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वंदे मातरम की धुन, तिरंगे से पटे रोड...ऑस्ट्रेलिया पहुंचे PM मोदी, झूमे भारतीय, न्यूक्लियर-AI सहित कई मुद्दों पर सहमति
पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया पहुंचते ही मेलबर्न देशभक्ति के रंग में रंगा दिखा. इस दौरान ‘मां तुझे सलाम’ और 'वंदे मातरम' की धुनों से प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत हुआ. यहां प्रधानमंत्री ने CEO फोरम को संबोधित किया और भारत में निवेश को लेकर आमंत्रित किया.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न में भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया. पीएम मोदी को देखकर लोग उत्साहित नजर आए और पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला. प्रधानमंत्री मोदी का मेलबर्न में भारतीय समुदाय के लोगों ने गर्मजोशी भरा स्वागत किया. इंतजार कर रहे लोगों ने जैसे ही उन्हें देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इस दौरान लोगों ने 'भारत माता की जय' और 'मोदी-मोदी' के नारे लगाए. कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों ने 'मां तुझे सलाम' और 'वंदे मातरम' की धुनों से प्रधानमंत्री का स्वागत किया.
Prime Minister Narendra Modi tweets, "India welcomes the AU$500 million investment from AustralianSuper, announced by their Chief Executive, Paul Schroder, this morning in Melbourne. This is yet another glimpse of the global confidence in India’s growth and reform trajectory. It… pic.twitter.com/DehwyFhN9D
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 9, 2026
प्रधानमंत्री के इस दौरे में कई मुद्दों पर ऑस्ट्रेलियाई पीएम के साथ बात हुई और निवेश और साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनाई, जिसमें परमाणु उर्जा अहम है. इतना ही नहीं पीएम मोदी मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम में शामिल हुआ, जहां उन्होंने भारत में निवेश के बदले माहौल में कारोबार लगाने-इन्वेस्ट करने के लिए आमंत्रित किया.
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मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम के लिए पहुंचे अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज से मुलाकात की. अल्बनीज ने पीएम मोदी का स्वागत किया और दोनों नेताओं ने एक तस्वीर खिंचवाई. इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बड़े बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया.
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आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी पर जोर दिया. उन्होंने दोनों देशों को वैश्विक अनिश्चितता के बीच नेचुरल और भरोसेमंद साझेदार बताया. साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बिजनेस से स्वच्छ ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और शिक्षा जैसे क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की अपील की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई बिजनेस को मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, एआई, डिजिटल इकॉनमी वगैरह जैसे क्षेत्रों में भारत की ग्रोथ स्टोरी में साझेदार बनने के लिए निमंत्रण दिया.
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Addressed the Australia-India CEO Forum in Melbourne this morning. Since 2023, this forum has gained remarkable momentum, reflecting the growing confidence in our economic partnership.
— Narendra Modi (@narendramodi) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 9, 2026
I thank PM Anthony Albanese for joining the interaction and sharing his vision for taking our… pic.twitter.com/6GDcsAkJUv
भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम के दौरान आर्थिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन में दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स का स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनकी मौजूदगी भारत और ऑस्ट्रेलिया के साझे भरोसे और उम्मीदों को दिखाती है.
वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, "आज दुनिया अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रही है. ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया के लिए स्वाभाविक और भरोसेमंद साझेदार के तौर पर आगे बढ़ना स्वाभाविक और जरूरी दोनों है. पिछले कुछ सालों में हमने दोनों देशों की क्षमताओं को मिलाकर भविष्य के सहयोग के लिए एक मजबूत ढांचा बनाया है."
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पीएम मोदी ने कहा कि 2022 में रिकॉर्ड समय में हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ईसीटीए) ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को काफी मजबूत किया और दोनों देशों में व्यवसाय के नए मौके बनाए हैं. उन्होंने कहा, "इसके लागू होने के बाद से भारत से ऑस्ट्रेलिया को एक्सपोर्ट दोगुना हो गया है और दोनों देशों के बिजनेस को नए मार्केट एक्सेस से फायदा हुआ है. हालांकि हम यहीं नहीं रुके हैं. अब हम एक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते की ओर बढ़ रहे हैं."
