महाराष्ट्र सरकार ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ पर कड़ा रुख अपनाया, 2025 में 2376 डिपोर्ट

योगेश कदम ने नागरिकों से अपील की कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें. राज्य की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा.

Author
28 Feb 2026
( Updated: 28 Feb 2026
11:21 PM )
महाराष्ट्र सरकार ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ पर कड़ा रुख अपनाया, 2025 में 2376 डिपोर्ट

महाराष्ट्र सरकार ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य में जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है. विधान परिषद में भाजपा विधायक प्रवीण दारकेकर द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने पर गृहराज्य मंत्री योगेश कदम ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 2025 में अब तक 2376 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया जा चुका है. यह आंकड़ा देश में सबसे अधिक है, जिससे महाराष्ट्र अन्य राज्यों से आगे निकल गया है.

महाराष्ट्र सरकार ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ अपनाया कड़ा रुख

योगेश कदम ने पिछले वर्षों के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि 2021 में 109, 2022 में 77, 2023 में 127 और 2024 में 202 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया था. 2025 में यह संख्या अचानक बढ़कर 2376 हो गई, जो केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों और राज्य स्तर पर तेज कार्रवाई का परिणाम है. नए सर्कुलर के अनुसार, सबूत मिलने पर बिना केस दर्ज किए सीधे बीएसएफ को सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे डिपोर्टेशन में तेजी आई है.

मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये घुसपैठिए सीधे मुंबई नहीं आते, बल्कि बांग्लादेश से पहले पश्चिम बंगाल पहुंचते हैं. वहां से फर्जी दस्तावेज तैयार कर महाराष्ट्र में प्रवेश करते हैं. इसलिए राज्य सरकार इंटेलिजेंस आधारित जॉइंट ऑपरेशन चला रही है. हर पुलिस स्टेशन में पांच सदस्यों की स्पेशल टीम गठित की गई है. एटीएस, लोकल पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर नियमित चेकिंग, छापेमारी और कॉम्बिंग ऑपरेशन कर रही हैं. जरूरत पड़ने पर स्पेशल टास्क फोर्स भी बनाई जा सकती है.

नए डिटेंशन सेंटर और मजदूर निगरानी

राज्य में पहली बार डिटेंशन सेंटर बनाने के लिए 20 करोड़ रुपए का फंड मंजूर हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है. निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों की जानकारी संबंधित पुलिस स्टेशन में जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है. नियम तोड़ने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है. नगर निगम और पुलिस संयुक्त रूप से फेरीवालों के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं. निर्माण कंपनियों और ठेकेदारों को घोषणा-पत्र जमा करने का निर्देश दिया गया है कि वे अवैध बांग्लादेशी मजदूर नहीं रखते.

यह भी पढ़ें

योगेश कदम ने नागरिकों से अपील की कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें. राज्य की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा.

टिप्पणियाँ 0

LIVE
Advertisement
Podcast video
देश और धर्म पर बात आई तो शरीर की 206 हड्डियों के साथ संविधान की सारी धाराएं तोड़ दूंगी! Megha
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें