निवेश, सुधार और मांग का असर! GDP आंकड़ों पर PM मोदी की प्रतिक्रिया, बोले- ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पकड़ रही रफ्तार
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की आर्थिक वृद्धि 7.4% रहने का अनुमान है. पीएम मोदी ने कहा कि निवेश नीतियों और मांग आधारित सुधारों से ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ तेज हुई है. NSO के मुताबिक जीडीपी 8% बढ़ सकती है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त वर्ष 2025-26 में आर्थिक वृद्धि दर के 7.4 प्रतिशत रहने के अनुमान पर बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार की निवेश नीतियों के चलते भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस' लगातार तेज गति पकड़ रही है. बता दें वित्त वर्ष 2024-25 में यह वृद्धि 6.5 प्रतिशत थी.
PM मोदी ने साझा किया पोस्ट
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी में 8.0 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है. पीएम मोदी ने एक पोस्ट में कहा, 'यह एनडीए सरकार के व्यापक निवेश प्रोत्साहन और मांग-आधारित नीतियों की वजह से संभव हुआ है.' प्रधानमंत्री ने कहा, 'चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, विनिर्माण प्रोत्साहन हो, डिजिटल सार्वजनिक सेवाएं हों या 'व्यापार करने में आसानी', हम एक समृद्ध भारत के अपने सपने को साकार करने के लिए काम कर रहे हैं.' सेवा क्षेत्र में हुई तेजी को मुख्य प्रेरक कारक बताया गया है. इसमें वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, पेशेवर सेवाएं और सार्वजनिक प्रशासन शामिल हैं, और वित्त वर्ष 2025-26 में इन क्षेत्रों में स्थिर कीमतों पर 9.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है.
India’s Reform Express continues to gain momentum. This is powered by the NDA Government’s comprehensive investment push and demand-led policies.
Be it infrastructure, manufacturing incentives, digital public goods or ‘Ease of Doing Business’, we are working to realise our…— Narendra Modi (@narendramodi) January 7, 2026Advertisement
सरकार ने क्या कहा?
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि व्यापार, होटल, परिवहन और संचार एवं प्रसारण सेवाओं में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है. द्वितीयक क्षेत्र में विनिर्माण और निर्माण में 7 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है, जबकि कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है. वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसी) में 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जो बजट में घोषित आयकर छूट और वस्तुओं तथा सेवाओं पर जीएसटी दरों में कटौती का परिणाम बताया गया है. वित्त वर्ष 2025-26 में स्थिर कीमतों पर सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) की वृद्धि 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 7.1 प्रतिशत थी. जानकारी बयान में कहा गया कि नवंबर में जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत की जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में यह 5.6 प्रतिशत थी.
देश के लोगों के अदम्य साहस का असर
पीएम मोदी ने पहले भी कई बार यह दोहरा चुके हैं कि भारत अब ‘सुधार एक्सप्रेस’ पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. उनके मुताबिक इस परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत देश की विशाल जनसंख्या, ऊर्जावान युवा और नागरिकों का अटूट साहस है. उन्होंने कहा कि सुधारों का असल मकसद आम लोगों को सम्मानजनक जीवन देना, उद्यमियों को बिना डर नवाचार करने का अवसर देना और संस्थाओं को पारदर्शिता व भरोसे के साथ काम करने में सक्षम बनाना है. प्रधानमंत्री ने जीएसटी और भारतीय बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी जैसे सुधारों के बारे में बात करते हुए कहा कि जीएसटी में 5 और 18 प्रतिशत के दो प्रमुख स्लैब लागू होने से परिवारों, छोटे-मझोले कारोबारियों और किसानों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है.
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बताते चलें कि ताज़ा आंकड़े और सरकार का दावा यही संकेत देते हैं कि निवेश, सुधार और मजबूत घरेलू मांग के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है. सरकार को भरोसा है कि ‘सुधार एक्सप्रेस’ की यही रफ्तार आने वाले समय में विकास, रोजगार और समृद्धि के नए अवसर पैदा करेगी.