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PM मोदी की अपील के बाद बड़ा एक्शन... चांदी के इंपोर्ट पर लगी रोक, जानें क्यों सरकार ने उठाया यह कदम

चांदी के इंपोर्ट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए इसे ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ श्रेणी में डाल दिया है. अब बिना सरकारी मंजूरी के चांदी इंपोर्ट नहीं की जा सकेगी. सरकार का मकसद बढ़ते आयात और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को नियंत्रित करना है.

PM मोदी की अपील के बाद बड़ा एक्शन... चांदी के इंपोर्ट पर लगी रोक, जानें क्यों सरकार ने उठाया यह कदम
Image Source: Canva (Representative Photo)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सोना' ना ख़रीदने की अपील के बाद देश में लगातार बढ़ रहे चांदी के इंपोर्ट को लेकर केंद्र सरकार अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है. इसी कड़ी में सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए चांदी के इंपोर्ट को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है. यानी अब कोई भी कारोबारी या कंपनी बिना सरकारी मंजूरी के विदेश से चांदी इंपोर्ट नहीं कर सकेगी. सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देश में चांदी के आयात में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली है.

अप्रैल में रिकॉर्ड बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता

दरअसल, अप्रैल महीने में चांदी के इंपोर्ट में सालाना आधार पर करीब 157 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई. यही वजह है कि सरकार ने इंपोर्ट को नियंत्रित करने के लिए नियमों को और सख्त कर दिया. हाल ही में केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया था. सरकार का मकसद साफ है कि गैर-जरूरी आयात को कम किया जाए और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाया जाए.

अब लाइसेंस लेकर ही हो सकेगा आयात

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, अब बुलियन ग्रेड चांदी यानी 99.9 फीसदी या उससे अधिक शुद्धता वाली चांदी की छड़ों के आयात के लिए लाइसेंस लेना जरूरी होगा. इसके अलावा अन्य प्रकार की चांदी की छड़ों पर भी यही नियम लागू रहेगा. हार्मोनाइज्ड सिस्टम यानी HS कोड के तहत इन उत्पादों को वर्गीकृत किया जाता है. शनिवार से यह नियम पूरे देश में लागू कर दिया गया है.

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विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ रहा दबाव

असल में सरकार की चिंता केवल चांदी तक सीमित नहीं है. देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार पहले ही लोगों से गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने और कुछ समय तक सोना न खरीदने की अपील कर चुकी है. फिलहाल भारत के पास 690 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद है, जो करीब 10 महीनों के आयात को संभालने के लिए पर्याप्त माना जाता है. हालांकि वैश्विक परिस्थितियों और लंबे खिंचते युद्धों के खतरे को देखते हुए सरकार अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है.

सोने और चांदी के आयात में भारी उछाल

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आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2026 में भारत का सोने का आयात 24.08 फीसदी बढ़कर 71.98 अरब डॉलर पहुंच गया. वहीं चांदी का आयात 149.48 फीसदी की भारी बढ़ोतरी के साथ 12.05 अरब डॉलर तक जा पहुंचा. अप्रैल 2026 में अकेले चांदी का आयात 411.06 मिलियन डॉलर दर्ज किया गया, जबकि अप्रैल 2025 में यह आंकड़ा केवल 159.85 मिलियन डॉलर था. इतना ही नहीं, मार्च 2026 में भारत ने 2.47 लाख किलोग्राम से ज्यादा चांदी इंपोर्ट की, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 91 फीसदी अधिक रही. लगातार बढ़ते आयात को देखते हुए अब सरकार हर कदम बेहद सावधानी से उठा रही है. आने वाले समय में सोने और चांदी के कारोबार पर सरकार की नजर और सख्त हो सकती है.

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बताते चलें कि चांदी के बढ़ते इंपोर्ट पर सरकार की सख्ती से साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में सोने-चांदी के कारोबार से जुड़े नियम और भी कड़े किए जा सकते हैं.

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