दिल्ली-NCR गैस चैंबर में तब्दील, प्रदूषण और H3N2 वायरस का डबल अटैक, सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए

दिल्ली-NCR में हवा इतनी जहरीली हो गई है कि पूरा इलाका गैस चैंबर में बदल गया है. बढ़ते प्रदूषण के साथ H3N2 वायरस का कहर डबल खतरा बन गया है. हालिया सर्वे में खुलासा हुआ कि 5% घरों में खांसी, बुखार और सांस की दिक्कत जैसी बीमारियां फैल रही हैं. विशेषज्ञों ने इसे बेहद चिंताजनक स्थिति बताया है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए.

Author
31 Oct 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:20 AM )
दिल्ली-NCR गैस चैंबर में तब्दील, प्रदूषण और H3N2 वायरस का डबल अटैक, सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए

दिल्ली-एनसीआर की हवा इन दिनों जहर की तरह घुली हुई है. दिवाली के पटाखों और पराली जलाने की वजह से एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400-500 के बीच घूम रहा है, जिससे पूरा इलाका गैस चैंबर में तब्दील हो गया है. ऊपर से मौसमी वायरस जैसे H3N2 का प्रकोप बढ़ गया है, जो लोगों की सेहत पर दोहरी मार दे रहा है. लोकलसर्कल्स कम्युनिटी प्लेटफॉर्म के ताजा सर्वे ने तो जैसे सबको हिलाकर रख दिया – 75 फीसदी घरों में कम से कम एक आदमी बीमार पड़ा हुआ है. बच्चे, बूढ़े और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. आइए, इस सर्वे और हालात की गहराई में झांकते हैं.

हर चार में से तीन घर बीमार

लोकलसर्कल्स ने दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद के 15,000 से ज्यादा लोगों से बात की. सितंबर में जहां 56 फीसदी घरों में बीमारी की शिकायत थी, अब ये आंकड़ा 75 फीसदी तक पहुंच गया है. सर्वे रिपोर्ट कहती है कि 17 फीसदी घरों में चार या उससे ज्यादा लोग बीमार हैं, 25 फीसदी में दो-तीन लोग, और 33 फीसदी में सिर्फ एक. सिर्फ 25 फीसदी घर ऐसे हैं जहां सब हेल्दी हैं. 58 फीसदी परिवारों ने सिरदर्द की शिकायत की, जबकि 50 फीसदी ने सांस लेने में तकलीफ या अस्थमा का जिक्र किया. ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण और वायरस का कॉम्बो लोगों की रिकवरी को धीमा कर रहा है, और श्वास संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं.

H3N2 ने बढ़ाई मुसीबत

दिल्ली-एनसीआर में खांसी, बुखार, गले में दर्द और सांस फूलना जैसी शिकायतें आम हो गई हैं. डॉक्टर बता रहे हैं कि ये लक्षण H3N2 वायरस के हैं, जो फ्लू जैसा संक्रमण फैला रहा है. मौसम का बदलाव और जहरीली हवा ने वायरस को और ताकत दे दी है. बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उनकी इम्यून सिस्टम कमजोर होती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई मरीज 10 दिनों से ज्यादा बीमार रह रहे हैं, और अस्पतालों में ओपीडी में भीड़ लगी हुई है. एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि अगर ये सिलसिला यूं ही चला तो 'मौन महामारी' जैसी स्थिति बन सकती है.

गैस चैंबर क्यों बना दिल्ली-NCR?

दिवाली के बाद पराली जलाने का सीजन शुरू हो गया है. पंजाब और हरियाणा से आने वाला धुआं दिल्ली की हवा को और जहरीला बना रहा है. लोकल पॉल्यूशन जैसे वाहनों का धुआं, कंस्ट्रक्शन डस्ट और फैक्ट्रियां भी कम जिम्मेदार नहीं. GRAP-3 लागू हो चुका है, जिसमें कंस्ट्रक्शन बैन और वाहनों पर पाबंदी है, लेकिन जमीन पर असर कम दिख रहा. हिमालय और अरावली पहाड़ियां मिलकर प्रदूषण को 'लॉक' कर देती हैं, जिससे सर्दियों में PM2.5 लेवल 100-300 माइक्रोग्राम तक पहुंच जाता है.  

नतीजा? सांस लेना मुश्किल, आंखें जलना और स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ना.

क्या करें बचाव में? 

डॉक्टर कहते हैं कि घर पर रहें, मास्क लगाएं और HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर यूज करें. विटामिन C और इम्यूनिटी बूस्टिंग फूड जैसे नींबू, अदरक लें.  बाहर निकलें तो N95 मास्क पहनें, और लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें. सरकार को भी सख्ती बरतनी होगी – पराली जलाने पर सजा बढ़ानी पड़ेगी. वरना ये गैस चैंबर वाला सिलसिला साल दर साल बदतर होता जाएगा. ये सर्वे हमें जगाता है कि प्रदूषण सिर्फ हवा खराब नहीं करता, बल्कि जिंदगियां भी लील लेता है. क्या हम सुधारेंगे, या फिर अगले साल वही कहानी?

 

टिप्पणियाँ 0

Advertisement
Podcast video
Startup का सच बताकर Abhishek Kar ने दे दिया करोड़पति बनने का गुरु मंत्र!
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें