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पिछले चुनाव के बाद की हिंसा नहीं भूला चुनाव आयोग, पश्चिम बंगाल में नतीजों के बाद भी तैनात रहेंगी CAPF की 500 कंपनियां

पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव और मतगणना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने CAPF की 500 कंपनियों को अगले आदेश तक तैनात रखने का निर्णय लिया है.

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04 Apr 2026
( Updated: 04 Apr 2026
08:00 AM )
पिछले चुनाव के बाद की हिंसा नहीं भूला चुनाव आयोग, पश्चिम बंगाल में नतीजों के बाद भी तैनात रहेंगी CAPF की 500 कंपनियां
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राजनीतिक दलों ने इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. इस बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शांतिपूर्वक बंगाल चुनाव कराने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की है.

बंगाल में मतगणना के बाद भी 500 कंपनियां तैनात रहेंगी

चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में मतगणना पूरी होने के बाद भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 500 कंपनियां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहेंगी. चुनाव के बाद भी सीएपीएफ की कंपनियां बंगाल में तैनात रहेंगी. यह तैनाती ईसीआई के अगले आदेश तक जारी रहेगी.

5 राज्यों में विधानसभा चुनाव घोषित

आपको बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव और गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा के आठ विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था. इसके तहत असम, केरल, पुडुचेरी, गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में 9 अप्रैल और तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। वहीं, पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा.

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चुनाव के दिन होगी छुट्टी, नहीं कटेगा वेतन

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135B के अनुसार, किसी भी व्यवसाय, व्यापार, औद्योगिक उपक्रम या किसी अन्य संस्था में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति, जिसे लोक सभा या राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के चुनाव या किसी संसदीय/विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव में मतदान का अधिकार प्राप्त है, उसे मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश प्रदान किया जाएगा.

नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना

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ऐसे सवैतनिक अवकाश के कारण किसी भी कर्मचारी के वेतन में कटौती नहीं की जाएगी. कोई भी नियोक्ता जो इन प्रावधानों का उल्लंघन करता है, उसे जुर्माने का सामना करना पड़ेगा. सभी दैनिक वेतन भोगी और आकस्मिक मजदूरों को भी मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश का अधिकार होगा.

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