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Sugar Price: चीनी खरीदने वालों के लिए खुशखबरी! त्योहार से पहले घटे दाम, सरकार का बड़ा फैसला
Sugar Price: इस बार त्योहारों से पहले चीनी को लेकर थोड़ी राहत की खबर सामने आई है. पिछले तीन हफ्तों में चीनी की खुदरा कीमत में करीब 10 फीसदी की कमी आई है. बताया जा रहा है कि जो चीनी पहले करीब 65 रुपये किलो तक बिक रही थी, उसकी कीमत अब लगभग 58.5 रुपये प्रति किलो रह गई है.
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Sugar Price: त्योहारो का मौसम शुरू हो चुका है और अब दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं. इन मौकों पर घरों में मिठाइयां और तरह-तरह के पकवान बनते हैं, इसलिए चीनी की मांग भी बढ़ जाती है. ऐसे समय में चीनी के दाम अगर बढ़ जाएं तो इसका सीधा असर आम परिवार की जेब पर पड़ता है. हालांकि, इस बार त्योहारों से पहले चीनी को लेकर थोड़ी राहत की खबर सामने आई है. पिछले तीन हफ्तों में चीनी की खुदरा कीमत में करीब 10 फीसदी की कमी आई है. बताया जा रहा है कि जो चीनी पहले करीब 65 रुपये किलो तक बिक रही थी, उसकी कीमत अब लगभग 58.5 रुपये प्रति किलो रह गई है.
सरकार ने भी उठाया बड़ा कदम
चीनी की कीमतों में गिरावट के बीच केंद्र सरकार ने बड़े पैमाने पर चीनी इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा बढ़ा दी है. पहले ऐसे थोक उपभोक्ता अपनी जरूरत के मुताबिक अधिकतम 15 दिनों का चीनी स्टॉक रख सकत थे. अब यह सीमा बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है. सरकार का मानना है कि त्योहारों के दौरान जब चीनी की मांग अचानक बढ़ेगी, तब बाजार में पर्याप्त स्टॉक मौजूद रहने से सप्लाई बनाए रखने में मदद मिलेगी. इस फैसले का असर उन कारोबारियों पर ज्यादा पड़ेगा जिन्हें रोजाना बड़ी मात्रा में चीनी की जरूरत होती है. मिठाई बनाने वाले बड़े कारोबारी, बिस्किट कंपनियां, कन्फेक्शनरी निर्माता और सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनियां चीनी की बड़ी खरीदार हैं. त्योहारों के दौरान इनकी मांग बढ़ना स्वाभाविक है.
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मिल से चीनी हुई और सस्ती
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खाद्य विभाग के मुताबिक, चीनी की कीमत में कमी सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं है..मिल से निकलने वाली चीनी की कीमत में करीब 25 फीसदी तक की गिरावट आई है. हालांकि, सरकार का कहना है कि कीमत में आई इस कमी का पूरा फायदा अभी आम ग्राहकों तक नहीं पहुंचा है.. इसी वजह से खाद्य विभाग ने थोक विक्रेताओं, खुदरा दुकानदारों और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों से कहा है कि वे कम हुई कीमतों का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाएं. अगर इसका असर बाजार में दिखाई देता है, तो आने वाले दिनों में आम लोगों को चीनी कुछ और सस्ती मिल सकती है.
30 दिन का स्टॉक, लेकिन एक शर्त के साथ
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सरकार ने स्टॉक की सीमा बढ़ाई है, लेकिन इसके साथ एक जरूरी शर्त भी रखी गई है. जो औद्योगिक उपभोक्ता हर महीने 10 टन से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब 30 दिनों तक का स्टॉक रखने की अनुमति होगी..लेकिन 15 दिनों से ज्यादा का अतिरिक्त स्टॉक टैरिफ रेट कोटा या एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत आयात की गई चीनी से ही रखा जा सकेगा. वहीं, घरेलू खुले बाजार से खरीदी गई चीनी के मामले में 15 दिनों की खपत वाली पुरानी सीमा ही लागू रहेगी.
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सरकार ने 10 लाख टन चीनी आयात की अनुमति दी
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बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने टैरिफ रेट कोटा के तहत 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति भी दी है. इसके अलावा एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत निर्यात के लिए खरीदी गई चीनी को घरेलू बाजार में बेचने की अनुमति दी गई है.
बड़े थोक उपभोक्ताओं को हर शुक्रवार खाद्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की जानकारी भी देनी होगी. इससे सरकार बाजार में उपलब्ध चीनी और स्टॉक की स्थिति पर नजर रख सकेगी.
त्योहारों में आम लोगों को कितनी राहत?
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त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ना तय माना जा रहा है. ऐसे में सरकार की ओर से स्टॉक सीमा बढ़ाने और अतिरिक्त चीनी उपलब्ध कराने की कोशिश से बाजार में सप्लाई बनाए रखने में मदद मिल सकती है. फिलहाल खुदरा कीमतों में करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है.. अगर दुकानदार और सप्लाई चेन इसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचाते हैं, तो आने वाले त्योहारों में मिठाई और पकवान बनाने वालों के लिए चीनी का खर्च कुछ कम हो सकता है..