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'रात की पार्टी में जाने का नहीं, गैंगरेप हो सकता है...अहमदाबाद शहर में महिला सुरक्षा को लेकर लगे पोस्टर से मचा बवाल, जानिए पूरा मामला?

अहमदाबाद के सोला और चाणक्यपुरी इलाकों में महिला सुरक्षा को लेकर NGO द्वारा एक हिंदी फिल्म के गाने के बोल के साथ गुजराती भाषा में विवादित पोस्टर लगाए गए हैं. इसमें लिखा है कि "ऐ रंगली, रात की पार्टी में जाने का नहीं... रेप - गैंगरेप हो सकता है" और "ऐ रंगला, अंधेरे में सुनसान जगह पर रंगली को लेकर जाने का नहीं... रेप - गैंगरेप हो जाए तो...?"

'रात की पार्टी में जाने का नहीं, गैंगरेप हो सकता है...अहमदाबाद शहर में महिला सुरक्षा को लेकर लगे पोस्टर से मचा बवाल, जानिए पूरा मामला?
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गुजरात के अहमदाबाद शहर के सोला और चाणक्यपुरी इलाकों में एक NGO द्वारा लगाए गए पोस्टर से बवाल मच गया है. इस पोस्टर में गुजराती भाषा में महिला सुरक्षा को लेकर एक गाने की धुन में विवादास्पद लाइन लिखी हुई है. यह पोस्टर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों ने इसका कड़ा विरोध जताया है. इस मामले पर डीसीपी का भी बयान सामने आया है. वहीं विपक्ष ने गुजरात सरकार पर निशाना साधा है. 

महिला सुरक्षा को लेकर अहमदाबाद में लगे विवादित पोस्टर

अहमदाबाद के सोला और चाणक्यपुरी इलाकों में महिला सुरक्षा को लेकर NGO द्वारा एक हिंदी फिल्म के गाने के बोल के साथ गुजराती भाषा में विवादित पोस्टर लगाए गए हैं. इसमें लिखा है कि "ऐ रंगली, रात की पार्टी में जाने का नहीं... रेप - गैंगरेप हो सकता है" और "ऐ रंगला, अंधेरे में सुनसान जगह पर रंगली को लेकर जाने का नहीं... रेप - गैंगरेप हो जाए तो...?" इस पोस्टर के सामने आने के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. जिसको लेकर पुलिस ने फौरन आदेश देकर इसे हटाने को कहा है. 

सतर्कता ग्रुप नाम के NGO ने चिपकाए यह पोस्टर

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर में विवादास्पद लाइन के नीचे NGO ग्रुप का नाम भी लिखा है. इन पोस्टरों को सतर्कता ग्रुप नाम के NGO ने लगाया है, खबरों के मुताबिक, यह NGO ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर शहर में अवेयरनेस का काम करती है, वहीं जिस लाइन पर विवाद छिड़ा है. उसको लेकर कहा जा रहा है कि यह महिला सुरक्षा पर एक संदेश देने की बड़ी कोशिश है. हालांकि, यह अब संदेश की जगह विवाद बन गया है. इस मामले पर डीसीपी का भी बयान  सामने आया है.

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विवादित पोस्टर मामले में आया डीसीपी का बयान

इस मामले पर डीसीपी सफीन हसन का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि यह मामला कल सोशल मीडिया के जरिए पुलिस के संज्ञान में आया. जांच पड़ताल में जानकारी सामने आई है कि यह पोस्टर बिना अनुमति के लगवाए गए थे. इस पर सोला पुलिस थाने में प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज की गई है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

महिला सुरक्षा पर भी बोले डीसीपी

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डीसीपी ने अहमदाबाद शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी आश्वस्त किया है कि शहर की पुलिस पूरी तत्परता के साथ उनकी सुरक्षा में लगी रहती है. इसके अलावा आने वाले नवरात्रि महोत्सव के दौरान गरबा और अन्य कार्यक्रमों में भी पुलिस रात भर गश्त करेंगी.

विपक्ष ने गुजरात सरकार को निशाने पर लिया

इस मामले के सामने आते ही राजनीति भी शुरू हो गई है. राज्य की विपक्ष सरकार ने सत्ता पक्ष बीजेपी पर निशाना साधा है. गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोशी का कहना है कि 'जब महिला सुरक्षा को लेकर ऐसे पोस्टरों पर पुलिस का नाम स्पॉन्सर के रूप में आता है, तो यह सरकार की विफलता को उजागर करता है. राज्य में आए दिन महिलाओं और बच्चियों के साथ रेप की कई बड़ी घटनाएं सामने आ रही हैं. इसके बावजूद प्रदेश की भाजपा सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है. सरकार विपक्ष की जासूसी से ज्यादा महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करे. उसके अलावा पुलिस को डर बनाए रखना चाहिए, ताकि अपराधियों के मन में खौफ भरा रहे.'

नवरात्रि से पहले यह पोस्टर चिंता का विषय

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नवरात्रि से पहले इस पोस्ट के आने से राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. हालांकि, पुलिस प्रशासन पूरी कार्रवाई में जुटी हुई है और महिलाओं को भी उनकी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया है. 

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