उन्होंने कहा, "इन कोशिशों से दोनों देशों की सरकारों ने एक नया रनवे तैयार किया है और निवेश और नवाचार का एयरक्राफ्ट अब उड़ान भरने के लिए तैयार है. आप सभी को इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाना है."
स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में मौकों पर जोर देते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि भारत हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल और विंड ऊर्जा उपकरण के लिए तेजी से एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बना रहा है. फोरम में मौजूद क्लीन एनर्जी कंपनियों के प्रतिनिधि को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "हम भारत में हाइड्रो प्रोजेक्ट्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल और विंडमिल्स के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बना रहे हैं."
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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने और 2070 तक नेट जीरो एमिशन तक पहुंचने के बड़े टारगेट तय किए हैं. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की तकनीकी विशेषज्ञता, वित्तीय रिसोर्स और नेचुरल रिजर्व भारत के ऊर्जा ट्रांजिशन को तेज करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
हाल के पॉलिसी रिफॉर्म्स का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "कुछ महीने पहले भारत ने परमाणु क्षेत्र को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया. हमने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का टारगेट रखा है. ऑस्ट्रेलिया के बड़े यूरेनियम रिजर्व सीधे भारत के न्यूक्लियर सफर से जुड़े हैं. प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत के तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में हिस्सा लेने के लिए भी निमंत्रण दिया और कहा कि पोर्ट, एयरपोर्ट, हाईवे, रेलवे और शहरी विकास प्रोजेक्ट्स में बहुत मौके हैं.
उन्होंने कहा, "भारत के पोर्ट, एयरपोर्ट, रोड, रेलवे और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ऑस्ट्रेलियाई दीर्घकालिक निवेशकों के लिए बहुत ज्यादा अवसर हैं. आज भारत में नेशनल हाईवे लगभग 34 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से बढ़ रहे हैं. रोजाना 8 किलोमीटर से ज्यादा रेलवे ट्रैक बिछाए जा रहे हैं. यह स्केल, स्पीड और स्थिरता का मेल दिखाता है."
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औद्योगिक सहयोग पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया पहले ही स्टील क्षेत्र में मजबूत साझेदार के तौर पर उभरे हैं और अब वे लो-कार्बन एल्युमीनियम, ग्रीन आयरन और क्लीन मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी जैसे एरिया में मिलकर काम कर सकते हैं.
प्रधानमंत्री ने उभरती तकनीक में सहयोग की बड़ी गुंजाइश पर भी जोर दिया और बताया कि भारत सरकार ने एआई मिशन, क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर प्रोग्राम के तहत पहलों के लिए 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा देने का वादा किया है.
उन्होंने कहा, "भारत सरकार ने एआई मिशन, क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर प्रोग्राम के तहत 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा की मदद दी है. हम डेटा सेंटर, एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ग्लोबल सॉल्यूशन बनाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं."
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ऑस्ट्रेलिया के बड़े पेंशन फंड का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए एक स्थिर और भरोसेमंद निवेश डेस्टिनेशन दिया है कि उनके कैपिटल का पूरी जिम्मेदारी से ध्यान रखा जाएगा.
उन्होंने कहा, "ऑस्ट्रेलिया के पेंशन फंड इस समय 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की परिसंपत्तियों (एसेट्स) का प्रबंधन कर रहे हैं. भारत में पेंशन की बचत को एक पवित्र जिम्मेदारी माना जाता है. हम इसे केवल पूंजी नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के भरोसे के रूप में देखते हैं. भारत आपके पेंशन फंडों के लिए सुरक्षित, स्थिर और टिकाऊ विकास के व्यापक अवसर प्रदान करता है. हमारा प्रयास होगा कि भारत में आपका भरोसा भी मजबूत हो और आपकी पूंजी भी निरंतर बढ़े."
पीएम मोदी ने शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट में बढ़ते सहयोग पर भी जोर दिया और बताया कि डीकिन यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ वोलोंगोंग ने पहले ही गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (जीआईएफटी सिटी) में कैंपस बना लिए हैं.
