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'जम्मू और कश्मीर भारत का अहम अंग...', US राजदूत सर्जियो गोर के बयान से सदमे में पाकिस्तान, मुनीर-शहबाज का मंसूबा फेल!

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पाकिस्तान जीते जी मार दिया है. कश्मीर के पहले दौरे पर पहुंचे गोर ने दो टूक कह दिया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अहम अंग है. गोर ना सिर्फ भारत में अमेरिकी राजदूत हैं बल्कि दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ट्रंप के विशेष दूत भी हैं.

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19 Aug 2026
( Updated: 19 Aug 2026
04:39 PM )
'जम्मू और कश्मीर भारत का अहम अंग...', US राजदूत सर्जियो गोर के बयान से सदमे में पाकिस्तान, मुनीर-शहबाज का मंसूबा फेल!
Image Source: X/@sergiogor
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अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर बुधवार को अपने पहले जम्मू और कश्मीर के दौरा पर पहुंचे. यहां उन्होंने पाकिस्तान को इलेक्ट्रॉनिक शॉक देते हुए दो टूक कह दिया कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक बेहद अहम हिस्सा है. ऐसे वक्त में जब पाकिस्तान ट्रंप के जरिए कश्मीर मामले को फिर से उठाना चाह रहा था, उसके लिए गोर का यह बयान किसी सदमे से कम नहीं है. गोर का यह बयान कश्मीर पर भारत के ऐतिहासिक दावे का काफी मजबूत समर्थन माना जा रहा है.

जम्मू और कश्मीर भारत का अहम अंग: सर्जियो गोर

आपको बता दें कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने और पहलगाम हमले के बाद हुए आतंकवाद विरोधी कार्रवाई; ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह किसी भी अमेरिकी राजदूत का केंद्र शासित प्रदेश का यह पहला दौरा है. इसके कई कूटनीतिक और सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. ये बताने के लिए काफी है कि घाटी में किस तरह स्थिति सामान्य है और चीजें कितनी तेजी से बदल रही हैं. इतना ही नहीं गोर के इस दौरे में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात हो रही है. इसके बाद गोर गुरुवार को लद्दाख जाएंगे.

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यह अहम दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के सात साल बाद यह यात्रा हो रही है. ऐसी भी चर्चा है कि श्रीनगर में रहने के दौरान गोर व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों और नागरिक समाज के सदस्यों से बातचीत कर सकते हैं. हालांकि, अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

Image Source-X/@sergiogor
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लद्दाख का भी दौरा करेंगे गोर, चीन को संदेश!

यानी कि गोर ना सिर्फ कश्मीर जाकर उसके विकास और तरक्की की पूरी दुनिया की गवाही देंगे बल्कि भारत और चीन के बीच सीमा तनाव वाले इलाके लद्दाख भी जाएंगे. गोर का यह दौरान पाकिस्तान के लिए किसी सदमे से कम नहीं है. एक ओर जहां पाकिस्तानी कब्जे वाले पीओजेके में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. लोग महीनों से सड़कों पर हैं और पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की बर्बरियत में सैकड़ों लोगों की जानें चली गई हैं. वहीं भारत में जम्मू और कश्मीर के लोग किस तरह रह रहे हैं ये जब अमेरिकी राजदूत खुद अपनी आंखों से देखेंगे तो पूरी दुनिया को भी पता चलेगा कि सच्चाई क्या है. यानी कि पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा एक झटके में ध्वस्त. ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान कश्मीर को लेकर शिकायत लेकर अमेरिका के पास ही पहुंचता है.

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पाकिस्तान के लिए अमेरिका का दो टूक संदेश!

गोर का दौरा इसलिए भी कूटनीतिक लिहाज से अहम है क्योंकि पाकिस्तान दशकों से कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करता आया है, विभिन्न मंचों पर झूठ परोसता रहा है. वो अमेरिका से भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की भी गुहार लगाता रहा है, लेकिन सर्जियो गोर का सीधे श्रीनगर जाना, पॉलिटिकल, इंटेलिजेंस अधिकारियों से मिलना और फर्स्ट हैंड अकाउंट चीजों को देखना अलग तस्वीर बयां करेगी और पाकिस्तान के लिए झूठ फैलाना मुश्किल हो जाएगा.

भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश में ट्रंप!

ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद ट्रंप के बड़बोलेपन और अपमानजन रवैये ने भारत-अमेरिका के संबंधों में खाई पैदा कर दी और एक अविश्वास का वातावरण पैदा कर दिया. ऐसे में ट्रंप के ख़ास गोर का खुद कश्मीर जाना और अपनी नजरों से चीजों को समझना बताता है कि अमेरिका भारत के साथ संबंधों को पटरी पर लाना चाहता है. इसे भारत की आतंकवाद रोधी कार्रवाई के लिहाज से भी अहम हो जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि गोर के जरिए वॉशिंगटन इस इलाके की सुरक्षा को भारत के नजरिए से भी समझना चाहता है.

वहीं लद्दाख जाकर चीन को भी संदेश दिया जा रहा है कि हर हिस्सा भारत का है और वो उसी का रहेगा. ये लद्दाख वही इलाका है जहां गलवान में भारत-चीनी सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी. चीन भारत के कई इलाकों पर अवैध दावा करता आया है. ऐसे में किसी अमेरिकी दूत का वहां जाना चीन के प्रोपेगेंडे की पोल ही खोलेगा. इतना ही नहीं कश्मीर मुद्दे पर अमेरिकी हस्तक्षेप को लेकर भी संदेश दे दिया गया है.

कश्मीर पर पाकिस्तान का मंसूबा फेल!

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इतना ही नहीं ईरान-अमेरिका के बीच पोस्टमैन की भूमिका निभाकर खुद को बड़ा मध्यस्थ समझ बैठे आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ के लिए ये भी किसी झटके से कम नहीं है. ऐसा इसलिए कि मुनीर, ट्रंप से अपने कथित अच्छे रिश्ते की बदौलत कश्मीर पर अपना उल्लू सीधा करना चाह रहे थे, लेकिन उसकी दाल नहीं गल पा रही है. उपर से गोर का कश्मीर दौरे ने उसके नापाक मंसूबे पर पानी फेर दिया है. गोर ना सिर्फ भारत के राजदूत हैं बल्कि पाकिस्तान के भी बॉस हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि वो दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के ट्रंप के दूत भी हैं.

आसिम मुनीर-शहबाज शरीफ को लगा 440 वोल्ट का झटका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल अपने करीबी सहयोगी सर्जियो गोर को भारत में अगला अमेरिकी राजदूत और दक्षिण व मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत नियुक्त करने की घोषणा की थी. ऐसे में कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को गोर के दौरे और हालिया बयान से बड़ा झटका लगा है. उसकी कोशिश थी कि भारत-पाकिस्तान के बीच किसी तरह की मध्यस्थता की गुंजाइश बने, लेकिन भारत के रुख और अब गौर का बयान पाकिस्तान के लिए किसी 440 वोल्ट के झटके से कम नहीं है. 

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