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रोहिणी आचार्य का तेजस्वी यादव पर तीखा हमला, पार्टी पर उठाए गंभीर सवाल

रोहिणी आचार्य ने कहा, "सवाल पहले भी उठे थे, आज भी सवाल उठ रहे हैं और आगे भी उठेंगे. अगर नैतिक साहस है, तो खुले मंच पर सवालों का सामना करने की हिम्मत जुटानी चाहिए. ज्ञान कौन दे रहा और ज्ञान देने की बात कर सच्चाई से मुंह कौन चुरा रहा है, ये साफ हो जाएगा."

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रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष और अपने भाई तेजस्वी यादव पर हमला बोला है. उन्होंने तेजस्वी यादव पर पार्टी को बर्बाद करने का आरोप लगाया और चुनौती देते हुए कहा कि वे खुले मंच पर सवालों का सामना करने की हिम्मत जुटाएं. 

रोहिणी आचार्य का तेजस्वी यादव पर तीखा हमला

लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "लालू जी और पार्टी के लिए किसने क्या किया, ये तो लोकसभा और हालिया संपन्न विधानसभा के चुनावी नतीजों व पार्टी की वर्तमान स्थिति से ही साफ है. जिसे जिम्मेदारी सौंपी गई, उसने (तेजस्वी यादव), उसके आयातित गुरु (संजय यादव) और उस गुरु के गुर्गों ने लालू जी और पार्टी के प्रति समर्पित हर एक लालूवादी के दशकों के संघर्ष व प्रयासों को धो-पोंछकर पार्टी को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया."

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रोहिणी आचार्य ने कहा, "सवाल पहले भी उठे थे, आज भी सवाल उठ रहे हैं और आगे भी उठेंगे. अगर नैतिक साहस है, तो खुले मंच पर सवालों का सामना करने की हिम्मत जुटानी चाहिए. ज्ञान कौन दे रहा और ज्ञान देने की बात कर सच्चाई से मुंह कौन चुरा रहा है, ये साफ हो जाएगा."

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उन्होंने यह भी कहा कि आज पार्टी के हर एक सच्चे कार्यकर्ता, समर्थक और हितैषी का सवाल है. जिन लोगों (तेजस्वी यादव) को लालू प्रसाद यादव को नजरअंदाज कर एक तरीके से सर्वेसर्वा बना दिया गया, उन लोगों ने पार्टी के लिए क्या किया?

"समीक्षा के नाम पर किए गए दिखावे पर क्या कार्रवाई की गई?"

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रोहिणी आचार्य ने सवाल पूछा, "समीक्षा के नाम पर किए गए दिखावे पर क्या कार्रवाई की गई? समीक्षा रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई और समीक्षा रिपोर्ट में जिन लोगों पर सवाल उठे, उन पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?"

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इससे पहले भी रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधा था. रविवार को एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "सियासत के शिखर पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप. ठकुरसुहाती करने वालों और 'गिरोह-ए-घुसपैठ' को उनके हाथों की 'कठपुतली बने शहजादे' की ताजपोशी मुबारक."

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