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उन्होंने कहा, "यह भारत में उनके भरोसे को दिखाता है. हमारा साझा लक्ष्य स्टूडेंट मोबिलिटी को टैलेंट पार्टनरशिप में बदलना होना चाहिए. अपना भाषण खत्म करते हुए प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को राष्ट्रीय राजधानियों के बीच जुड़ाव से आगे बढ़ना चाहिए और इसमें दोनों देशों के राज्य, शहर, विश्वविद्यालय और उद्योग शामिल होने चाहिए.
उन्होंने कहा, "हमारी साझेदारी सिर्फ हमारी राजधानियों या कुछ चुने हुए शहरों तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए; हमें अपने राज्यों, बड़े और छोटे दोनों शहरों, विश्वविद्यालय और उद्योगों के स्टेकहोल्डर्स को भी शामिल करना चाहिए." प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "मेरा सुझाव है कि आगे बढ़ते हुए, हम खास स्टेट-टू-स्टेट और सेक्टर-टू-सेक्टर साझेदारी की पहचान करें."
बता दें कि सीईओ फोरम हर साल मिलता है और भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के लिए आर्थिक खुशहाली बढ़ाने के तरीकों पर सरकार के प्रमुखों को सलाह देता है. पूरे साल सीईओ फोरम दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर फोकस करने वाले कई तरह के इवेंट्स में हिस्सा लेता है.
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Witnessed a truly exceptional musical performance featuring Australia’s ancient Didgeridoo and India’s Tabla. The harmony between these two timeless instruments beautifully reflected the deep cultural connect between our two nations.
— Narendra Modi (@narendramodi) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 8, 2026
Compliments to Mr. Ron Murray and Dr. Sam… pic.twitter.com/GTZtym4qur
सीईओ फोरम 2012 से सक्रिय है और इसे 2023 में पीएम मोदी और अल्बनीज ने फिर से लॉन्च किया था. उम्मीद है कि यह फोरम आर्थिक संबंधों को बढ़ाएगा और अलग-अलग क्षेत्रों में व्यापार और निवेश में ऑस्ट्रेलिया-भारत सहयोग को लागू करने में मदद करेगा. सीईओ फोरम हर साल मिलता है और भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के लिए आर्थिक खुशहाली बढ़ाने के तरीकों पर सरकार के प्रमुखों को सलाह देता है.
इससे पहले पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर महिला कलाकारों ने शिव भक्ति गीत से जुड़ी नृत्य प्रस्तुति प्रस्तुत की. इस मौके पर पीएम मोदी लगातार ताली बजाते हुए कलाकारों का हौसला बढ़ाते रहे. उन्होंने सभी कलाकारों का आभार भी जताया.
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेलबर्न पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी और खास अंदाज में स्वागत किया गया. प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ तीसरे वार्षिक शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे. इस दौरान वे कई लोगों और संगठनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, ताकि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया जा सके.''
The Australian-India Orchestra’s soulful presentation of ‘Maa Tujhe Salaam’ was wonderful. It beautifully demonstrated how music strengthens the bonds between our people. My compliments to every member of the orchestra for this memorable performance. It also shows the global… pic.twitter.com/YqQMZEJux3
— Narendra Modi (@narendramodi) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 8, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया, ''मैं ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंच गया हूं. यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देगा. मुझे प्रधानमंत्री अल्बनीज के साथ होने वाली बातचीत का इंतजार है. इस दौरान मुझे भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने का भी मौका मिलेगा, जो भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की एक अहम ताकत हैं."
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The weather in Melbourne may be cold but the warmth of the welcome from the Indian community was truly unforgettable. Their affection and unwavering bond with India continue to be a source of immense joy and pride. pic.twitter.com/FdMwfCSCu2
— Narendra Modi (@narendramodi) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 8, 2026यह भी पढ़ें
प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं. वह ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर मेलबर्न की यात्रा कर रहे हैं. इस यात्रा से भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलने की संभावना है.