कृति में मांसाहार की जगह नहीं'
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इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती वजाहत कासमी ने आगे कहा, "भारत सनातन की भूमि है. सनातन सभ्यता और संस्कृति में मांसाहारी भोजन का कोई स्थान नहीं है. मुझे नहीं पता कि राहुल गांधी की सोच कैसी है या उन्हें क्या हो गया है. अगर वह मांसाहारी भोजन करना चाहते हैं, तो कोई समस्या नहीं है. उन्हें कोई रोक नहीं रहा है, लेकिन हर देश ऐसे मौकों का इस्तेमाल अपनी संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं को दिखाने के लिए करता है."
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The BRICS gala dinner menu features an array of Indian delicacies, including Khandvi Mille-Feuille, Khumb Galouti, Paneer Lababdar, Gucchi Marmik, Millet Pulao and assorted breads, followed by desserts such as Old Delhi Fruit Cream with Jalebi and Shahtoot Phirni pic.twitter.com/7EFBlryRt6
— IANS (@ians_india) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 12, 2026
उन्होंने कहा, "भारत सनातन की भूमि है और मांसाहारी भोजन सनातन संस्कृति का हिस्सा नहीं है. भारत ने दुनिया के सामने अपनी परंपराओं और संस्कृति का प्रदर्शन भी किया है. राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि 'ब्रिक्स' ने खुद दिखाया है कि भारत कितना शक्तिशाली है और प्रधानमंत्री मोदी कितने मजबूत नेता हैं."
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भारतीय खाने के मुरीद दिखे विदेशी मेहमान
दूसरी ओर भारतीय मेजबानी और खानों की तारीफ करते हुए जर्मनी के पत्रकार बेन ने अपने इस पहले दौरे को यादगार बताते हुए कहा कि चार बार ब्रिक्स कवर करने के बाद यह अब तक की सबसे अच्छी मीडिया किट थी. वहीं, रूसी पत्रकार अनास्तासिया गोल्याकोवा ने भारतीय खाने की तारीफ करते हुए कहा कि मीडिया सेंटर में परोसा गया भोजन भारत की राष्ट्रीय संस्कृति और विविधता का प्रतीक था. दोनों पत्रकारों ने एक सुर में कहा कि भारतीय खाने का स्वाद लाजवाब और व्यवस्था बेहद शानदार थी.
Delhi: Anastasia Golyakova, a Russian journalist, says, "...The food was delicious and, in the beginning, well, for me as a Russian, it's not so easy to read even the names of traditional Indian food presented here in the media centre. But thanks to the Indian colleagues, they… pic.twitter.com/rmhYw9WnN6
— IANS (@ians_india) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 13, 2026Advertisement
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जर्मनी के पत्रकार बेन ने कहा, "यह मेरा भारत में पहला दौरा है. वास्तव में, मैं चौथी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ हूं और यह सबसे अच्छी मीडिया किट थी. वास्तव में अच्छी तरह से सोची गई, एक अच्छा बैकपैक और इससे भी महत्वपूर्ण बात कि इसके अंदर क्या था. तो भारतीय शाकाहारी सुपरफूड और एक बहुत अच्छा कॉफी मग, हल्का वाला, अच्छी सजावट और हमें एक स्कार्फ मिला, स्कार्फ अभी भी मेरे साथ है. तो कुछ और सामान है, एक और छोटा बैग और कॉफी पाउडर. अब तक मैंने जो स्वाद लिया है, वह अच्छी गुणवत्ता का, हल्का और सुरुचिपूर्ण है."
भारत की मेहमानवाजी की विदेशी पत्रकारों ने की तारीफ
मीडिया सेंटर और भारतीय खाने को लेकर उन्होंने कहा कि वाईफाई में अभी भी कुछ सुधार की गुंजाइश है, लेकिन उसके अलावा सब कुछ बहुत अच्छी तरह से व्यवस्थित था, उत्कृष्ट भोजन था. मुझे भारतीय चाय बहुत पसंद है. वे चाय परोसते हैं. आज और कल यहां रहना एक अच्छा अनुभव था.
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उन्होंने कहा कि वास्तव में, दोस्तों ने मुझे पहले ही थोड़ा आगाह किया था कि भारत आने पर सलाद न खाएं, सावधान रहें. अब तक मुझे कोई भी समस्या नहीं हुई है और मुझे इसका स्वाद बहुत पसंद है. मुझे भारतीय खाना के बारे में पता है. बर्लिन, बैंकॉक, हर जगह भारतीय रेस्तरां हैं. यहां का खाना स्वादिष्ट, स्वस्थ, वसायुक्त नहीं और ज्यादा मीठा नहीं है. मुझे कहना होगा यह उत्तर भारतीय भोजन है, जो मुझे अब तक मिला है. मुझे यह वास्तव में बहुत पसंद है."
Delhi: On the media kit received by the Indian government, Ben, a journalist from Germany, says, "Actually, I have been to the fourth BRICS Summit now, and that was the best media kit. Really well thought out, a nice backpack, and even more important was what was inside. So,… pic.twitter.com/4vgiFIqrKN
— IANS (@ians_india) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 13, 2026
'हमने रसोई में देखी भारत की राष्ट्रीय संस्कृति'
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इसके अलावा, रूसी पत्रकार अनास्तासिया गोल्याकोवा ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय संस्कृति हमने रसोई में देखी. खाना बहुत स्वादिष्ट था. शुरुआत में, मेरे लिए एक रूसी के तौर पर मीडिया सेंटर में परोसे गए भारतीय भोजन के बारे में पारंपरिक खाने के नाम पढ़ना भी इतना आसान नहीं था, लेकिन भारतीय सहकर्मियों का धन्यवाद जिन्होंने मुझे समझाया कि यह राष्ट्रीय पहचान वाले भोजन के रूप में भारत के सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए मुझे यह पसंद आया.
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से, यह सिर्फ दो दिनों का आयोजन है. मेरी इच्छा है कि यह कम से कम तीन और दिन चलता, लेकिन हमारे पास समय सीमित है. मुझे उम्मीद है कि एक दिन मैं उन अन्य कार्यक्रमों को कवर करने के लिए वापस आऊंगी, जिनका भारत आयोजन करता है.
'अब तक का सबसे अच्छा मीडिया किट'
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मीडिया किट को लेकर रूसी पत्रकार ने कहा, "यह एक बैकपैक की तरह है. जब मैंने उसे खोला तो मुझे कितनी हैरानी हुई, अंदर भारतीय विशेषताएं थीं. यह कुरकुरा, नमकीन, चिप्स जैसा खाना, चाय और शॉल था. यह बहुत मार्मिक था. जिस व्यक्ति के मन में भारत को इस तरह से बढ़ावा देने का विचार आया, वह एक शानदार विचार है."
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इसके अलावा मुफ्ती वजाहत कासमी ने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें ओछी बातें नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ऐसे बयानों से उनका कद ही छोटा होता है.