दिल्ली ब्लास्ट मामला: चार आरोपियों की हिरासत बढ़ी, कोर्ट ने दिया आदेश, जाँच में विदेशी हैंडलरों के लिंक!
Delhi blast: दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में पकड़े गए आरोपियों की हिरासत बढ़ा दी गई है. कोर्ट ने तीन दिनों तक शाहीन सईद सहित चार आरोपियों को हिरासत में भेजा है.
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दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए ब्लास्ट के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने डॉक्टर शाहीन, मुफ्ती इरफान अहमद, जासिर बिलाल वानी, डॉ. अदील अहमद और मुजम्मिल को भी 3 दिनों की राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (NIA) की हिरासत में भेज दिया है.
हिरासत बढ़ाने का उद्देश्य आरोपियों से विस्तृत पूछताछ
एनआईए ने मंगलवार को ही कोर्ट से डॉ. शाहीन की पुलिस रिमांड मांगी थी. डॉ. शाहीन को पिछले महीने पटियाला हाउस कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा था. एनआईए का कहना है कि हिरासत बढ़ाने का उद्देश्य आरोपी से विस्तृत पूछताछ करना और विस्फोट के पीछे के नेटवर्क को उजागर करना है. एजेंसी जांच में यह पता लगा रही है कि किस तरह से विस्फोट की योजना बनाई गई, सहयोगी कौन थे और हथियार और विस्फोटक सामग्री कैसे जुटाई गई.
जाँच में विदेशी हैंडलरों के लिंक
एजेंसी का मानना है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से लिंक है। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें डॉ. मुजम्मिल शकील गनी, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान और अन्य शामिल हैं. केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर एनआईए पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है. जांच में विदेशी हैंडलरों के लिंक भी सामने आ रहे हैं. यह गिरफ्तारी मामले में बड़ा कदम मानी जा रही है और आगे और खुलासे होने की उम्मीद है. इस हमले ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है.
5 जनवरी को पटियाला हाईकोर्ट ने दिए थे आदेश
आपको बता दें कि इससे पहले 5 जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली कार में हुए ब्लास्ट मामले में आरोपी यासिर अहमद डार की न्यायिक हिरासत बढ़ाते हुए 16 जनवरी तक राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेजने के आदेश दिए थे. यासिर अहमद डार की एनआईए हिरासत खत्म होने के बाद पाटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था. इस दौरान एनआईए ने रिमांड बढ़ाने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने 16 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्देश दिए, ताकि एजेंसी उससे विस्तृत पूछताछ कर सके.
विस्फोट में 15 लोगों ने गवाई थी जान
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इस मामले में एनआईए की जांच के अनुसार, उमर-उन-नबी 10 नवंबर को लाल किला में विस्फोटक से भरी कार चला रहा था. वह इस आतंकवादी हमले का षड्यंत्रकारी था. इस विस्फोट में 15 लोगों की जान चली गई थी. इस मामले में अब तक डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. अदील राथेर, डॉ. शाहीन सईद समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
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