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झारखंड में दिनभर खामोशी, रात के अंधेरे में पुलिस का छात्रों पर लाठीचार्ज, VIDEO में दिखा बर्बर मंजर!

झारखंड में जिस तरह पुलिस ने आव ना देखा ताव रात के अंधेरे में छात्रों पर लाठियां भांजी, उसके कारण किसी का सिर फटा, कोई बेसुध होकर गिर पड़ा. इतना ही नहीं कई को स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा. रांची में रात के अंधेरे में पुलिस का बर्बर लाठीचार्ज, दिनभर इंतजार किया, रात की खामोशी में ताबड़तोड़ कार्रवाई ने सवाल खड़े किए.

Image: VIDEOGRAB/ IANS
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झारखंड विधानसभा का घेराव कर रहे छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने कथित तौर बर्बर लाठीचार्ज किया. और तो और पुलिस पर आरोप लग रहे हैं कि उसने इसके लिए रात के अंधेरे का इंतजार किया. जिस तरह छात्रों पर ताबड़तोड़ लाठियां भांजी गई उसने कई सवाल खड़े किए. आखिर पुलिस को छात्रों को खदेड़ने के लिए दिनभर इंतजार क्यों करना पड़ा.

पुलिस लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए. इतना ही नहीं करीब चार पुलिसकर्मी भी जख्मी बताए जा रहे हैं. दिन में पुलिस ने अभ्यर्थियों पर पानी की बौछारें कीं, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. और फिर रात में लाठीभांजकर विधानसभा खाली करा लिया.

आपको बताएं कि जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सोमवार को करीब दस घंटे तक चले विधानसभा घेराव के बाद पुलिस ने शाम सात बजे विधानसभा की चहारदीवारी के बाहर की सड़क को खाली करा दिया. पुलिस ने विधानसभा के गेट के सामने डटे छात्रों को खदेड़ने के लिए लाठी चार्ज किया. इस दौरान कई छात्र-छात्राएं सड़क पर लेट गए और हटने से इनकार किया. कई छात्र-छात्रों ने खेतों में जाकर किसी तरह जान बचाई, खेत से लाठीचार्ज का मंजर बयां किया.

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शाम करीब चार बजे छात्रों ने आखिरी बैरिकेडिंग भी पार कर ली थी. इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा के गेट के सामने और आसपास की सड़कों पर पहुंच गए. छात्रों को रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह टकराव हुआ. पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया. प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव की भी खबर सामने आई. इस दौरान कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए.

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दिनभर के घटनाक्रम के बाद शाम सात बजे पुलिस ने विधानसभा के सामने की सड़क को खाली कराया. हालांकि, आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. सैकड़ों छात्र विधानसभा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अब भी मौजूद हैं. वे अलग-अलग समूहों में जमा हैं और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं. छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सहित विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं.

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रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद सोमवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया गया था. इस बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आंदोलन अब जनआंदोलन बन चुका है और रुकने वाला नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल कर रही है.

उन्होंने कहा कि सरकार के साथ तीन दौर की वार्ता हो चुकी है और अब छात्रों की मांगों पर ठोस फैसला होना चाहिए. महतो ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इसका असर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भी पड़ सकता है.


आपको बताएं कि झारखंड की राजधानी रांची ने सोमवार को जिस तरह का छात्र आंदोलन देखा, वह राज्य के 26 वर्षों के इतिहास में शायद पहली बार था. राज्य के अलग-अलग हिस्सों से जुटे हजारों छात्र जब विधानसभा मार्च के लिए निकले तो हर दूसरे-तीसरे हाथ में तिरंगा नजर आया. 

पुरानी विधानसभा से मौजूदा विधानसभा तक लगाए गए 10 से ज्यादा बैरिकेड छात्रों के जनसैलाब के आगे एक-एक कर ध्वस्त होते गए. उन्हें रोकने के लिए कभी वाटर कैनन की बौछारें छोड़ी गईं तो कभी आंसू गैस के गोले दागे गए. स्थिति बिगड़ी तो लाठियां भी चलीं, लेकिन छात्रों की जिद ऐसी थी कि प्रशासन की कोई भी कार्रवाई उन्हें पीछे नहीं लौटा सकी.

नौ दिनों से अनशन कर रहे जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो भी इस आंदोलन की एक अलग तस्वीर बने. सुबह से जयपाल सिंह स्टेडियम में अनशन पर बैठे महतो जब विधानसभा की ओर निकले तो एंबुलेंस से जगन्नाथपुर मंदिर तक पहुंचे. वहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया. कपड़े और डंडे से पालकी बनाई गई. महतो को उसी पालकी में बैठाकर समर्थक विधानसभा की ओर बढ़े. कुछ दूर तक उन्हें कंधों पर लेकर चला गया. उनके हाथ में पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर थी.

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उधर, विधानसभा की ओर बढ़ते छात्रों के सामने प्रशासन ने बैरिकेड की कई परतें खड़ी कर रखी थीं, लेकिन छात्र एक-एक कर उन्हें पार करते गए. आठवीं बैरिकेडिंग तक पहुंचते-पहुंचते सुरक्षा घेरा कई जगह टूट चुका था. छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल हुआ. पानी की तेज बौछारें भी उन्हें पीछे नहीं कर सकीं. मुख्य सड़क पर पुलिस का घेरा मजबूत था. छात्रों ने रास्ता बदल लिया.

कई समूह खेतों, कच्चे और पहाड़ी रास्तों से विधानसभा की ओर बढ़ने लगे. जहां बैरिकेड मिला, उसे खींचकर किनारे कर दिया. रास्ता खुलता गया और छात्रों का हुजूम आगे बढ़ता गया. इस आंदोलन में विरोध का अंदाज भी अलग-अलग दिखाई दिया. किसी के हाथ में तिरंगा था तो कोई पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचा था. कुछ प्रदर्शनकारी स्पाइडरमैन और वनमानुष की वेशभूषा में नजर आए. उनके हाथों में विरोध के संदेश लिखे थे.

ये भी पढ़ें: झारखंड विधानसभा को हजारों छात्र प्रदर्शनकारियों ने घेरा, पिछले दरवाज़े से भागे मंत्री-विधायक, भारी पुलिस बल तैनात!

भीड़ में फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की झलक भी दिखी. पूरे घटनाक्रम पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी गई. सोमवार को रांची ने जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन की ऐसी कई तस्वीरें देखीं, जिनमें छात्रों का आक्रोश भी था और विरोध दर्ज कराने के कई अनोखे तरीके भी.

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