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'बुर्के वाली महिला नहीं, मराठी हिंदू होगा मेयर...', BMC चुनाव से पहले CM फडणवीस का बड़ा ऐलान

महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने कहा कि बीएमसी का अगला मेयर मराठी हिंदू ही होगा. यह बयान AIMIM नेता वारिस पठान के उस दावे के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने मुस्लिम महिला के मेयर बनने की बात कही थी. फडणवीस ने कहा कि ऐसे बयानों पर तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल चुप रहते हैं.

'बुर्के वाली महिला नहीं, मराठी हिंदू होगा मेयर...', BMC चुनाव से पहले CM फडणवीस का बड़ा ऐलान
Devendra Fadnavis (File Photo)

महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनावों से पहले देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की राजनीति में अचानक हलचल बढ़ गई है. इसी बीच ‘मुंबई मंथन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी हलकों में गर्माहट ला दी है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि देश की सबसे अमीर महानगरपालिका बीएमसी का अगला मेयर एक मराठी हिंदू ही होगा.

फडणवीस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राज्य में चुनावी माहौल पहले से ही गरम है. दरअसल, कुछ दिन पहले हैरदराबाद से संसद और AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के नेता वारिस पठान ने दावा किया था कि मुंबई की मेयर कुर्सी पर 'बुर्का पहनने वाली एक नमाजी मुस्लिम महिला' भी बैठ सकती है. इसी बयान के जवाब में मुख्यमंत्री फडणवीस ने सख्त रुख अपनाया और अपनी बात खुलकर रखी.

फडणवीस ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जब इस तरह के बयान दिए जाते हैं, तो खुद को धर्मनिरपेक्ष कहने वाले दल चुप क्यों रहते हैं. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मुंबई का अगला मेयर मराठी हिंदू ही होगा. जब उनसे यह पूछा गया कि क्या यह पद मराठी हिंदुओं के लिए ही माना जाए, तो उन्होंने बिना किसी संकोच के ‘हां’ में जवाब दिया. इस दौरान फडणवीस ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को भी स्पष्ट किया. उन्होंने उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें कहा जाता है कि बीजेपी मराठी और गैर मराठी के नाम पर लोगों को बांटती है. मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर काम करती है और मुंबई के हर नागरिक का विकास उनके एजेंडे में शामिल है. उन्होंने जोर देकर कहा कि बीजेपी विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, न कि किसी वर्ग को बांटने के लिए.

गौरतलब है कि 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प माने जा रहे हैं. एक ओर महायुति बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना सत्ता को बनाए रखने की कोशिश में जुटी है. वहीं दूसरी ओर ठाकरे बंधु उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ‘मराठी मानुस’ के मुद्दे पर एकजुट नजर आ रहे हैं. ऐसे राजनीतिक माहौल में फडणवीस का मराठी हिंदू वाला बयान एक मास्टरस्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि इससे मराठी मतदाताओं को साधने की कोशिश की गई है. अब देखना दिलचस्प होगा कि यह बयान चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है और मुंबई की सत्ता की चाबी किसके हाथ जाती है.

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