टेरर इकोसिस्टम पर वार… जम्मू कश्मीर में पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, जमात-ए-इस्लामी के 15 ठिकानों पर छापे
सोपोर पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए हिजबुल आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े अपराधी पर शिकंजा कसा है. पुलिस ने अलगाववादी संगठनों पर भी कार्रवाई की.
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Jammu Kashmir Police Action on Terror Organisation: जम्मू कश्मीर में सेना ने आतंकी गतिविधियों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है. आतंकियों के पूरे इकोसिस्टम और राष्ट्र विरोधी एक्टिविटी के खिलाफ सेना ने बड़ी कार्रवाई की है. सोपोर में पुलिस ने 15 से ज्यादा जगहों पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत तलाशी अभियान चलाया.
पुलिस की यह कार्रवाई आतंकवाद और अलगाववादी नेटवर्क के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है. जो प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (JeI) के खिलाफ दर्ज एक मामले के सिलसिले में की गई.
हिजबुल से कनेक्शन, कुर्क की संपत्ति
सोपोर पुलिस ने एक घोषित अपराधी की अचल संपत्ति कुर्क की. इसके खिलाफ बारामूला जिले के राफियाबाद क्षेत्र में स्थित पंजल्ला थाने में मुकदमा दर्ज है. घोषित अपराधी की पहचान राशिद-उद-दीन कुरैशी निवासी नादिहाल राफियाबाद के रूप में हुई.
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी अवैध हथियार और गोला-बारूद का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए गैर-कानूनी रूप से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) चला गया था और उसका कनेक्शन प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से है. वह वर्तमान में पाकिस्तान से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी नेटवर्क के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहा है.
सोपोर में कहां-कहां चला अभियान?
पुलिस के मुताबिक, यह छापेमारी सोपोर पुलिस स्टेशन में UAPA एक्ट की धारा 10 और 13 के तहत दर्ज FIR नंबर 42/2025 के संबंध में की गई. तलाशी के दौरान जामिया कदीम, नसीम बाग, क्रांकशिवन, तराजू, अमरगढ़, वारपोरा, बोमाई, बोइटिंगू और सोपोर के अन्य इलाकों में अभियान चलाया गया. पुलिस ने कहा कि सभी तलाशी अभियान अदालत से विधिवत सर्च वारंट मिलने के बाद ही चलाए गए थे.
ये एक्शन सोपोर पुलिस के उन लगातार प्रयासों का हिस्सा है. जिनका उद्देश्य आतंकी/अलगाववादी इकोसिस्टम को खत्म करना, आतंकी नेटवर्कों को बाधित करना, उनके सहायता ढांचों को तोड़ना और राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना है.
सोपोर पुलिस ने आतंकवाद, आतंकी फंडिंग और किसी भी रूप में आतंकी संगठनों को पनाह देने या उनका समर्थन करने में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी और कड़ी कार्रवाई जारी रखने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया.
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With Input Of IANS
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